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100 करोड़ का घोटाला- जांच अब विधान परिषद समिति के हवाले
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बरेली। पॉवर कॉरपोरेशन के बरेली जोन के स्टोरों में हुए करीब सौ करोड़ के घोटाले की जांच अब विधान परिषद जांच समिति करेगी। शुक्रवार को यहां विकास भवन सभागार में बरेली और बदायूं की समीक्षा बैठक के दौरान जब जनप्रतिनिधियों की ओर से जब बिजली विभाग के अफसरों के खिलाफ एक के बाद एक खामियां सामने रखी गईं तो सुनवाई करने आई विधान परिषद की प्रदेशीय विद्युत व्यवस्था जांच समिति भी हैरान रह गई। समिति के सभापति डॉ. जयपाल सिंह व्यस्त स्टोरों में हुए घोटाले को गंभीरता से लिया और इसकी समयबद्ध जांच करने का आदेश दिया। जनप्रतिनिधियों की ओर से अफसरों पर मनमानी, भ्रष्टाचार और अव्यवस्था पर भी कई सवाल दागे। अफसर जवाब नहीं दे पाए तो सभापति ने भी उन्हें जमकर आड़े हाथ लिया।
समीक्षा बैठक शुरू होते ही जनप्रतिनिधियों ने बिजली विभाग के अफसरों को कामकाज, भ्रष्टाचार और बिजली सप्लाई में गड़बड़ी पर घेरना शुरू कर दिया। विधायकों और मेयर ने कहा कि सरकार ने बरेली को नो ट्रिपिंग जोन घोषित किया है लेकिन शहर का कटौती के मारे बुरा हाल है। फाल्ट होने के बाद घंटों ठीक नहीं हो पाते। गर्मी की रातें अक्सर बगैर बिजली के गुजर जाती हैं। अफसरों की लापरवाही पर लोग सरकार को कोसते हैं। इसके अलावा स्टोर से बिना सुविधा शुल्क सामान न देने, गलत बिल जारी करने, सौभाग्य योजना में कनेक्शन बगैर ही मीटर लगाकर बिलिंग करने, ग्रामीण विद्युतीकरण का भौतिक सत्यापन न करने और एकमुश्त जमा योजना में निजी नलकूप के आवेदकों को महीनों कनेक्शन न देने जैसी शिकायतें भी कीं। सभापति डॉ. जयपाल सिंह व्यस्त ने अफसरों से कारण पूछा तो वे बगले झांकने लगे।
चीफ इंजीनियर तारिक मतीन इस बीच जनप्रतिनिधियों के सवालों पर अपने अधीनस्थों को आगे करते रहे। अफसर ज्यादातर सवालों के सही जवाब नहीं दे पाए तो सभापति ने यहां तक कह दिया कि उन्हें शायद विधान परिषद की इस जांच समिति के अधिकार और शक्ति का अंदाजा नहीं है। इसी बीच उन्होंने जब विजिलेंस अफसरों के बारे में पूछा तो पता चला कि बैठक में विजिलेंस का कोई अफसर नहीं है। समिति ने विजिलेंस को नोटिस जारी कर जवाब तलब करने को कहा।
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मेयर उमेश गौतम ने बताया कि कोहाड़ापीर इलाके में एक पेड़ लाइन पर गिर जाने के बाद उपकेंद्र से तीन दिन सप्लाई बंद रही। विधायक श्याम बिहारी लाल ने फरीदपुर में सप्लाई और भुता में विभागीय मिलीभगत से अवैध ट्रांसफार्मर से लाइन जोड़ने का मामला उठाया। भाजपा जिलाध्यक्ष रविंद्र सिंह राठौर, शहर अध्यक्ष डॉ. केएम अरोरा, विधायक डीसी वर्मा, डॉ. अरुण, जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष वीरेंद्र गंगवार वीरू, पूर्व मंत्री भगवत शरण गंगवार ने कोहाड़ापीर उपकेंद्र की अव्यवस्था, ट्रांसफार्मर नहीं बदलने और क्षमता वृद्धि, आदेश प्रताप सिंह, मनोज यादव आदि ने भवनों से गुजर रही लाइनें शिफ्ट करने, मनमानी चेकिंग, ट्रांसफार्मर बदलने और स्टोर से सामान देने के नाम पर मनमानी और गलत बिलिंग आदि मामले रखे।
समन्वय समिति बने
सभापति ने निर्देश दिए कि डीएम की अध्यक्षता में विभिन्न विभागों की समन्वय समिति गठित कर दी जाए। समिति आने वाली शिकायतों का निस्तारण और मॉनीटरिेंग करेगी। इसका एक रजिस्टर भी बनेगा। उन्होंने बताया कि मीटर टैम्परिंग जांच प्रक्रिया में एक अन्य एजेंसी भी शामिल कर ली, इससे भ्रष्टाचार और शिकायतों पर लगाम लगेगी।
फौजी से रिश्वत मांगने के आरोप पर देना पड़ेगा जवाब
प्रदेशीय विद्युत व्यवस्था जांच समिति ने ‘अमर उजाला’ में बिजली विभाग स्टोर घोटाले के साथ फौजी अफसर से कनेक्शन देने के बदले रिश्वत मांगने के आरोप के संबंध में छपी खबरों को गंभीरता से लिया। स्टोर से निजी नलकूपों के लिए सामान देने, पुराना स्टाफ एक ही जगह तैनात होने, सरकारी ट्रांसफार्मर और लाइन से निजी नलकूप चलवाने जैसे मामलों पर भी समिति गंभीर दिखी। एमएलसी संजय लाठर ने आश्चर्य जताया कि अखबारों में सुर्खियां बनने के बाद भी विभाग ने जांच तक नहीं कराई। एमएलसी अमित यादव, अरविंद यादव और भाजपा प्रदेश महामंत्री व एमएलसी विजय बहादुर पाठक ने इसकी जांच के लिए कहा। बैठक में प्रबंध निदेशक मध्यांचल वितरण निगम संजय गोयल, डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह, सीडीओ सतेेंद्र कुमार, चीफ इंजीनियर, बरेली और बदायूं जिला के विभागीय अफसर मौजूद रहे।
केबल में हेराफेरी की जांच होगी
क्षेत्रीय महामंत्री भाजपा (बृज प्रदेश) सुरेश राठौर ने जोगी नवादा में मानक के विपरीत एबी केबल बिछाने की जांच कराने को कहा। उन्होंने स्टाफ के फोन रिसीव न करने और जोनल चीफ इंजीनियर के व्यवहार की शिकायत की। केंद्रीय बाल श्रम सलाहकार बोर्ड सदस्य भुजेंद्र गंगवार ने नवाबगंज के चुनुआ उपकेंद्र में लगी जर्जर मशीनें बदलवाने की आग्रह किया। महिला जागृति मंच प्रमुख डॉ. मनु नीरज ने कोहाड़ापीर उपकेंद्र से पोषित इलाकों में सप्लाई अव्यवस्था, जर्जर तार, विभागीय भ्रष्टाचार के संबंध में ज्ञापन सौंपा। विद्युत जांच समिति सभापति ने इन सभी मामलों की जांच करा कार्रवाई के आदेश एमडी मध्यांचल विद्युत वितरण निगम को दिए हैं।
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समीक्षा बैठक शुरू होते ही जनप्रतिनिधियों ने बिजली विभाग के अफसरों को कामकाज, भ्रष्टाचार और बिजली सप्लाई में गड़बड़ी पर घेरना शुरू कर दिया। विधायकों और मेयर ने कहा कि सरकार ने बरेली को नो ट्रिपिंग जोन घोषित किया है लेकिन शहर का कटौती के मारे बुरा हाल है। फाल्ट होने के बाद घंटों ठीक नहीं हो पाते। गर्मी की रातें अक्सर बगैर बिजली के गुजर जाती हैं। अफसरों की लापरवाही पर लोग सरकार को कोसते हैं। इसके अलावा स्टोर से बिना सुविधा शुल्क सामान न देने, गलत बिल जारी करने, सौभाग्य योजना में कनेक्शन बगैर ही मीटर लगाकर बिलिंग करने, ग्रामीण विद्युतीकरण का भौतिक सत्यापन न करने और एकमुश्त जमा योजना में निजी नलकूप के आवेदकों को महीनों कनेक्शन न देने जैसी शिकायतें भी कीं। सभापति डॉ. जयपाल सिंह व्यस्त ने अफसरों से कारण पूछा तो वे बगले झांकने लगे।
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चीफ इंजीनियर तारिक मतीन इस बीच जनप्रतिनिधियों के सवालों पर अपने अधीनस्थों को आगे करते रहे। अफसर ज्यादातर सवालों के सही जवाब नहीं दे पाए तो सभापति ने यहां तक कह दिया कि उन्हें शायद विधान परिषद की इस जांच समिति के अधिकार और शक्ति का अंदाजा नहीं है। इसी बीच उन्होंने जब विजिलेंस अफसरों के बारे में पूछा तो पता चला कि बैठक में विजिलेंस का कोई अफसर नहीं है। समिति ने विजिलेंस को नोटिस जारी कर जवाब तलब करने को कहा।
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मेयर उमेश गौतम ने बताया कि कोहाड़ापीर इलाके में एक पेड़ लाइन पर गिर जाने के बाद उपकेंद्र से तीन दिन सप्लाई बंद रही। विधायक श्याम बिहारी लाल ने फरीदपुर में सप्लाई और भुता में विभागीय मिलीभगत से अवैध ट्रांसफार्मर से लाइन जोड़ने का मामला उठाया। भाजपा जिलाध्यक्ष रविंद्र सिंह राठौर, शहर अध्यक्ष डॉ. केएम अरोरा, विधायक डीसी वर्मा, डॉ. अरुण, जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष वीरेंद्र गंगवार वीरू, पूर्व मंत्री भगवत शरण गंगवार ने कोहाड़ापीर उपकेंद्र की अव्यवस्था, ट्रांसफार्मर नहीं बदलने और क्षमता वृद्धि, आदेश प्रताप सिंह, मनोज यादव आदि ने भवनों से गुजर रही लाइनें शिफ्ट करने, मनमानी चेकिंग, ट्रांसफार्मर बदलने और स्टोर से सामान देने के नाम पर मनमानी और गलत बिलिंग आदि मामले रखे।
समन्वय समिति बने
सभापति ने निर्देश दिए कि डीएम की अध्यक्षता में विभिन्न विभागों की समन्वय समिति गठित कर दी जाए। समिति आने वाली शिकायतों का निस्तारण और मॉनीटरिेंग करेगी। इसका एक रजिस्टर भी बनेगा। उन्होंने बताया कि मीटर टैम्परिंग जांच प्रक्रिया में एक अन्य एजेंसी भी शामिल कर ली, इससे भ्रष्टाचार और शिकायतों पर लगाम लगेगी।
फौजी से रिश्वत मांगने के आरोप पर देना पड़ेगा जवाब
प्रदेशीय विद्युत व्यवस्था जांच समिति ने ‘अमर उजाला’ में बिजली विभाग स्टोर घोटाले के साथ फौजी अफसर से कनेक्शन देने के बदले रिश्वत मांगने के आरोप के संबंध में छपी खबरों को गंभीरता से लिया। स्टोर से निजी नलकूपों के लिए सामान देने, पुराना स्टाफ एक ही जगह तैनात होने, सरकारी ट्रांसफार्मर और लाइन से निजी नलकूप चलवाने जैसे मामलों पर भी समिति गंभीर दिखी। एमएलसी संजय लाठर ने आश्चर्य जताया कि अखबारों में सुर्खियां बनने के बाद भी विभाग ने जांच तक नहीं कराई। एमएलसी अमित यादव, अरविंद यादव और भाजपा प्रदेश महामंत्री व एमएलसी विजय बहादुर पाठक ने इसकी जांच के लिए कहा। बैठक में प्रबंध निदेशक मध्यांचल वितरण निगम संजय गोयल, डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह, सीडीओ सतेेंद्र कुमार, चीफ इंजीनियर, बरेली और बदायूं जिला के विभागीय अफसर मौजूद रहे।
केबल में हेराफेरी की जांच होगी
क्षेत्रीय महामंत्री भाजपा (बृज प्रदेश) सुरेश राठौर ने जोगी नवादा में मानक के विपरीत एबी केबल बिछाने की जांच कराने को कहा। उन्होंने स्टाफ के फोन रिसीव न करने और जोनल चीफ इंजीनियर के व्यवहार की शिकायत की। केंद्रीय बाल श्रम सलाहकार बोर्ड सदस्य भुजेंद्र गंगवार ने नवाबगंज के चुनुआ उपकेंद्र में लगी जर्जर मशीनें बदलवाने की आग्रह किया। महिला जागृति मंच प्रमुख डॉ. मनु नीरज ने कोहाड़ापीर उपकेंद्र से पोषित इलाकों में सप्लाई अव्यवस्था, जर्जर तार, विभागीय भ्रष्टाचार के संबंध में ज्ञापन सौंपा। विद्युत जांच समिति सभापति ने इन सभी मामलों की जांच करा कार्रवाई के आदेश एमडी मध्यांचल विद्युत वितरण निगम को दिए हैं।