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जन्माष्टमी से पहले मिलावटी मिठाईंयां बाजार में पटीं
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बरेली। जन्माष्टमी में अभी तीन दिन बाकी है, लेकिन शहर से देहातों तक मिलावटी का जखीरा बाजार में पहुंच गया है। केमिकल और अखाद्य रंगों से तैयार रंग बिरंगी मिठाईंयां ग्रामीण और तहसील इलाकों में खुल आम बिकना शुरू हो गईं हैं। बता दें कि रक्षाबंधन पर नवाबगंज में एसडीएम ने बड़ी मात्रा में मैदा और केमिकल रंग से बनी मिलावटी सोनपपड़ी पकड़ी गई थी और बदायूं जिला के दातागंज में इसेे खाकर कई लोग बीमार हो गए थे।
खाद्य सुरक्षा व औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की मिलीभगत से पूरे जिले में मिलावटी खाद्य तेल, वस्तुएं और मिठाईंयां का कारोबार हो रहा है। करीब पांच माह पहले एफएसडीए ने ब्रह्मपुरा स्थित लाल चंद एग्रो नामक कारखाना से सैंपल लिए थे, वे लैब में फेल गए। लैब रिपोर्ट में इसे खाने लायक नहीं बताया। एफएसडीए अफसरों ने अभी तक इस कारखाना और निर्माता की कोई घेराबंदी तक नहीं की। जिससे मिलावटी और केमिकल रंगों से तैयार खाद्य तेल अब मिठाईंयाें में इस्तेमाल हो रहा है। बरफी, बेसन लड्डू, सोनपपड़ी, लौज, मिल्ककेक समेत कई मिलावटी मिर्ठाइंयाें की मांग बाजार में ज्यादा होने से निर्माण भी ज्यादा हो रहा है। रिठौरा, नवाबगंज, भोजीपुरा, नकटिया, नरियावल, सीबी गंज, भमोरा, देवचरा, मीरगंज, फरीदपुर, आंवला और बहेड़ी आदि इलाकों में मिलावटी मिठाई और खाद्य वस्तुएं बड़े स्तर पर खपाई जा रही हैं।
जन्माष्टमी पर 50 करोड़ का कारोबार
जन्माष्टमी पर घर घर मिठाईंयां इस्तेमाल होती हैं। इसके साथ ही इस दिन कुछ लोग रक्षाबंधन मनाते हैं, इसलिए मिठाईंयाें की मांग में ज्यादा उछाल आता है। कारोबारी बताते हैं कि करीब 50 करोड़ रुपये से ज्यादा मिठाई और खाद्य वस्तुओं का कारोबार होने की उम्मीद है।
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खाद्य सुरक्षा व औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की मिलीभगत से पूरे जिले में मिलावटी खाद्य तेल, वस्तुएं और मिठाईंयां का कारोबार हो रहा है। करीब पांच माह पहले एफएसडीए ने ब्रह्मपुरा स्थित लाल चंद एग्रो नामक कारखाना से सैंपल लिए थे, वे लैब में फेल गए। लैब रिपोर्ट में इसे खाने लायक नहीं बताया। एफएसडीए अफसरों ने अभी तक इस कारखाना और निर्माता की कोई घेराबंदी तक नहीं की। जिससे मिलावटी और केमिकल रंगों से तैयार खाद्य तेल अब मिठाईंयाें में इस्तेमाल हो रहा है। बरफी, बेसन लड्डू, सोनपपड़ी, लौज, मिल्ककेक समेत कई मिलावटी मिर्ठाइंयाें की मांग बाजार में ज्यादा होने से निर्माण भी ज्यादा हो रहा है। रिठौरा, नवाबगंज, भोजीपुरा, नकटिया, नरियावल, सीबी गंज, भमोरा, देवचरा, मीरगंज, फरीदपुर, आंवला और बहेड़ी आदि इलाकों में मिलावटी मिठाई और खाद्य वस्तुएं बड़े स्तर पर खपाई जा रही हैं।
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जन्माष्टमी पर 50 करोड़ का कारोबार
जन्माष्टमी पर घर घर मिठाईंयां इस्तेमाल होती हैं। इसके साथ ही इस दिन कुछ लोग रक्षाबंधन मनाते हैं, इसलिए मिठाईंयाें की मांग में ज्यादा उछाल आता है। कारोबारी बताते हैं कि करीब 50 करोड़ रुपये से ज्यादा मिठाई और खाद्य वस्तुओं का कारोबार होने की उम्मीद है।
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