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सीएम योगी बोले: IVRI की 136 वर्षों की साधना प्रेरणास्रोत... संवेदनाओं को विज्ञान से जोड़ते हैं वैज्ञानिक

Mon, 30 Jun 2025 04:13 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली Published by: मुकेश कुमार Updated Mon, 30 Jun 2025 04:13 PM IST
सार

आईवीआरआई के दीक्षांत समारोह में सीएम योगी ने मेधावियों से कहा कि आज का दिन आपके जीवन का एक नया अध्याय है। यह केवल डिग्री नहीं, बल्कि समाज को आपकी सेवा समर्पित करने की शपथ है। इस मौके पर सीएम ने आईवीआरआई के कार्यों की सराहना की। 

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CM Yogi addressed the scientists and researchers of IVRI Bareilly
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को बरेली स्थित भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) के 11वें दीक्षांत समारोह में शोधकर्ताओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि संस्थान की 136 वर्षों की साधना पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है। आप जैसे वैज्ञानिक मूक पशुओं की आवाज बनते हैं। आप सभी का शोध और सेवा समाज को एक नई दिशा देता है। कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू व राज्यपाल आनंदीबेन पटेल मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहीं। दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति ने मेधावियों को पदक और उपाधियां वितरित कीं। 

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मुख्यमंत्री ने बरेली को भारत की पौराणिक और आध्यात्मिक नगरी बताते हुए कहा कि यह क्षेत्र प्राचीनकाल में पांचाल देश के रूप में विख्यात था। यहां सात प्राचीन नाथ मंदिर हैं, जिन्हें ‘नाथ कॉरिडोर’ के रूप में विकसित किया जा रहा है। बाबा अलखनाथ, वनखंडीनाथ, त्रिवटीनाथ, तपेश्वरनाथ, मढ़ीनाथ, धोपेश्वरनाथ और श्री पशुपातिनाथ मंदिर बरेली की पहचान हैं। उन्होंने कहा कि जहां मंदिरों की शृंखला बरेली को आध्यात्मिक पहचान देती है, वहीं आईवीआरआई ने इसे आधुनिक वैज्ञानिक पहचान प्रदान की है।
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'हर जीव-जंतु के लिए जीवन रक्षक सेवा का केंद्र बना है IVRI'
सीएम योगी ने कहा कि आईवीआरआई न केवल पशुधन बल्कि हर जीव-जंतु के लिए जीवन रक्षक सेवा का केंद्र बना है। उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी के दौरान जब जांच एक चुनौती बनी हुई थी, तब आईवीआरआई ने उत्तर प्रदेश सरकार के साथ मिलकर दो लाख से अधिक कोविड जांच करवाईं। सीएम योगी ने कहा कि आईवीआरआई की प्रतिबद्धता यह दिखाता है कि इसकी भूमिका केवल पशु चिकित्सा तक सीमित नहीं, बल्कि वह मानव जीवन रक्षा में भी अग्रणी रही है।

संस्थान ने लंपी से मुक्त कराने में अहम भूमिका निभाई- योगी 
सीएम योगी ने कहा कि लंपी स्किन डिज़ीज की दूसरी लहर के दौरान जब गोवंश बुरी तरह प्रभावित हुआ, तब आईवीआरआई द्वारा विकसित टीके ने उत्तर प्रदेश को संक्रमण से मुक्त कराने में अहम भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री ने वैज्ञानिकों को उनके मूक प्राणियों की सेवा के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि उनकी खोजों ने किसानों के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव लाए हैं। पशुधन की उन्नत नस्ल देकर अन्नदाता को सशक्त किया है। आईवीआरआई की 136 वर्षों की यह साधना पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है।

शोधकर्ताओं को दिया ये संदेश 
दीक्षांत समारोह में डिग्री प्राप्त करने वाले छात्रों को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि आज का दिन आपके जीवन का एक नया अध्याय है। यह केवल डिग्री नहीं, बल्कि समाज को आपकी सेवा समर्पित करने की शपथ है। आपकी यह यात्रा राष्ट्र के भविष्य निर्माण में निर्णायक होगी। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में कौन कैसे खड़ा होता है, यही उसकी पहचान तय करता है। 

उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की कविता सुनाते हुए कहा कि आदमी को चाहिए, वह जूझे। परिस्थितियों से लड़े। एक स्वप्न टूटे तो दूसरा गढ़े। उन्होंने कहा कि डिग्री प्राप्त करने वाले सभी छात्रों के लिए यह महत्वपूर्ण पल है। छात्रों से अपेक्षा जताते हुए कहा कि वह ‘विकसित भारत’ की परिकल्पना को साकार करने में अग्रणी भूमिका निभाएं। सभी को बधाई और शुभकामनाएं। 

CM Yogi addressed the scientists and researchers of IVRI Bareilly
यूपी की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल - फोटो : अमर उजाला

कृषि शिक्षा को ग्रामीण जरूरतों से जोड़ें- राज्यपाल आनंदीबेन पटेल
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले सभी छात्र-छात्राएं अपने-अपने विभागों में अच्छा कार्य कर रहे हैं और जिसने श्रेष्ठ कार्य किया है, उसे मेडल अवश्य मिलना चाहिए, परंतु पुरस्कार न मिलने वालों को निराश नहीं होना चाहिए। उन्होंने कृषि शिक्षा को ग्रामीण जरूरतों से जोड़ने की अपील करते हुए कहा कि विश्वविद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और ग्रामीण सहभागिता जरूरी है। राज्यपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “क्वालिटी एजुकेशन” के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि हमें अपने विश्वविद्यालयों को विश्वस्तरीय बनाना है। 

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में कुल पांच कृषि विश्वविद्यालय हैं और हमें यह समझना होगा कि हमारी जरूरतें, समस्याएं और प्राथमिकताएं क्या हैं, तभी हम गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को आगे बढ़ा सकते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि विश्वविद्यालयों को आसपास के गांवों से छात्रों को जोड़ने के लिए प्रयास करने चाहिए और यही सच्चे अर्थों में शिक्षा का उद्देश्य होगा। अयोध्या का कृषि विश्वविद्यालय जहां देश में नैक में A+ ग्रेड पाकर पहले स्थान पर है, वहीं मेरठ की सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय A श्रेणी में सम्मिलित है यह गर्व का विषय है।

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