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भाजपा नेता ने चन्मयानंद से मांगे थे सवा करोड़ रुपये
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शाहजहांपुर। चिन्मयानंद और छात्रा प्रकरण में एसआईटी ने मंगलवार को खुलासा किया कि चिन्मयानंद से फिरौती मांगने के मामले में भाजपा नेता और जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन धर्मेंद्र प्रताप सिंह उर्फ डीपीएस राठौर का नाम भी चार्जशीट में शामिल होगा। एसआईटी बुधवार को चार्जशीट सीजेएम कोर्ट में दाखिल करेगी। साथ ही रिपोर्ट हाईकोर्ट को भेजी जाएगी।
एसआईटी के मुताबिक भाजपा नेता डीपीएस राठौर के पास मिली पेन ड्राइव में अश्लील वीडियो मिले हैं, जो छात्रा और संजय से लिए गए थे। उन्हीं अश्लील वीडियो के आधार पर राठौर ने सवा करोड़ रुपये चिन्मयानंद से मांगे थे। राठौर के अलावा एक और भाजपा नेता अजीत सिंह का नाम भी चार्जशीट में शामिल किया जाएगा। अजीत जेल में बंद आरोपी विक्रम का बहनोई है। फिरौती मांगने के मामले में छात्रा के अलावा उसके तीन दोस्त पहले ही जेल में हैं।
मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस में एसआईटी चीफ आईजी नवीन अरोड़ा ने बताया कि करीब दो महीने में चार्जशीट तैयार की गई है। इसमें 55 अभिलेख संकलित किए गए हैं। चार्जशीट 47 सौ पन्नों की है। पूरी विवेचना में सारे वीडियो और ऑडियो की एफएसएल से जांच कराई गई थी, जो सही पाए गए हैं और धारा 67 ए भी सही पाई गई। पूरी कॉल डिटेल रिकॉर्ड में फिरौती मांगने के आरोप भी सही पाए गए हैं। चिन्मयानंद पर दुष्कर्म के आरोप के मामले और पीड़ित छात्रा द्वारा पांच करोड़ की रंगदारी मांगने के मामले में स्थानीय पुलिस और कॉलेज स्टाफ की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है, जिसकी रिपोर्ट शासन को सौंपी जाएगी।
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यह था मामला
एसएस लॉ कॉलेज की छात्रा ने चिन्मयानंद पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। लॉ कॉलेज की छात्रा ने यौन उत्पीड़न का आरोप पांच करोड़ की फिरौती न मिलने के बाद लगाया था। फिरौती मांगने में उसके तीन दोस्त संजय, सचिन और विक्रम भी शामिल रहे थे। इस मामले में पहली रिपोर्ट चिन्मयानंद के वकील ओम सिंह की ओर से रंगदारी मांगने के आरोप में 25 अगस्त को अज्ञात के खिलाफ कोतवाली में लिखाई गई थी। दो दिन बाद 27 अगस्त को छात्रा के पिता ने चिन्मयानंद व अन्य के खिलाफ अपहरण और जान से मारने की धमकी देने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 30 अगस्त को छात्रा और उसका दोस्त संजय राजस्थान के दौसा शहर में मिले थे। इस पूरे मामले की जांच एसआईटी ने 6 सितंबर को शुरू की थी। 20 सितंबर को एसआईटी ने चिन्मयानंद और छात्रा के तीनों दोस्तों को गिरफ्तार करके जेल भेजा था। छात्रा को 25 सितंबर को जेल भेजा गया था।
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एसआईटी के मुताबिक भाजपा नेता डीपीएस राठौर के पास मिली पेन ड्राइव में अश्लील वीडियो मिले हैं, जो छात्रा और संजय से लिए गए थे। उन्हीं अश्लील वीडियो के आधार पर राठौर ने सवा करोड़ रुपये चिन्मयानंद से मांगे थे। राठौर के अलावा एक और भाजपा नेता अजीत सिंह का नाम भी चार्जशीट में शामिल किया जाएगा। अजीत जेल में बंद आरोपी विक्रम का बहनोई है। फिरौती मांगने के मामले में छात्रा के अलावा उसके तीन दोस्त पहले ही जेल में हैं।
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मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस में एसआईटी चीफ आईजी नवीन अरोड़ा ने बताया कि करीब दो महीने में चार्जशीट तैयार की गई है। इसमें 55 अभिलेख संकलित किए गए हैं। चार्जशीट 47 सौ पन्नों की है। पूरी विवेचना में सारे वीडियो और ऑडियो की एफएसएल से जांच कराई गई थी, जो सही पाए गए हैं और धारा 67 ए भी सही पाई गई। पूरी कॉल डिटेल रिकॉर्ड में फिरौती मांगने के आरोप भी सही पाए गए हैं। चिन्मयानंद पर दुष्कर्म के आरोप के मामले और पीड़ित छात्रा द्वारा पांच करोड़ की रंगदारी मांगने के मामले में स्थानीय पुलिस और कॉलेज स्टाफ की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है, जिसकी रिपोर्ट शासन को सौंपी जाएगी।
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यह था मामला
एसएस लॉ कॉलेज की छात्रा ने चिन्मयानंद पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। लॉ कॉलेज की छात्रा ने यौन उत्पीड़न का आरोप पांच करोड़ की फिरौती न मिलने के बाद लगाया था। फिरौती मांगने में उसके तीन दोस्त संजय, सचिन और विक्रम भी शामिल रहे थे। इस मामले में पहली रिपोर्ट चिन्मयानंद के वकील ओम सिंह की ओर से रंगदारी मांगने के आरोप में 25 अगस्त को अज्ञात के खिलाफ कोतवाली में लिखाई गई थी। दो दिन बाद 27 अगस्त को छात्रा के पिता ने चिन्मयानंद व अन्य के खिलाफ अपहरण और जान से मारने की धमकी देने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 30 अगस्त को छात्रा और उसका दोस्त संजय राजस्थान के दौसा शहर में मिले थे। इस पूरे मामले की जांच एसआईटी ने 6 सितंबर को शुरू की थी। 20 सितंबर को एसआईटी ने चिन्मयानंद और छात्रा के तीनों दोस्तों को गिरफ्तार करके जेल भेजा था। छात्रा को 25 सितंबर को जेल भेजा गया था।