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Bareilly News: चोक नाले फिर बने मुसीबत<bha>;</bha> स्मार्ट सिटी की सड़कें डूबीं, घरों और दुकानों में भरा पानी
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बरेली। लगातार बारिश ने एक बार फिर स्मार्ट सिटी की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। नगर निगम की तरफ से इस वर्ष नालों की सफाई के लिए ढाई करोड़ का टेंडर कराया गया था। बजट तो साफ हो गया, पर नाले चोक ही रह गए। नतीजा, सुभाषनगर, सिकलापुर, रेजीडेंसी गार्डन, राजेंद्रनगर, रामपुर बाग, सिविल लाइंस, मढ़ीनाथ, हजियापुर और मॉडल टाउन समेत प्रमुख इलाकों की सड़कें शनिवार को जलमग्न हो गईं। इससे जहां आवागमन बाधित है, वहीं लोगों के घरों-दुकानों में भी चार फुट तक पानी भर गया है। लोग पलायन कर रहे हैं।
शनिवार सुबह सेटेलाइट बस अड्डा परिसर सहित आसपास की सड़क पानी में डूब गई। इससे यात्रियों और राहगीरों को मुसीबत झेलनी पड़ी। मलूकपुर इलाके में भी जलभराव ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। सुभाषनगर पुलिया के नीचे जलभराव से दिनभर आवागमन प्रभावित रहा। दोपहिया वाहन चालकों व पैदल राहगीरों को सर्वाधिक परेशानी हुई। अन्य इलाकों में भी सड़कों पर जलभराव होने से यातायात की रफ्तार प्रभावित हुई। कई स्थानों पर लोगों को वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ा।
- सिकलापुर में 20 फुट चौड़े नाले पर अतिक्रमण के चलते जलभराव से निजात नहीं मिल रही है। यहां दो फुट तक पानी भरा है। फर्नीचर मंडी की 15 से 30 दुकानों में पानी भरने से सामान खराब हो रहे हैं। पवन विहार में भी डेढ़ से दो फुट पानी भर गया है। नगर निगम की ओर से यहां भी पंपिंग मशीन लगाई गई है। त्रिवेणी एन्क्लेव और लाजपतनगर क्षेत्र में भी जलभराव हुआ है।
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- 20 दिनों पहले रेजीडेंसी गार्डन में छह फुट तक जलभराव हुआ था। इस बार भी यहां चार फुट तक पानी भर गया है। फौव्वारे के पिछले हिस्सों में करीब 150 घरों में जलभराव हुआ है। इससे लोग होटलों में और रिश्तेदारों के यहां शरण ले रहे हैं। कॉलोनी के गेट पर लोग खड़े होकर अपने घरों की रखवाली कर रहे हैं। निगम का दावा है कि यदि बारिश बंद हो गई तो दो दिनों में जलनिकासी करा दी जाएगी।
लोग बोले- पिछली बार से भी खराब होंगे हालात
रेजीडेंसी गार्डन में तीन फुट तक पानी भर गया है। अगर पानी कम नहीं हुआ तो हालात पिछले बार से भी खराब होंगे। निजी व्यवस्था के तहत पंप लगाकर यहां का पानी संजयनगर के नालों में निकाला जा रहा है। - देव केशवानी
कॉलोनी में जलभराव हो गया है। कई घरों में तीन फुट तक पानी भर गया है। लोग घर छोड़कर रिश्तेदारों के यहां जाने लगे हैं। नगर निगम की तरफ से जलनिकासी के लिए टैंक व जेसीबी की व्यवस्था की गई है। - ओमवीर सिंह
11 जगहों पर गिरे पेड़ व खंभे, चपेट में आई कार
बरेली। तेज बारिश व हवा के चलते शहर में 11 जगहों पर पेड़ व खंभे गिरे हैं। इसमें कोई हताहत नहीं हुआ है। सिकलापुर के बाग ब्रिगटान जोगियान मदरसे वाली गली में गंगाराम के मकान का लिंटर गिर गया। मॉडल टाउन में शुक्रवार रात एक बड़ा पेड़ कार व दुकान के ऊपर गिर गया। इससे काफी नुकसान हुआ। नैनीताल रोड पर कांग्रेस कार्यालय के सामने विशालकाय पेड़ गिर गया। सूद धर्मकांटा के पास भी पेड़ गिर गया। पीलीभीत मार्ग पर दो पेड़ गिरे। संजयनगर क्षेत्र में बिजली का खंभा टेढ़ा हो गया। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. भानुप्रकाश ने बताया कि नगर निगम व वन विभाग की टीमों ने साथ मिलकर पेड़ों को हटाया। ब्यूरो
अधिकारियों-कर्मचारियों की छुट्टी पर एक सप्ताह तक रोक
बरेली। जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने अधिकारियों-कर्मचारियों की छुट्टियों पर एक सप्ताह तक रोक लगा दी है। सार्वजनिक समेत कोई अवकाश स्वीकृत नहीं होगा। विशेष परिस्थिति में अनुमति पर अवकाश मिलेगा। जिलाधिकारी ने बताया कि लगातार बारिश के चलते जिले में जलभराव समेत अन्य समस्याएं उत्पन्न होने की आशंका है। किसी भी क्षेत्र में अचानक आपात स्थिति बनने पर तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू कराने के लिए संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मुख्यालय पर उपलब्ध रहें, इसके निर्देश दिए गए हैं। बिना सूचना, अनुमति के अवकाश स्वीकृत नहीं होगा। विशेष परिस्थिति में अवकाश के लिए संबंधित को पहले जिलाधिकारी को जानकारी देनी होगी।
घरों में भरा पानी
फतेहगंज पश्चिमी। माली मोहल्ले की नई बस्ती में हेमपाल ड्राइवर, बबलू कुम्हार, विपिन मौर्य और वकील साहब के घरों में पानी भर गया है। खेतों में फसलें भी जलमग्न हो गई हैं। संवाद
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निचले इलाकों का भ्रमण करके वहां से जलनिकासी की व्यवस्था कराई जा रही है। रेजीडेंसी गार्डन, संजयनगर, सिविल लाइंस आदि इलाकों में जलनिकासी कराई जा रही है। यदि बारिश बंद हो गई तो दो दिनों में हालात सामान्य हो जाएंगे। - संजीव कुमार मौर्य, नगर आयुक्त
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चार उपकेंद्रों में भरा पानी...छह फीडर ठप, आधे शहर की बिजली गुल
बरेली। लगातार बारिश से महानगर, डेलापीर, हरूनगला और सुभाषनगर उपकेंद्रों में पानी भर गया। इससे शनिवार तड़के तीन बजे से इन इलाकों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई जो शनिवार शाम चार बजे तक प्रभावित रही। आधा दर्जन फीडर 10 घंटे से अधिक समय तक ब्रेकडाउन में रहे। बारिश, जलभराव और फाॅल्ट के बीच हजारों उपभोक्ता घंटों बिजली संकट से जूझते रहे।
विद्युत निगम के अधिकारियों के अनुसार, उपकेंद्र परिसर में पानी भरने से बिजली उपकरणों की सुरक्षा का संकट खड़ा हो गया। फॉल्ट करने से पहले टीमों को जलभराव से निपटना पड़ा और सुरक्षा इंतजाम करने पड़े। इससे आपूर्ति बहाल करने में समय लगा। एक साथ कई स्थानों पर फॉल्ट आने से विद्युत निगम के सामने आपूर्ति सामान्य करने की चुनौती बढ़ गई।
दुर्गानगर, सिविल लाइंस, बदायूं रोड, किला समेत कई इलाकों में ट्रांसफार्मरों के आसपास जलभराव हो गया। पानी में करंट उतरने की आशंका को लेकर स्थानीय लोगों ने विद्युत निगम को सूचित किया। कई स्थानों पर एहतियातन बिजली आपूर्ति बंद करनी पड़ी।
रात से ही फाॅल्ट खोजने में जुटीं टीमें
निगम की टीमें शुक्रवार देर रात से शनिवार तक अलग-अलग इलाकों में फाॅल्ट तलाशने और जलभराव दूर करने में जुटी रहीं। जहां पानी अधिक था, वहां कर्मचारियों को पहले सुरक्षित स्थिति का इंतजार करना पड़ा। इसके बाद फीडरों और अन्य विद्युत उपकरणों की जांच कर आपूर्ति बहाल कराई गई।
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डेलापीर, महानगर, सुभाषनगर उपकेंद्रों में जलभराव की वजह से फीडर ठप रहे। महानगर उपकेंद्र को चालू करा दिया गया है। महानगर उपकेंद्र में काम जारी है। सुभाषनगर में बिजली लाइन पर पेड़ गिर गया है। वहां भी मरम्मत कार्य जारी है। - ललित कुमार, अधीक्षण अभियंता शहरी
स्कूल की दीवारों में उतरा करंट, बचा हादसा
फतेहगंज पश्चिमी। उच्च प्राथमिक विद्यालय औंध की दीवारों में करंट उतर गया। गनीमत रही कि अवकाश होने के कारण बच्चे विद्यालय में मौजूद नहीं थे। प्रधानाध्यापक राहुल यदुवंशी ने बिजली सप्लाई बंद कराई। उन्होंने बताया कि बारिश से दीवारों में सीलन आ गई थी, जिससे करंट महसूस होने लगा। विद्युत फॉल्ट तलाशने का प्रयास किया गया, लेकिन उसका पता नहीं चल सका। फिलहाल मुख्य केबल से जुड़ा कटआउट निकलवाकर विद्युत सप्लाई बंद कर दी गई है। बारिश रुकने के बाद मरम्मत कराई जाएगी। संवाद
पूरे दिन बिजली रही गुल
फतेहगंज पश्चिमी। कस्बा और ग्रामीण अंचल में शनिवार को दिनभर बिजली गुल रही। फतेहगंज पश्चिमी और ठिरिया खेतल, कुरतरा, उनासी आदि गांवों में लोग बिजली के लिए तरसते रहे। घरों के इन्वर्टर डाउन हो गए। मोबाइल फोन की बैटरी खत्म होने से संपर्क में दिक्कत आई। शाम तक आपूर्ति बहाल न होने से कई घरों में अंधेरा छा गया। एसडीओ अंकित द्विवेदी ने बताया कि बारिश रुकने पर ही अगले 24 घंटे में आपूर्ति दुरुस्त होगी। संवाद
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धान-गन्ने की फसलें बिछीं, दलहन में सड़न का बढ़ा खतरा
बरेली। लगातार बारिश और तेज हवा से खेतों में खड़ी धान और गन्ने की फसलें बिछ गई हैं। कटाई के मुहाने पर पहुंच चुकी धान की फसल को ज्यादा नुकसान पहुंचा है। खेतों में पानी भरने से उड़द, मूंग, तिल समेत अन्य दलहनी और तिलहनी फसलों समेत सब्जियों पर सड़न और फंगस का खतरा बढ़ गया है। इससे किसानों को लागत निकालने में भी मुश्किल आएगी।
विभागीय रिपोर्ट के अनुसार, जिले में 5.44 लाख किसान हैं। डेढ़ लाख हेक्टेयर में धान, 1.25 लाख हेक्टेयर में गन्ने की खेती की गई है। दोनों प्रमुख फसलों पर बारिश और तेज हवा का असर किसानों के लिए चिंता का सबब बन गया है। 15,063.51 हेक्टेयर में उड़द, 1,398.14 हेक्टेयर में मूंग, 360.04 हेक्टेयर में अरहर और 6,365.64 हेक्टेयर में तिल बोया गया है। खेतों में पानी भरने से इन फसलों में सड़न और फंगस लगने की आशंका है। इसके अलावा, 7,761 हेक्टेयर में बाजरा, 4,124 में ज्वार, 946 में मक्का, 27.01 में श्रीअन्न, 25 में मूंगफली और नौ हेक्टेयर में सोयाबीन की बोआई की गई है। सब्जी उत्पादकों को भी जलभराव के कारण नुकसान की चिंता सता रही है।
सोमवार से होगा सर्वे, खेतों से पानी निकालने की सलाह
कृषि विभाग ने सभी विकासखंडों में तैनात अधिकारियों को नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। किसानों को फसल बीमा का लाभ लेने के लिए जागरूक करने को कहा गया है। सोमवार से विशेष टीमें गांव-गांव जाकर फसलों को हुई क्षति का आकलन करेंगी। इसके बाद नुकसान की वास्तविक स्थिति सामने आएगी। कृषि विभाग ने किसानों से खेतों से जलनिकासी सुनिश्चित करने की अपील की है। इससे फसल को होने वाले नुकसान को कुछ हद तक कम किया जा सकता है। जिन किसानों ने फसलों का बीमा कराया है, उन्हें नुकसान की सूचना संबंधित टोल-फ्री नंबर पर देने की सलाह दी गई है।
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धान, गन्ना समेत अन्य फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। किसानों से आग्रह है कि 48 घंटे के भीतर फसल बीमा योजना का लाभ लें। असुविधा होने पर स्थानीय ब्लॉक या फिर कृषि अधिकारी और उप निदेशक कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। फसल नुकसान को लेकर सर्वे कराने के लिए भी टीमों को आदेशित कर दिया गया है। - ओपी मिश्र, उप निदेशक, कृषि
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स्कूली कार्यक्रमों में छोटे बच्चों को शामिल करने की मनाही
बरेली। मौसम विभाग के क्रमिक अलर्ट के मद्देनजर स्कूलों में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में छोटे बच्चों को शामिल नहीं करने के निर्देश जारी हुए हैं। जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने गांधी जयंती पर होने वाले कार्यक्रमों की समीक्षा के दौरान यह दिशा-निर्देश बीएसए, डीआईओएस को दिए हैं। कहा कि बारिश के चलते बच्चों को कोई परेशानी न हो इसका पूरा ध्यान रखा जाए।
अधिकारियों को सेवा संकल्प अभियान के तहत जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में जिला स्तरीय प्रदर्शनी के आयोजन, फोटो-वीडियो मेरे सपनों का भारत हैशटैग संग सोशल मीडिया पर अपलोड करने के निर्देश दिए। नगर आयुक्त को मलिन बस्तियों में सफाई, जिला विकास अधिकारी को विधानसभा क्षेत्रों में नुक्कड़ नाटक, डीपीओ को आंगनबाड़ी केंद्रों पर आशा बहुओं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का सम्मान समारोह आयोजित के निर्देश दिए।
कुष्ठ आश्रम, वृद्धाश्रम में भी कार्यक्रम आयोजित करने के लिए कहा। पौधरोपण समेत उनके संरक्षण के लिए ट्री गार्ड लगाने पर जोर दिया। सिटी मजिस्ट्रेट राजेश कुमार वर्मा ने कहा कि सभी सरकारी, निजी भवनों पर राष्ट्रध्वज फहराया जाएगा। रघुपति राघव राजा राम...का सामूहिक गान होगा।
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खपरैल का मकान गिरा, जनजीवन अस्त-व्यस्त
रिठौरा। गांव आसपुर हसन अली में बारिश की वजह से शनिवार को मजदूर शाहिद मंसूरी का खपरैल का मकान गिर गया। जलभराव के कारण शनिवार का साप्ताहिक बाजार बंद रहा। कस्बे और ग्रामीण क्षेत्रों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। ईओ अंकित कुमार गंगवार ने बताया कि सफाई टीमें काम कर रही हैं। स्थिति जल्द सामान्य करा दी जाएगी। किसान चौधरी सत्यवीर सिंह ने बताया कि मुड़िया अहमदनगर, चावड़, कुम्हरा, कलापुर, सिंघाई नवदिया आदि गांवों में भी फसलें बिछ गई हैं। बरेली-पीलीभीत हाईवे पर गांव कलापुर स्थित एक होटल के पास शनिवार को पेड़ गिरने से जाम लग गया। वनकर्मियों ने उसको हटाकर यातायात बहाल कराया। संवाद
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शनिवार सुबह सेटेलाइट बस अड्डा परिसर सहित आसपास की सड़क पानी में डूब गई। इससे यात्रियों और राहगीरों को मुसीबत झेलनी पड़ी। मलूकपुर इलाके में भी जलभराव ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। सुभाषनगर पुलिया के नीचे जलभराव से दिनभर आवागमन प्रभावित रहा। दोपहिया वाहन चालकों व पैदल राहगीरों को सर्वाधिक परेशानी हुई। अन्य इलाकों में भी सड़कों पर जलभराव होने से यातायात की रफ्तार प्रभावित हुई। कई स्थानों पर लोगों को वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ा।
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- सिकलापुर में 20 फुट चौड़े नाले पर अतिक्रमण के चलते जलभराव से निजात नहीं मिल रही है। यहां दो फुट तक पानी भरा है। फर्नीचर मंडी की 15 से 30 दुकानों में पानी भरने से सामान खराब हो रहे हैं। पवन विहार में भी डेढ़ से दो फुट पानी भर गया है। नगर निगम की ओर से यहां भी पंपिंग मशीन लगाई गई है। त्रिवेणी एन्क्लेव और लाजपतनगर क्षेत्र में भी जलभराव हुआ है।
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- 20 दिनों पहले रेजीडेंसी गार्डन में छह फुट तक जलभराव हुआ था। इस बार भी यहां चार फुट तक पानी भर गया है। फौव्वारे के पिछले हिस्सों में करीब 150 घरों में जलभराव हुआ है। इससे लोग होटलों में और रिश्तेदारों के यहां शरण ले रहे हैं। कॉलोनी के गेट पर लोग खड़े होकर अपने घरों की रखवाली कर रहे हैं। निगम का दावा है कि यदि बारिश बंद हो गई तो दो दिनों में जलनिकासी करा दी जाएगी।
लोग बोले- पिछली बार से भी खराब होंगे हालात
रेजीडेंसी गार्डन में तीन फुट तक पानी भर गया है। अगर पानी कम नहीं हुआ तो हालात पिछले बार से भी खराब होंगे। निजी व्यवस्था के तहत पंप लगाकर यहां का पानी संजयनगर के नालों में निकाला जा रहा है। - देव केशवानी
कॉलोनी में जलभराव हो गया है। कई घरों में तीन फुट तक पानी भर गया है। लोग घर छोड़कर रिश्तेदारों के यहां जाने लगे हैं। नगर निगम की तरफ से जलनिकासी के लिए टैंक व जेसीबी की व्यवस्था की गई है। - ओमवीर सिंह
11 जगहों पर गिरे पेड़ व खंभे, चपेट में आई कार
बरेली। तेज बारिश व हवा के चलते शहर में 11 जगहों पर पेड़ व खंभे गिरे हैं। इसमें कोई हताहत नहीं हुआ है। सिकलापुर के बाग ब्रिगटान जोगियान मदरसे वाली गली में गंगाराम के मकान का लिंटर गिर गया। मॉडल टाउन में शुक्रवार रात एक बड़ा पेड़ कार व दुकान के ऊपर गिर गया। इससे काफी नुकसान हुआ। नैनीताल रोड पर कांग्रेस कार्यालय के सामने विशालकाय पेड़ गिर गया। सूद धर्मकांटा के पास भी पेड़ गिर गया। पीलीभीत मार्ग पर दो पेड़ गिरे। संजयनगर क्षेत्र में बिजली का खंभा टेढ़ा हो गया। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. भानुप्रकाश ने बताया कि नगर निगम व वन विभाग की टीमों ने साथ मिलकर पेड़ों को हटाया। ब्यूरो
अधिकारियों-कर्मचारियों की छुट्टी पर एक सप्ताह तक रोक
बरेली। जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने अधिकारियों-कर्मचारियों की छुट्टियों पर एक सप्ताह तक रोक लगा दी है। सार्वजनिक समेत कोई अवकाश स्वीकृत नहीं होगा। विशेष परिस्थिति में अनुमति पर अवकाश मिलेगा। जिलाधिकारी ने बताया कि लगातार बारिश के चलते जिले में जलभराव समेत अन्य समस्याएं उत्पन्न होने की आशंका है। किसी भी क्षेत्र में अचानक आपात स्थिति बनने पर तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू कराने के लिए संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मुख्यालय पर उपलब्ध रहें, इसके निर्देश दिए गए हैं। बिना सूचना, अनुमति के अवकाश स्वीकृत नहीं होगा। विशेष परिस्थिति में अवकाश के लिए संबंधित को पहले जिलाधिकारी को जानकारी देनी होगी।
घरों में भरा पानी
फतेहगंज पश्चिमी। माली मोहल्ले की नई बस्ती में हेमपाल ड्राइवर, बबलू कुम्हार, विपिन मौर्य और वकील साहब के घरों में पानी भर गया है। खेतों में फसलें भी जलमग्न हो गई हैं। संवाद
निचले इलाकों का भ्रमण करके वहां से जलनिकासी की व्यवस्था कराई जा रही है। रेजीडेंसी गार्डन, संजयनगर, सिविल लाइंस आदि इलाकों में जलनिकासी कराई जा रही है। यदि बारिश बंद हो गई तो दो दिनों में हालात सामान्य हो जाएंगे। - संजीव कुमार मौर्य, नगर आयुक्त
चार उपकेंद्रों में भरा पानी...छह फीडर ठप, आधे शहर की बिजली गुल
बरेली। लगातार बारिश से महानगर, डेलापीर, हरूनगला और सुभाषनगर उपकेंद्रों में पानी भर गया। इससे शनिवार तड़के तीन बजे से इन इलाकों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई जो शनिवार शाम चार बजे तक प्रभावित रही। आधा दर्जन फीडर 10 घंटे से अधिक समय तक ब्रेकडाउन में रहे। बारिश, जलभराव और फाॅल्ट के बीच हजारों उपभोक्ता घंटों बिजली संकट से जूझते रहे।
विद्युत निगम के अधिकारियों के अनुसार, उपकेंद्र परिसर में पानी भरने से बिजली उपकरणों की सुरक्षा का संकट खड़ा हो गया। फॉल्ट करने से पहले टीमों को जलभराव से निपटना पड़ा और सुरक्षा इंतजाम करने पड़े। इससे आपूर्ति बहाल करने में समय लगा। एक साथ कई स्थानों पर फॉल्ट आने से विद्युत निगम के सामने आपूर्ति सामान्य करने की चुनौती बढ़ गई।
दुर्गानगर, सिविल लाइंस, बदायूं रोड, किला समेत कई इलाकों में ट्रांसफार्मरों के आसपास जलभराव हो गया। पानी में करंट उतरने की आशंका को लेकर स्थानीय लोगों ने विद्युत निगम को सूचित किया। कई स्थानों पर एहतियातन बिजली आपूर्ति बंद करनी पड़ी।
रात से ही फाॅल्ट खोजने में जुटीं टीमें
निगम की टीमें शुक्रवार देर रात से शनिवार तक अलग-अलग इलाकों में फाॅल्ट तलाशने और जलभराव दूर करने में जुटी रहीं। जहां पानी अधिक था, वहां कर्मचारियों को पहले सुरक्षित स्थिति का इंतजार करना पड़ा। इसके बाद फीडरों और अन्य विद्युत उपकरणों की जांच कर आपूर्ति बहाल कराई गई।
डेलापीर, महानगर, सुभाषनगर उपकेंद्रों में जलभराव की वजह से फीडर ठप रहे। महानगर उपकेंद्र को चालू करा दिया गया है। महानगर उपकेंद्र में काम जारी है। सुभाषनगर में बिजली लाइन पर पेड़ गिर गया है। वहां भी मरम्मत कार्य जारी है। - ललित कुमार, अधीक्षण अभियंता शहरी
स्कूल की दीवारों में उतरा करंट, बचा हादसा
फतेहगंज पश्चिमी। उच्च प्राथमिक विद्यालय औंध की दीवारों में करंट उतर गया। गनीमत रही कि अवकाश होने के कारण बच्चे विद्यालय में मौजूद नहीं थे। प्रधानाध्यापक राहुल यदुवंशी ने बिजली सप्लाई बंद कराई। उन्होंने बताया कि बारिश से दीवारों में सीलन आ गई थी, जिससे करंट महसूस होने लगा। विद्युत फॉल्ट तलाशने का प्रयास किया गया, लेकिन उसका पता नहीं चल सका। फिलहाल मुख्य केबल से जुड़ा कटआउट निकलवाकर विद्युत सप्लाई बंद कर दी गई है। बारिश रुकने के बाद मरम्मत कराई जाएगी। संवाद
पूरे दिन बिजली रही गुल
फतेहगंज पश्चिमी। कस्बा और ग्रामीण अंचल में शनिवार को दिनभर बिजली गुल रही। फतेहगंज पश्चिमी और ठिरिया खेतल, कुरतरा, उनासी आदि गांवों में लोग बिजली के लिए तरसते रहे। घरों के इन्वर्टर डाउन हो गए। मोबाइल फोन की बैटरी खत्म होने से संपर्क में दिक्कत आई। शाम तक आपूर्ति बहाल न होने से कई घरों में अंधेरा छा गया। एसडीओ अंकित द्विवेदी ने बताया कि बारिश रुकने पर ही अगले 24 घंटे में आपूर्ति दुरुस्त होगी। संवाद
धान-गन्ने की फसलें बिछीं, दलहन में सड़न का बढ़ा खतरा
बरेली। लगातार बारिश और तेज हवा से खेतों में खड़ी धान और गन्ने की फसलें बिछ गई हैं। कटाई के मुहाने पर पहुंच चुकी धान की फसल को ज्यादा नुकसान पहुंचा है। खेतों में पानी भरने से उड़द, मूंग, तिल समेत अन्य दलहनी और तिलहनी फसलों समेत सब्जियों पर सड़न और फंगस का खतरा बढ़ गया है। इससे किसानों को लागत निकालने में भी मुश्किल आएगी।
विभागीय रिपोर्ट के अनुसार, जिले में 5.44 लाख किसान हैं। डेढ़ लाख हेक्टेयर में धान, 1.25 लाख हेक्टेयर में गन्ने की खेती की गई है। दोनों प्रमुख फसलों पर बारिश और तेज हवा का असर किसानों के लिए चिंता का सबब बन गया है। 15,063.51 हेक्टेयर में उड़द, 1,398.14 हेक्टेयर में मूंग, 360.04 हेक्टेयर में अरहर और 6,365.64 हेक्टेयर में तिल बोया गया है। खेतों में पानी भरने से इन फसलों में सड़न और फंगस लगने की आशंका है। इसके अलावा, 7,761 हेक्टेयर में बाजरा, 4,124 में ज्वार, 946 में मक्का, 27.01 में श्रीअन्न, 25 में मूंगफली और नौ हेक्टेयर में सोयाबीन की बोआई की गई है। सब्जी उत्पादकों को भी जलभराव के कारण नुकसान की चिंता सता रही है।
सोमवार से होगा सर्वे, खेतों से पानी निकालने की सलाह
कृषि विभाग ने सभी विकासखंडों में तैनात अधिकारियों को नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। किसानों को फसल बीमा का लाभ लेने के लिए जागरूक करने को कहा गया है। सोमवार से विशेष टीमें गांव-गांव जाकर फसलों को हुई क्षति का आकलन करेंगी। इसके बाद नुकसान की वास्तविक स्थिति सामने आएगी। कृषि विभाग ने किसानों से खेतों से जलनिकासी सुनिश्चित करने की अपील की है। इससे फसल को होने वाले नुकसान को कुछ हद तक कम किया जा सकता है। जिन किसानों ने फसलों का बीमा कराया है, उन्हें नुकसान की सूचना संबंधित टोल-फ्री नंबर पर देने की सलाह दी गई है।
धान, गन्ना समेत अन्य फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। किसानों से आग्रह है कि 48 घंटे के भीतर फसल बीमा योजना का लाभ लें। असुविधा होने पर स्थानीय ब्लॉक या फिर कृषि अधिकारी और उप निदेशक कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। फसल नुकसान को लेकर सर्वे कराने के लिए भी टीमों को आदेशित कर दिया गया है। - ओपी मिश्र, उप निदेशक, कृषि
स्कूली कार्यक्रमों में छोटे बच्चों को शामिल करने की मनाही
बरेली। मौसम विभाग के क्रमिक अलर्ट के मद्देनजर स्कूलों में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में छोटे बच्चों को शामिल नहीं करने के निर्देश जारी हुए हैं। जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने गांधी जयंती पर होने वाले कार्यक्रमों की समीक्षा के दौरान यह दिशा-निर्देश बीएसए, डीआईओएस को दिए हैं। कहा कि बारिश के चलते बच्चों को कोई परेशानी न हो इसका पूरा ध्यान रखा जाए।
अधिकारियों को सेवा संकल्प अभियान के तहत जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में जिला स्तरीय प्रदर्शनी के आयोजन, फोटो-वीडियो मेरे सपनों का भारत हैशटैग संग सोशल मीडिया पर अपलोड करने के निर्देश दिए। नगर आयुक्त को मलिन बस्तियों में सफाई, जिला विकास अधिकारी को विधानसभा क्षेत्रों में नुक्कड़ नाटक, डीपीओ को आंगनबाड़ी केंद्रों पर आशा बहुओं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का सम्मान समारोह आयोजित के निर्देश दिए।
कुष्ठ आश्रम, वृद्धाश्रम में भी कार्यक्रम आयोजित करने के लिए कहा। पौधरोपण समेत उनके संरक्षण के लिए ट्री गार्ड लगाने पर जोर दिया। सिटी मजिस्ट्रेट राजेश कुमार वर्मा ने कहा कि सभी सरकारी, निजी भवनों पर राष्ट्रध्वज फहराया जाएगा। रघुपति राघव राजा राम...का सामूहिक गान होगा।
खपरैल का मकान गिरा, जनजीवन अस्त-व्यस्त
रिठौरा। गांव आसपुर हसन अली में बारिश की वजह से शनिवार को मजदूर शाहिद मंसूरी का खपरैल का मकान गिर गया। जलभराव के कारण शनिवार का साप्ताहिक बाजार बंद रहा। कस्बे और ग्रामीण क्षेत्रों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। ईओ अंकित कुमार गंगवार ने बताया कि सफाई टीमें काम कर रही हैं। स्थिति जल्द सामान्य करा दी जाएगी। किसान चौधरी सत्यवीर सिंह ने बताया कि मुड़िया अहमदनगर, चावड़, कुम्हरा, कलापुर, सिंघाई नवदिया आदि गांवों में भी फसलें बिछ गई हैं। बरेली-पीलीभीत हाईवे पर गांव कलापुर स्थित एक होटल के पास शनिवार को पेड़ गिरने से जाम लग गया। वनकर्मियों ने उसको हटाकर यातायात बहाल कराया। संवाद