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पूर्व कॉलेज ने कहा, छात्रा का नाम हमारी वेबसाइट से हटाया जाए
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बरेली। चिन्मयानंद पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली छात्रा का एडमिशन दूसरे कॉलेज में ट्रांसफर हो चुका है, लेकिन बैक पेपर में आवेदन के चलते उसका नाम अब भी पुराने कॉलेज की वेबसाइट पर दिख रहा है। उस पर पूर्व कॉलेज ने विश्वविद्यालय को पत्र लिखकर छात्रा का नाम उनकीवेबसाइट से हटाने की मांग की। विश्वविद्यालय ने तत्काल नाम हटा दिया गया है।
चिन्मयानंद पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली एलएलएम थर्ड सेमेस्टर की छात्रा जेल में है। पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने दुष्कर्म पीड़ित छात्रा और उसके भाई का एडमिशन उनके मनचाहे कॉलेज में ट्रांसफर करने के रुहेलखंड विश्वविद्यालय को निर्देश दिए थे। 18 अक्तूबर को एडमिशन प्रक्रिया पूरी कराई गई। बार-बार की भागदौड़ से बचने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने उसी दिन छात्रा का कॉलेज ट्रांसफर पत्र, परीक्षा फार्म, आई कार्ड, हॉस्टल समेत सारी औपचारिकताएं पूरी कर लीं। इसके बाद छात्रा के पूर्व कॉलेज की ओर से रुहेलखंड विश्वविद्यालय को पत्र भेजकर अवगत कराया है कि एलएलएम फर्स्ट सेमेस्टर में एक बैक पेपर था, जिसका कोड संख्या 507 है। मगर कॉलेज ट्रांसफर होने के बावजूद छात्रा का यह बैक पेपर उनकी वेबसाइट पर ही प्रदर्शित हो रहा है। कॉलेज के अनुरोध पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए बृहस्पतिवार को यह बैक पेपर उनकी वेबसाइट से हटा दिया है।
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चिन्मयानंद पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली एलएलएम थर्ड सेमेस्टर की छात्रा जेल में है। पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने दुष्कर्म पीड़ित छात्रा और उसके भाई का एडमिशन उनके मनचाहे कॉलेज में ट्रांसफर करने के रुहेलखंड विश्वविद्यालय को निर्देश दिए थे। 18 अक्तूबर को एडमिशन प्रक्रिया पूरी कराई गई। बार-बार की भागदौड़ से बचने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने उसी दिन छात्रा का कॉलेज ट्रांसफर पत्र, परीक्षा फार्म, आई कार्ड, हॉस्टल समेत सारी औपचारिकताएं पूरी कर लीं। इसके बाद छात्रा के पूर्व कॉलेज की ओर से रुहेलखंड विश्वविद्यालय को पत्र भेजकर अवगत कराया है कि एलएलएम फर्स्ट सेमेस्टर में एक बैक पेपर था, जिसका कोड संख्या 507 है। मगर कॉलेज ट्रांसफर होने के बावजूद छात्रा का यह बैक पेपर उनकी वेबसाइट पर ही प्रदर्शित हो रहा है। कॉलेज के अनुरोध पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए बृहस्पतिवार को यह बैक पेपर उनकी वेबसाइट से हटा दिया है।
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