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अतिक्रमण, डग्गामारी, जाम जोन के सभी जिलों की बड़ी समस्या
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बरेली। जोन के नौ जिलों के उद्यमियों, व्यापारियों, सामाजिक संगठनों की संगोष्ठी में बुधवार को लोगों ने एडीजी अविनाश चंद्र के सामने समस्याएं रखीं। अतिक्रमण, जाम और डग्गामारी की शिकायत लगभग हर जिले से रही। साथ ही वाहनों के चालान के नाम पर पुलिस की मनमानी और भू-माफिया पर कार्रवाई की मांग भी उठी। एडीजी ने कानून और शंाति व्यवस्था में सभी का सहयोग मांगा। संगोष्ठी में मौजूद सभी जिलों के पुलिस अधिकारियों को शिकायतों के निस्तारण के निर्देश दिए। संचालन एसपी ट्रैफिक एससी गंगवार ने किया।
संगोष्ठी में बरेली और मुरादाबाद मंडल के जिले से आए ज्यादातर लोगों ने वाहनों के चालान के नाम पर पुलिस ज्यादती की शिकायत की। बरेली शहर में पार्किंग न होने और नो पार्किंग में खड़े वाहनों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर व्यापारी नाराज दिखे। व्यापारी नेता शोभित सक्सेना ने सवाल किया कि आखिर व्यापारी अपने वाहनों को कहां खड़ा करें। शहर में कोई पार्किंग नहीं है। वाहन नो पार्किंग में खड़े होने पर ट्रैफिक पुलिस की ठेके पर चलने वाली क्रेन उनको उठा ले जाती है। गाड़ी वापस लेने में जुर्माना भरने समेत अन्य कामों में 1400-1500 रुपये खर्च हो जाते हैं। यह रुपये ठेकेदार को मिलते हैं। मोटा जुर्माना लगाने के स्थान पर अन्य कार्रवाई की जा सकती है।
देहात परमिट के ऑटो सिटी में चलने की शिकायत भी की गई। बात भी उठी। बरेली के ही जनार्दन आचार्य ने शहर के अंदर वाहनों के चालान का विरोध किया। व्यापारियों से भी अपने हितों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया। कुछ जिलों में व्यापारी सुरक्षा प्रकोष्ठ के निष्क्रिय होने की बात भी सामने आई।
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संगोष्ठी में एडीजी ने व्यापारियों को सुरक्षा संबंधी सुझाव दिए। सभी जिलों के व्यापारी सुरक्षा प्रकोष्ठ के नोडल पुलिस अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए। व्यापारियों को प्रतिष्ठानों के बाहर की सुरक्षा के लिए सीसी कैमरे लगवाने का सुझाव दिया। बैठक में जोन के सभी जिलों के एसपी सिटी समेत संबंधित अधिकारी रहे।
समस्याओं से ज्यादा ध्यान अफसरों की शान में कशीदों पर
ज्यादातर जिलों से शहर के भीतर हेलमेट की बाध्यता खत्म करने की मांग
बरेली। जोन स्तरीय गोष्ठी के दौरान कई व्यापारी नेताओं ने समस्याओं से ज्यादा ध्यान अफसरों की शान में कशीदे पढ़ने पर दिया। हालांकि, कुछ व्यापारियों ने समस्याएं भी गिनाईं। थानों और चौकियों में पुलिस स्टाफ के व्यवहार की शिकायत के साथ वाहन चेकिंग के नाम पर अभद्रता, उत्पीड़न रोकने के लिए आवाज उठाई। इसके साथ गोष्ठी में मौजूद अपने जिले के अफसर की प्रशंसा भी करते रहे।
गोष्ठी में पहुंचे ज्यादातर जिलों के जिलों ने शहर के भीतर हेलमेट की बाध्यता खत्म करने की मांग की। पीलीभीत के पंकज अग्रवाल ने जमीनों पर अवैध कब्जे की शिकायत की। बिजनौर के व्यापारी नेता विकास अग्रवाल ने भू-माफिया के बढ़ते प्रभाव की बात कही। यह भी कहा कि जिले में जमीनों को विवादित करने के लिए रैकेट काम कर रहा है। इसके लिए फर्जी मामले दर्ज कराए जा रहे हैं। रामपुर के शैलेंद्र शर्मा ने कहा व्यापारियों को तहरीर के नाम पर परेशान किया जा रहा है। अमरोहा के नागेंद्र ने पुलिस के व्यवहार पर सवाल उठाए। मुरादाबाद के नीरज मित्तल ने शहर के अंदर दुपहिया वाहनों के लिए हेलमेट की अनिवार्यता खत्म करने की मांग की। अरविंद गुप्ता ने संभल के चंदौसी में अतिक्रमण पर कार्रवाई की मांग की। बदायूं के वीरेंद्र धींगड़ा, सुभाष मैथिल ने पुलिस की प्रशंसा की, खासकर एसपी सिटी का गुणगान भी किया। शाहजहांपुर के मुकेश राठौर ने डग्गामारी पर अंकुश की मांग की।
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संगोष्ठी में बरेली और मुरादाबाद मंडल के जिले से आए ज्यादातर लोगों ने वाहनों के चालान के नाम पर पुलिस ज्यादती की शिकायत की। बरेली शहर में पार्किंग न होने और नो पार्किंग में खड़े वाहनों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर व्यापारी नाराज दिखे। व्यापारी नेता शोभित सक्सेना ने सवाल किया कि आखिर व्यापारी अपने वाहनों को कहां खड़ा करें। शहर में कोई पार्किंग नहीं है। वाहन नो पार्किंग में खड़े होने पर ट्रैफिक पुलिस की ठेके पर चलने वाली क्रेन उनको उठा ले जाती है। गाड़ी वापस लेने में जुर्माना भरने समेत अन्य कामों में 1400-1500 रुपये खर्च हो जाते हैं। यह रुपये ठेकेदार को मिलते हैं। मोटा जुर्माना लगाने के स्थान पर अन्य कार्रवाई की जा सकती है।
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देहात परमिट के ऑटो सिटी में चलने की शिकायत भी की गई। बात भी उठी। बरेली के ही जनार्दन आचार्य ने शहर के अंदर वाहनों के चालान का विरोध किया। व्यापारियों से भी अपने हितों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया। कुछ जिलों में व्यापारी सुरक्षा प्रकोष्ठ के निष्क्रिय होने की बात भी सामने आई।
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संगोष्ठी में एडीजी ने व्यापारियों को सुरक्षा संबंधी सुझाव दिए। सभी जिलों के व्यापारी सुरक्षा प्रकोष्ठ के नोडल पुलिस अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए। व्यापारियों को प्रतिष्ठानों के बाहर की सुरक्षा के लिए सीसी कैमरे लगवाने का सुझाव दिया। बैठक में जोन के सभी जिलों के एसपी सिटी समेत संबंधित अधिकारी रहे।
समस्याओं से ज्यादा ध्यान अफसरों की शान में कशीदों पर
ज्यादातर जिलों से शहर के भीतर हेलमेट की बाध्यता खत्म करने की मांग
बरेली। जोन स्तरीय गोष्ठी के दौरान कई व्यापारी नेताओं ने समस्याओं से ज्यादा ध्यान अफसरों की शान में कशीदे पढ़ने पर दिया। हालांकि, कुछ व्यापारियों ने समस्याएं भी गिनाईं। थानों और चौकियों में पुलिस स्टाफ के व्यवहार की शिकायत के साथ वाहन चेकिंग के नाम पर अभद्रता, उत्पीड़न रोकने के लिए आवाज उठाई। इसके साथ गोष्ठी में मौजूद अपने जिले के अफसर की प्रशंसा भी करते रहे।
गोष्ठी में पहुंचे ज्यादातर जिलों के जिलों ने शहर के भीतर हेलमेट की बाध्यता खत्म करने की मांग की। पीलीभीत के पंकज अग्रवाल ने जमीनों पर अवैध कब्जे की शिकायत की। बिजनौर के व्यापारी नेता विकास अग्रवाल ने भू-माफिया के बढ़ते प्रभाव की बात कही। यह भी कहा कि जिले में जमीनों को विवादित करने के लिए रैकेट काम कर रहा है। इसके लिए फर्जी मामले दर्ज कराए जा रहे हैं। रामपुर के शैलेंद्र शर्मा ने कहा व्यापारियों को तहरीर के नाम पर परेशान किया जा रहा है। अमरोहा के नागेंद्र ने पुलिस के व्यवहार पर सवाल उठाए। मुरादाबाद के नीरज मित्तल ने शहर के अंदर दुपहिया वाहनों के लिए हेलमेट की अनिवार्यता खत्म करने की मांग की। अरविंद गुप्ता ने संभल के चंदौसी में अतिक्रमण पर कार्रवाई की मांग की। बदायूं के वीरेंद्र धींगड़ा, सुभाष मैथिल ने पुलिस की प्रशंसा की, खासकर एसपी सिटी का गुणगान भी किया। शाहजहांपुर के मुकेश राठौर ने डग्गामारी पर अंकुश की मांग की।