फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Colleges made fake certificates in BPID entry

कॉलेजों ने फर्जी सर्टिफिकेट पर किए थे बीपीएड में प्रवेश

Fri, 24 Nov 2017 01:42 AM IST
बरेली।
बरेली। Updated Fri, 24 Nov 2017 01:42 AM IST
विज्ञापन

विज्ञापन
शैक्षिक सत्र 2015-16 में बैचलर ऑफ फिजिकल एजूकेशन (बीपीएड) के प्रवेश में कॉलेजों ने फर्जीवाड़ा किया था। अनर्ह छात्रों को फर्जी खेल सर्टिफिकेट के आधार पर बीपीएड में प्रवेश दिया गया था। जांच में यह स्पष्ट हो गया है। एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय में गुरुवार को हुई परीक्षा समिति की बैठक में ऐसे 72 बीपीएड के छात्रों के परिणाम रोकने का निर्णय लिया गया। 
संबंधित कॉलेजों को नोटिस जारी कर जवाब भी तलब किया जाएगा कि अयोग्य होने और फर्जी सर्टिफिकेट होने के बावजूद इन छात्रों को प्रवेश क्यों दिए गए। विवि से संबद्ध चार कॉलेजों में 200 बीपीएड के प्रवेश हुए थे। कॉलेजों ने मनमानी फीस वसूलते हुए अनर्ह छात्रों को प्रवेश दे दिए थे। मामला सामने आने के बाद विवि प्रशासन इसकी जांच करा रहा था। अब जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट दे दी है जिस आधार पर परीक्षा समिति ने अनर्ह छात्रों के रिजल्ट रोकने का फैसला लिया।
विज्ञापन


अग्रसारण शुल्क बढ़ाने को मंजूरी
प्राइवेट परीक्षा फार्म का अग्रसारण शुल्क बढ़ाने पर परीक्षा समिति ने सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। हालांकि शुल्क कितना होगा इस पर निर्णय नहीं हुआ। अब वित्त समिति तय करेगी कि शुल्क कितना बढ़ाया जाए। बता दें कि अब तक स्नातक का 40 रुपये और परास्नातक का 60 रुपये अग्रसारण शुल्क लिया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों को प्राइवेट परीक्षा फार्म भरवाने की जिम्मेदारी
परीक्षा समिति ने प्राइवेट परीक्षा फार्म भरवाने के लिए सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों को जिम्मेदारी देने की अनुमति दे दी है। हालांकि वही सेल्फ फाइनेंस कॉलेज फार्म भरवा पाएंगे जिनकी स्थायी मान्यता होगी। सीसीटीवी कैमरे, नकल की कभी शिकायत न हुई हो, आधारभूत सुविधाएं हों। प्राइवेट फार्म भरवाने के लिए 50 से ज्यादा कॉलेजों ने प्रस्ताव भेजे हैं। परीक्षा नियंत्रक महेश कुमार ने बताया कि मानक पूरे करने वाले कॉलेजों को ही प्राइवेट फार्म की जिम्मेदारी दी जाएगी।

परीक्षा में मोबाइल पकड़ा गया तो नहीं होगा वापस
परीक्षा में अगर छात्र के पास कोई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, मोबाइल पकड़ा जाता है तो वह वापस नहीं किया जाएगा। विवि में पहले से ही इसका नियम है, जिसका पालन नहीं हो पा रहा था। इन डिवाइस का क्या किया जाएगा, इसका निर्णय विश्वविद्यालय प्रशासन लेगा।  

मुख्य परीक्षा से पहले होंगे प्रैक्टिकल और वाइवा
परीक्षा समिति ने मुख्य परीक्षा से पहले प्रैक्टिकल और वाइवा कराने को मंजूरी दे दी है। अब तक प्रैक्टिकल और वाइवा मुख्य परीक्षाओं के बाद होते थे, जिस कारण समय से परिणाम भी जारी नहीं हो पाता था। परीक्षक प्रैक्टिकल के दिन ही अंक आनलाइन विवि को भेज देंगे।

गैप वालों को नहीं मिली परीक्षा में बैठने की मंजूरी
समिति के सामने कुछ स्पेशल केस भी रखे गए। तीन मामले थे जिनमें तीन साल से ज्यादा गैप होने पर परीक्षा में बैठने की स्पेशल अनुमति मांगी गई थी। समिति ने उनको अनुमति नहीं दी है।



वर्जन
जांच रिपोर्ट के आधार पर तय हुआ कि जिनके खेल सर्टिफिकेट सही नहीं मिले, जिनके एडमिशन गलत तरीके से हुए उनके रिजल्ट रोके जाएंगे। जो सही हैं उनके परिणाम जारी कर दिए जाएंगे। कॉलेजों से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।
- महेश कुमार, परीक्षा नियंत्रक
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed