{"_id":"5dbb925c8ebc3e01740f8205","slug":"civic-amenities-nawabganj-news-bly382228332","type":"story","status":"publish","title_hn":"गरीबों के आवासों पर काबिज अवैध कब्जेदारों को किया बेदखल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गरीबों के आवासों पर काबिज अवैध कब्जेदारों को किया बेदखल
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नवाबगंज। आईएचएसडीपी योजना के अंतर्गत गरीबों को 48 आवासों का निर्माण कराकर पात्रों को सुपुर्द करना था, लेकिन इन आवासों पर अनाधिकृत तरीके से कुछ लोग कब्जा कर रहने लगे। मामले की जानकारी मिलने पर उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम ने डीएम के आदेश पर आवासों को खाली कराके उनमें अपने ताले डाल दिए।
पूर्व पालिकाध्यक्ष रविंद्र सिंह राठौर ने तीन बीघा भूमि खरीदकर नगर पालिका को उपलब्ध कराई थी। इस पर तत्कालीन डीएम आशीष गोयल और मंडलायुक्त माजिद अली ने शिलान्यास कर आवासों का निर्माण कराया। इन आवासों में रहने के लिए 23 पात्रों ने डूडा कार्यालय में रसीद कटवा ली, लेकिन 25 आवास अभी आवंटित नहीं हुए। इन पर कुछ लोगों ने अनाधिकृत तौर पर कब्जा जमा लिया था। उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम के एई एपी सिंह और डूडा के लेखाकार नरेंद्र कुुमार के नेतृत्व में आवासों को तहसीलदार प्रदीप रमन ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में खाली कराकर अपने ताले डाल दिए हैं। इस दौरान महिलाओं ने विरोध करना चाहा, लेकिन अधिकारियों ने उनकी एक नहीं सुनी।
नोटिस के बाद भी नहीं हटे अवैध कब्जेदार
उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम ने एक सप्ताह पहले ही नोटिस देकर आवासों को खाली कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन अवैध कब्जेदारों ने आवास खाली नहीं किए। इसके बाद अधिकारियों को जबरन आवास खाली कराने पड़े।
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एक सप्ताह पहले ही नोटिस आवासों के गेट पर चस्पा कर दिए गए थे, लेकिन अवैध कब्जेदारों ने आवास खाली नहीं किए। डीएम के आदेश पर टीम ने अवैध कब्जेदारों को निकालकर आवास अपनी सुपुर्दगी में ले लिए हैं। इनके आवंटन की प्रक्रिया शीघ्र की जाएगी। - एपी सिंह, एई उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम बरेली
फोटो 5 आवास से अपना सामान निकालकर लाती महिला
फोटो 6 आवासो के सामने अधिकारियों से गुहार लगाती महिलाएं
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पूर्व पालिकाध्यक्ष रविंद्र सिंह राठौर ने तीन बीघा भूमि खरीदकर नगर पालिका को उपलब्ध कराई थी। इस पर तत्कालीन डीएम आशीष गोयल और मंडलायुक्त माजिद अली ने शिलान्यास कर आवासों का निर्माण कराया। इन आवासों में रहने के लिए 23 पात्रों ने डूडा कार्यालय में रसीद कटवा ली, लेकिन 25 आवास अभी आवंटित नहीं हुए। इन पर कुछ लोगों ने अनाधिकृत तौर पर कब्जा जमा लिया था। उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम के एई एपी सिंह और डूडा के लेखाकार नरेंद्र कुुमार के नेतृत्व में आवासों को तहसीलदार प्रदीप रमन ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में खाली कराकर अपने ताले डाल दिए हैं। इस दौरान महिलाओं ने विरोध करना चाहा, लेकिन अधिकारियों ने उनकी एक नहीं सुनी।
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नोटिस के बाद भी नहीं हटे अवैध कब्जेदार
उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम ने एक सप्ताह पहले ही नोटिस देकर आवासों को खाली कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन अवैध कब्जेदारों ने आवास खाली नहीं किए। इसके बाद अधिकारियों को जबरन आवास खाली कराने पड़े।
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एक सप्ताह पहले ही नोटिस आवासों के गेट पर चस्पा कर दिए गए थे, लेकिन अवैध कब्जेदारों ने आवास खाली नहीं किए। डीएम के आदेश पर टीम ने अवैध कब्जेदारों को निकालकर आवास अपनी सुपुर्दगी में ले लिए हैं। इनके आवंटन की प्रक्रिया शीघ्र की जाएगी। - एपी सिंह, एई उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम बरेली
फोटो 5 आवास से अपना सामान निकालकर लाती महिला
फोटो 6 आवासो के सामने अधिकारियों से गुहार लगाती महिलाएं