मृत बच्चे को दफनाने आया था परिवार, घड़े पर कुदाल लगते ही आने लगी बच्ची के रोने की आवाज
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कहावत है कि जाको राखे साइयां मार सके न कोय। सिटी श्मशान भूमि में कुदरत का ऐसा ही चमत्कार देखने को मिला। यहां कोई व्यक्ति झाड़ियों में नवजात बच्ची को घड़े में बंद करके जमीन में दबा गया था। गुरुवार को एक परिवार अपने बच्चे की मृत देह दफन करने आया तो फावड़ा घड़े से जा लगा।
आवाज आई तो मिट्टी हटा के देखा गया। यहां घड़े में बंद एक जिंदा बच्ची मिली। श्मशान स्टाफ और पुलिस के हाथों से होकर बच्ची अब जिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में सुरक्षित है।
शाम साढ़े छह बजे सिटी श्मशान भूमि में एक परिवार अपने मृत बच्चे को दफनाने पहुंचा। गड्ढा खोदने को दो लड़के साथ लिए और ये लोग पीछे झाड़ियों में पहुंच गए। लड़कों ने फावड़े से गड्ढा खोदना शुरू किया। तभी फावड़ा एक घड़े में लगा। टन्न के साथ ही बच्चे के रोने की आवाज आई तो ये लोग सतर्क हो गए।
आसपास कोई बच्चा नहीं दिखा तो फावड़ा छोड़कर यूं ही मिट्टी हटानी शुरू कर दी। चौकीदार बाबूराम को बुलाया गया तो एक थैले की तनी हाथ आ गई। खींचा तो बड़े थैले के साथ टूटा हुआ बड़ा घड़ा निकल आया। इसमें अंदर एक सुंदर बच्ची थी।
लोगों ने तुरंत ही बच्ची निकाल ली। सूचना पर इंस्पेक्टर सुभाष नगर हरिश्चंद्र जोशी श्मशान पहुंच गए। उन्होंने बच्ची को जिला अस्पताल भिजवाया। वहां सिक न्यूली केयर यूनिट में उसे भर्ती कर लिया गया।
सीसीटीवी से हो सकती है पहचान
श्मशान घाट में कौन कब बच्ची को लेकर आया और दबा गया, ये चौकीदार से लेकर बाकी स्टाफ तक को नहीं पता। पुलिस चाहे तो सीसीटीवी से उस शख्स की पहचान कर सकती है।
एक किलो से वजन कम, बच्ची की हालात नाजुक
बरेली। श्मशान भूमि में मिली करीब पांच से छह दिन की बच्ची जिला महिला अस्पताल के एसएनसीयू में भर्ती है। एक किलो से भी कम वजन की इस बच्ची की हालत बेहद नाजुक है। डॉक्टर उसका इलाज कर रहे हैं। प्रभारी सीएमएस डॉ. शशि गुप्ता ने बच्ची की स्थिति के बारे में जानकारी ली। बताया कि बच्ची को बचाने की पूरी कोशिश की जा रही है।
गुरुवार रात श्मशान भूमि में एक बच्ची मटकी में मिट्टी के नीचे मिली। पुलिस ने उसे जिला महिला अस्पताल भर्ती कराया। बच्ची को एसएनसीयू में रखा गया। जहां उसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। प्रभारी सीएमएस डॉ. शशि गुप्ता का कहना है कि बच्ची पांच से छह दिन की है, प्रीमिच्योर है।
उसका वजन एक किलो से भी कम है। रात में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसकी हालात में कोई सुधार नहीं हो रहा है। बच्ची मिट्टी के नीचे दबी थी जिस कारण उसकी हालात ज्यादा खराब हुई। उन्होंने बताया कि बच्ची को बचाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।