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मिलावट का खेल- टिन पर 50 से 100 रुपये तक गिर गए दाम
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मिलावट का खेल- टिन पर 50 से 100 रुपये तक गिर गए दाम
- फोटो : अमर उजाला, बरेली
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नेपाली तेल के खौफ में ग्राहकों ने बड़े ब्रांडों से भी किया किनारा
छापों में मिले कागजात, बिलों का अब तक सत्यापन नहीं कराया
बरेली। बाजार और गोदामों में बड़े स्तर पर नेपाली रिफाइंड खाद्य तेल का स्टॉक है। खाद्य सुरक्षा व औषधि प्रशासन (एफएसडीए) अफसर अवैध कारोबार में लिप्त लोगों को बचाने का हर संभव प्रयास कर रहा है, जबकि प्रशासन अवैध कारोबार और स्टॉक पर की लगातार निगरानी करा रहा है। इधर, बड़ी कार्रवाई से बचने के लिए संबंधित व्यापारी स्टॉक निल करने में जुटे हैं, इससे विभिन्न ब्रांडों के खाद्य तेल टिनों पर 50 से 100 रुपये तक भाव गिर गया है।
बदले गए ब्रांड नेम
अवैध स्टॉक और कारोबार से भयभीत व्यापारी संबंधित विदेशी रिफाइंड का स्टाक निल करने में जुट गए हैं। हालांकि नेपाली रिफाइंड अब भी हर दिन बाजार में पहुंच रहा है। कुछ व्यापारियों ने अपने ब्रांड बदलकर नए नाम से लेबल लगाकर उत्पाद बाजार में उतार दिए हैं। इसके साथ ही नेपाली रिफाइंड छोटे पैकिंग एक और दो किलो वजन में बेचने पर जोर है, इसलिए करीब साल भर से मेड इन नेपाल के नाम से पर बिक रहे नीलकमल, महालक्ष्मी आदि प्रचलित उत्पाद बाजार में कम हो गए हैं।
अवैध को संरक्षण देने में जुटे एफएसडीए अफसर
नेपाल सीमा से लगातार किसी न किसी तरह अवैध रिफाइंड ऑयल बाजारों में पहुंच रहा है। अवैध कारोबार की ढाल बने एफएसडीए अधिकारी इसमें भ्रामक प्रचार करने में सबसे आगे हैं। मुद्दा इधर-उधर करने के लिए एफएसडीए सभी हथकंडे अपना रहा है। स्थिति यह है कि एफएसडीए अधिकारी संबंधित अफसरों और प्रशासन को भी सही जानकारी नहीं दे रहे हैं। लिहाजा अभी तक अवैध विदेशी खाद्य तेल कारोबार पर कोई भी प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पाई है। विभागीय मिलीभगत से लाखों उपभोक्ता हर दिन संदिग्ध आयातित रिफाइंड खाने को मजबूर हैं।
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गिर गए दाम
एफएसडीए ने पिछले दिनों श्यामगंज मंडी क्षेत्र स्थित दो स्थानों पर छापे मारे थे। टीम ने अशोक कुमार सुमित कुमार और लालचंद एग्रो प्रतिष्ठान से तीन सौ टिन नेपाली रिफाइंड बरामद किया था। लालचंद एग्रो फर्म टीम को कारोबारी संबंधी कोई कागजात नहीं दिखा सका। टीम ने दो स्थानों से सैंपल लेकर लैब भेज दिए हैं। इसके बाद एफएसडीए अधिकारी चुप्पी साधकर बैठ गए हैं। उन्होंने एक फर्म से मिले बिल आदि का सत्यापन भी वाणिज्य कर विभाग से नहीं कराया है। बताया जाता है कि एफएसडीए अफसरों ने गोपनीय सूचना पर छापा मारा था।
बड़े ब्रांड भी प्रभावित
नेपाली खाद्य तेल के बढ़ते कारोबार से ब्रांडेड ऑयल प्रभावित हुए हैं। बताया जाता है कि कंपनियों ने प्रतिस्पर्धा में बने रहने के लिए 50 रुपये तक अपने उत्पाद सस्ते कर दिए हैं, क्योंकि बाजार में नेपाली रिफाइंड काफी सस्ते दामों पर उपलब्ध हो जाता है। एक लीटर पर 50 रुपये की बचत होने से नेपाली खाद्य तेल बाजार में अभी तक बना हुआ है।
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छापों में मिले कागजात, बिलों का अब तक सत्यापन नहीं कराया
बरेली। बाजार और गोदामों में बड़े स्तर पर नेपाली रिफाइंड खाद्य तेल का स्टॉक है। खाद्य सुरक्षा व औषधि प्रशासन (एफएसडीए) अफसर अवैध कारोबार में लिप्त लोगों को बचाने का हर संभव प्रयास कर रहा है, जबकि प्रशासन अवैध कारोबार और स्टॉक पर की लगातार निगरानी करा रहा है। इधर, बड़ी कार्रवाई से बचने के लिए संबंधित व्यापारी स्टॉक निल करने में जुटे हैं, इससे विभिन्न ब्रांडों के खाद्य तेल टिनों पर 50 से 100 रुपये तक भाव गिर गया है।
बदले गए ब्रांड नेम
अवैध स्टॉक और कारोबार से भयभीत व्यापारी संबंधित विदेशी रिफाइंड का स्टाक निल करने में जुट गए हैं। हालांकि नेपाली रिफाइंड अब भी हर दिन बाजार में पहुंच रहा है। कुछ व्यापारियों ने अपने ब्रांड बदलकर नए नाम से लेबल लगाकर उत्पाद बाजार में उतार दिए हैं। इसके साथ ही नेपाली रिफाइंड छोटे पैकिंग एक और दो किलो वजन में बेचने पर जोर है, इसलिए करीब साल भर से मेड इन नेपाल के नाम से पर बिक रहे नीलकमल, महालक्ष्मी आदि प्रचलित उत्पाद बाजार में कम हो गए हैं।
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अवैध को संरक्षण देने में जुटे एफएसडीए अफसर
नेपाल सीमा से लगातार किसी न किसी तरह अवैध रिफाइंड ऑयल बाजारों में पहुंच रहा है। अवैध कारोबार की ढाल बने एफएसडीए अधिकारी इसमें भ्रामक प्रचार करने में सबसे आगे हैं। मुद्दा इधर-उधर करने के लिए एफएसडीए सभी हथकंडे अपना रहा है। स्थिति यह है कि एफएसडीए अधिकारी संबंधित अफसरों और प्रशासन को भी सही जानकारी नहीं दे रहे हैं। लिहाजा अभी तक अवैध विदेशी खाद्य तेल कारोबार पर कोई भी प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पाई है। विभागीय मिलीभगत से लाखों उपभोक्ता हर दिन संदिग्ध आयातित रिफाइंड खाने को मजबूर हैं।
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गिर गए दाम
एफएसडीए ने पिछले दिनों श्यामगंज मंडी क्षेत्र स्थित दो स्थानों पर छापे मारे थे। टीम ने अशोक कुमार सुमित कुमार और लालचंद एग्रो प्रतिष्ठान से तीन सौ टिन नेपाली रिफाइंड बरामद किया था। लालचंद एग्रो फर्म टीम को कारोबारी संबंधी कोई कागजात नहीं दिखा सका। टीम ने दो स्थानों से सैंपल लेकर लैब भेज दिए हैं। इसके बाद एफएसडीए अधिकारी चुप्पी साधकर बैठ गए हैं। उन्होंने एक फर्म से मिले बिल आदि का सत्यापन भी वाणिज्य कर विभाग से नहीं कराया है। बताया जाता है कि एफएसडीए अफसरों ने गोपनीय सूचना पर छापा मारा था।
बड़े ब्रांड भी प्रभावित
नेपाली खाद्य तेल के बढ़ते कारोबार से ब्रांडेड ऑयल प्रभावित हुए हैं। बताया जाता है कि कंपनियों ने प्रतिस्पर्धा में बने रहने के लिए 50 रुपये तक अपने उत्पाद सस्ते कर दिए हैं, क्योंकि बाजार में नेपाली रिफाइंड काफी सस्ते दामों पर उपलब्ध हो जाता है। एक लीटर पर 50 रुपये की बचत होने से नेपाली खाद्य तेल बाजार में अभी तक बना हुआ है।