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50 फीसदी मार्क्स पर भी डीयू में होगा शहीदों के बच्चों का प्रवेश
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बरेली। ‘कम मार्क्स के बावजूद दिल्ली यूनिवर्सिटी में आवेदन के दौरान सेना की ओर से जारी बीसी (बैटल कैजुअलिटी) सर्टिफिकेट लगाने पर शहीदों के बच्चों को प्रवेश मिलेगा। देश की उम्दा यूनिवर्सिटी की सूची में शामिल डीयू में पढ़ने का ये मौका जानकारी के अभाव में शहीदों के परिजन गंवा रहे हैं।’ ये जानकारी गुरुवार को जेआरसी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सैन्य अधिकरियों ने दी। बताया कि इस साल चार शहीदों के बच्चों का डीयू में एडमिशन के लिए सर्टिफिकेट जारी किए गए हैं।
कारगिल विजय दिवस की 20वीं वर्षगांठ पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान मौजूद वीरनारियों ने बच्चों के लिए बेहतर शिक्षा संबंधी सवाल पूछे। जिस पर आर्मी रिकॉर्ड ऑफिस के एसआरओ लेफ्टीनेंट कर्नल पीएस नायर ने उन्हें सेना की ओर से जारी सर्टिफिकेट लगाने पर 50 फीसदी मार्क्स होने पर भी डीयू में एडमिशन होने के प्रति आश्वस्त किया। बताया कि ये पहल डीयू ने अपनी रिजर्वेशन ऑफ आर्म्ड पुलिस (सीडब्ल्यूसी) श्रेणी में संशोधन कर पांच फीसदी सीटें आरक्षित की हैं। इसके तहत पूर्व सैनिकों व सेना में कार्यरत जवानों के आश्रितों को भी लाभ मिलेगा। ये सीटें दाखिला प्रक्रिया के तहत भरी जाने वाली सामान्य सीटों से अलग हैं। बताया कि इसका लाभ पाने के लिए जिला सैनिक बोर्ड, आर्मी रिकॉर्ड ऑफिस के ऑफिसर इन चार्ज व प्रथम श्रेणी का वेतन पाने वाले मजिस्ट्रेट के द्वारा जारी सर्टिफिकेट प्रस्तुत करना होगा।
यह है प्रवेश की प्राथमिकता
शहीद जवानों के आश्रितों, युद्ध के दौरान घायल होने के कारण सेवा से बाहर हुए जवानों के आश्रितों समेत मेडल प्राप्त जवानों के आश्रितों को प्राथमिकता मिलेगी। फिर पूर्व सैनिकों के आश्रितों, सेवारत सैनिकों के बच्चों व उनकी पत्नियों को आरक्षण का लाभ मिलेगा। आखिर में पैरा मिलिट्री में पदक प्राप्त जवानों के आश्रित को भी सीडब्ल्यूसी श्रेणी का लाभ मिलेगा।
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किसे मिलेगा सीडब्यूसी का लाभ
- युद्ध में शहीद हुए सैनिकों के बच्चे या विधवा
- मिलिट्री सर्विस में शांति काल के दौरान मृत या घायल होने से सेवा से बाहर आए जवानों के आश्रित
- परमवीर चक्र, अशोक चक्र, सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल, महावीर चक्र, कीर्ति चक्र, उत्तम युद्ध मेडल, वीर चक्र, शौर्य चक्र, युद्ध सेवा मेडल, सेना, नौसेना व वायु सेना में मेडल प्राप्त सैनिकों के आश्रित
- राष्ट्रपति पुलिस पदक प्राप्त पुलिस व पैरा मिलिट्री में पदक प्राप्त जवानों के आश्रित
- पूर्व सैनिकों के आश्रित
- सेना में सेवारत जवानों के बच्चे व उनकी पत्नियां
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कारगिल विजय दिवस की 20वीं वर्षगांठ पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान मौजूद वीरनारियों ने बच्चों के लिए बेहतर शिक्षा संबंधी सवाल पूछे। जिस पर आर्मी रिकॉर्ड ऑफिस के एसआरओ लेफ्टीनेंट कर्नल पीएस नायर ने उन्हें सेना की ओर से जारी सर्टिफिकेट लगाने पर 50 फीसदी मार्क्स होने पर भी डीयू में एडमिशन होने के प्रति आश्वस्त किया। बताया कि ये पहल डीयू ने अपनी रिजर्वेशन ऑफ आर्म्ड पुलिस (सीडब्ल्यूसी) श्रेणी में संशोधन कर पांच फीसदी सीटें आरक्षित की हैं। इसके तहत पूर्व सैनिकों व सेना में कार्यरत जवानों के आश्रितों को भी लाभ मिलेगा। ये सीटें दाखिला प्रक्रिया के तहत भरी जाने वाली सामान्य सीटों से अलग हैं। बताया कि इसका लाभ पाने के लिए जिला सैनिक बोर्ड, आर्मी रिकॉर्ड ऑफिस के ऑफिसर इन चार्ज व प्रथम श्रेणी का वेतन पाने वाले मजिस्ट्रेट के द्वारा जारी सर्टिफिकेट प्रस्तुत करना होगा।
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यह है प्रवेश की प्राथमिकता
शहीद जवानों के आश्रितों, युद्ध के दौरान घायल होने के कारण सेवा से बाहर हुए जवानों के आश्रितों समेत मेडल प्राप्त जवानों के आश्रितों को प्राथमिकता मिलेगी। फिर पूर्व सैनिकों के आश्रितों, सेवारत सैनिकों के बच्चों व उनकी पत्नियों को आरक्षण का लाभ मिलेगा। आखिर में पैरा मिलिट्री में पदक प्राप्त जवानों के आश्रित को भी सीडब्ल्यूसी श्रेणी का लाभ मिलेगा।
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किसे मिलेगा सीडब्यूसी का लाभ
- युद्ध में शहीद हुए सैनिकों के बच्चे या विधवा
- मिलिट्री सर्विस में शांति काल के दौरान मृत या घायल होने से सेवा से बाहर आए जवानों के आश्रित
- परमवीर चक्र, अशोक चक्र, सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल, महावीर चक्र, कीर्ति चक्र, उत्तम युद्ध मेडल, वीर चक्र, शौर्य चक्र, युद्ध सेवा मेडल, सेना, नौसेना व वायु सेना में मेडल प्राप्त सैनिकों के आश्रित
- राष्ट्रपति पुलिस पदक प्राप्त पुलिस व पैरा मिलिट्री में पदक प्राप्त जवानों के आश्रित
- पूर्व सैनिकों के आश्रित
- सेना में सेवारत जवानों के बच्चे व उनकी पत्नियां