{"_id":"5db201698ebc3e014a68ae9b","slug":"civic-amenities-bareilly-news-bly3815793111","type":"story","status":"publish","title_hn":"धरतेरस से पहले 2640 लीटर सोयाबीन तेल सीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धरतेरस से पहले 2640 लीटर सोयाबीन तेल सीज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। दिवाली त्योहार पर मुनाफाखोर मिलावट से बाज नहीं आ रहे हैं। मिठाई, नमकीन, घी, तेल, दूध आदि में खूब मिलावट हुई है। कुछ कारोबारियों ने त्योहार पर मोटी कमाई करने के लिए करोड़ों रुपये कीमत का खाद्य पदार्थ बाजार में उतार दिया है। धनतेरस एक दिन पहले गोपनीय सूचना मिली कि ब्रह्मपुरा स्थित एक तेल कारखाना में भंडारित इडेबल ऑयल संदिग्ध है। जानकारी मिलते ही सहायक आयुक्त छापा टीम मौके पर पहुंचे और 2640 लीटर सोयाबीन तेल सीज कर दिया। इससे कारोबारियों में अफरातफरी मच गई।
गुरुवार दोपहर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) सहायक आयुक्त संजय पांडे के फोन पर जानकारी मिली कि बाला जी ट्रेडर्स कंपनी घटिया खाद्य तेल तैयार पैक कर दिया है। सोयाबीन ऑयल नाम से लगे लेबल पर भ्रामक जानकारी छापी गई हैं। पांडे मुख्य खाद्य अधिकारी वीरेंद्र द्विवेदी, सोमेंद्र पंघाल, भोगेंद्र कुमार और देवेश सिंह को लेकर ब्रह्मपुरा स्थित कारखाना पर पहुंचे। टीम से नमूने भरवाए और लेवलिंग सही नहीं मिलने पर सवाल किया तो कारोबारी ने बताया कि ऐसी जानकारी से वह बेखबर है। पता चला कि तेल निर्माण लाखों रुपये का माल बाजार में बेेंच चुका है। पांडे ने बताया कि सैंपल लैब में परीक्षण के लिए भेजा जा रहा है। रिपोर्ट मिलने पर अगली कार्रवाई होगी। उन्होंने बताया कि सीज किए गए खाद्य तेल की कीमत सवा दो लाख रुपये से ज्यादा है।
विज्ञापन
गुरुवार दोपहर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) सहायक आयुक्त संजय पांडे के फोन पर जानकारी मिली कि बाला जी ट्रेडर्स कंपनी घटिया खाद्य तेल तैयार पैक कर दिया है। सोयाबीन ऑयल नाम से लगे लेबल पर भ्रामक जानकारी छापी गई हैं। पांडे मुख्य खाद्य अधिकारी वीरेंद्र द्विवेदी, सोमेंद्र पंघाल, भोगेंद्र कुमार और देवेश सिंह को लेकर ब्रह्मपुरा स्थित कारखाना पर पहुंचे। टीम से नमूने भरवाए और लेवलिंग सही नहीं मिलने पर सवाल किया तो कारोबारी ने बताया कि ऐसी जानकारी से वह बेखबर है। पता चला कि तेल निर्माण लाखों रुपये का माल बाजार में बेेंच चुका है। पांडे ने बताया कि सैंपल लैब में परीक्षण के लिए भेजा जा रहा है। रिपोर्ट मिलने पर अगली कार्रवाई होगी। उन्होंने बताया कि सीज किए गए खाद्य तेल की कीमत सवा दो लाख रुपये से ज्यादा है।
विज्ञापन