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छह लोग मरे जरूर मगर डेंगू से एक भी नहीं
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बरेली। दमखोदा ब्लॉक के सिंधौरा गांव में कुछ ही दिनों में डेंगू से छह लोगों की मौत की खबर पर शनिवार को पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने जांच की। स्वास्थ्य विभाग ने इसके बाद गांव में छह मौत होने की बात तो स्वीकार की लेकिन डेंगू को उसकी वजह मानने से इन्कार कर दिया। सीएमओ ने दावा किया कि 20 दिनों में सिर्फ एक डेंगू संदिग्ध महिला की मौत हुई है।
गांव सिंधौरा में कई दिनों से बुखार का भीषण प्रकोप फैला हुआ है। गांव वालों के मुताबिक पिछले कुछ दिनों में ही गांव में डेंगू से एक बच्चे और महिला समेत छह लोगों की मौत हुई है। शनिवार को यह खबर सुर्खियों में आने के बाद सीएमओ के निर्देश पर छह टीमें जांच के लिए गांव भेजी गईं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक टीमों ने 1740 आबादी के गांव में बुखार पीड़ितों की जांच की। इस दौरान 220 लोगों की मलेरिया जांच में एक भी रोगी नहीं मिला। इसके अलावा 68 लोगों का डेंगू एनएस-1 टेस्ट हुआ जिसमें 12 लोग संदिग्ध तौर पर डेंगू पीड़ित मिले। पचपन लोगों की जांच में आठ में टाइफाइड मिला।
इसके बाद सीएमओ ने दावा किया कि गांव में पिछले 20 दिनों में सिर्फ एक संदिग्ध डेंगू पीड़ित महिला की मौत हुई है। उन्होंने बताया कि 11 अक्तूबर को 75 वर्षीय ओमा देवी की मौत कमजोरी और सांस में दिक्कत से हुई। 50 वर्षीय कन्हई लाल की मौत 19 अक्तूबर को उल्टी-दस्त, बुखार, पेट दर्द और लिवर में खराबी से हुई, इनकी कोई जांच नहीं हुई थी। नौ वर्षीय अध्यांशु ने 22 अक्तूबर को बरेली के निजी अस्पताल में दम तोड़ा, उसकी भी एलाइजा टेस्ट की रिपोर्ट नेगेटिव थी।
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सीएमओ ने बताया कि 27 अक्तूबर को बीमार 72 वर्षीय कलावती की मौत हुई लेकिन उन्हें भी डेंगू नहीं था। इसके बाद 24 अक्तूबर को 74 वर्ष के नत्थूलाल की गंभीर अस्थमा और ब्रोंकाइटिस की वजह से सांस लेने में दिक्कत के कारण मौत हुई। 31 साल की सरला उर्फ अनीता की 17 अक्तूबर को मौत हुई। उनकी एनएस -1 रिपोर्ट पॉजिटिव थी मगर एलाइजा टेस्ट नहीं हुआ था। यह तेज बुखार और रक्त बहने से बरेली के निजी अस्पताल में मरी।
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गांव सिंधौरा में कई दिनों से बुखार का भीषण प्रकोप फैला हुआ है। गांव वालों के मुताबिक पिछले कुछ दिनों में ही गांव में डेंगू से एक बच्चे और महिला समेत छह लोगों की मौत हुई है। शनिवार को यह खबर सुर्खियों में आने के बाद सीएमओ के निर्देश पर छह टीमें जांच के लिए गांव भेजी गईं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक टीमों ने 1740 आबादी के गांव में बुखार पीड़ितों की जांच की। इस दौरान 220 लोगों की मलेरिया जांच में एक भी रोगी नहीं मिला। इसके अलावा 68 लोगों का डेंगू एनएस-1 टेस्ट हुआ जिसमें 12 लोग संदिग्ध तौर पर डेंगू पीड़ित मिले। पचपन लोगों की जांच में आठ में टाइफाइड मिला।
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इसके बाद सीएमओ ने दावा किया कि गांव में पिछले 20 दिनों में सिर्फ एक संदिग्ध डेंगू पीड़ित महिला की मौत हुई है। उन्होंने बताया कि 11 अक्तूबर को 75 वर्षीय ओमा देवी की मौत कमजोरी और सांस में दिक्कत से हुई। 50 वर्षीय कन्हई लाल की मौत 19 अक्तूबर को उल्टी-दस्त, बुखार, पेट दर्द और लिवर में खराबी से हुई, इनकी कोई जांच नहीं हुई थी। नौ वर्षीय अध्यांशु ने 22 अक्तूबर को बरेली के निजी अस्पताल में दम तोड़ा, उसकी भी एलाइजा टेस्ट की रिपोर्ट नेगेटिव थी।
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सीएमओ ने बताया कि 27 अक्तूबर को बीमार 72 वर्षीय कलावती की मौत हुई लेकिन उन्हें भी डेंगू नहीं था। इसके बाद 24 अक्तूबर को 74 वर्ष के नत्थूलाल की गंभीर अस्थमा और ब्रोंकाइटिस की वजह से सांस लेने में दिक्कत के कारण मौत हुई। 31 साल की सरला उर्फ अनीता की 17 अक्तूबर को मौत हुई। उनकी एनएस -1 रिपोर्ट पॉजिटिव थी मगर एलाइजा टेस्ट नहीं हुआ था। यह तेज बुखार और रक्त बहने से बरेली के निजी अस्पताल में मरी।