{"_id":"64bae6661cbceeb36b0901b5","slug":"child-welfare-committee-looking-for-alternative-to-shelter-home-bareilly-news-c-4-noi1138-210882-2023-07-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: शेल्टर होम का विकल्प तलाश रही बाल कल्याण समिति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: शेल्टर होम का विकल्प तलाश रही बाल कल्याण समिति
Sat, 22 Jul 2023 01:41 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Sat, 22 Jul 2023 01:41 AM IST
विज्ञापन
बरेली। जिले में अनाथालय का पंजीकरण रद्द होने के बाद से बालक-बालिकाओं को आश्रय प्रदान करना बाल कल्याण समिति के लिए सिरदर्द बन गया है। बालकों को शाहजहांपुर भेजा जा रहा है तो बालिकाओं को पांच-पांच दिन का समय बढ़ाकर वन स्टॉप सेंटर में रखवाया जा रहा है।
शुक्रवार को भमोरा थाना क्षेत्र से चाइल्ड लाइन ने पश्चिम बंगाल निवासी 10 साल के बालक को पकड़ा। जैसे ही उसे बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया, पहला सवाल यह रहा कि परिजनों के मिलने तक बालक को कहां रखा जाएगा। बॉर्न बेबी फोल्ड में बच्चे को रखवाए जाने पर भी विचार किया गया, लेकिन किसी कारणवश समिति उसे वहां नहीं भेज सकी। अंतत: बालक को शाहजहांपुर भेजने का निर्णय लिया गया।
इस तरह की स्थितियां बाल कल्याण समिति में आज कल रोज बन रही हैं। वन स्टॉप सेंटर में केवल पांच बालिकाओं या किशोरियों के रहने की व्यवस्था है। शेल्टर के अभाव में वहां भी क्षमता से अधिक बालिकाओं और किशोरियों को रखना पड़ रहा है। सेंटर की प्रबंधक चंचल गंगवार भी इससे परेशान हैं। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष दिनेश चंद्रा ने बताया कि अनाथालय भेजी गई अन्य किशोरियों को भी वन स्टॉप सेंटर में शिफ्ट किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
शुक्रवार को भमोरा थाना क्षेत्र से चाइल्ड लाइन ने पश्चिम बंगाल निवासी 10 साल के बालक को पकड़ा। जैसे ही उसे बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया, पहला सवाल यह रहा कि परिजनों के मिलने तक बालक को कहां रखा जाएगा। बॉर्न बेबी फोल्ड में बच्चे को रखवाए जाने पर भी विचार किया गया, लेकिन किसी कारणवश समिति उसे वहां नहीं भेज सकी। अंतत: बालक को शाहजहांपुर भेजने का निर्णय लिया गया।
विज्ञापन
इस तरह की स्थितियां बाल कल्याण समिति में आज कल रोज बन रही हैं। वन स्टॉप सेंटर में केवल पांच बालिकाओं या किशोरियों के रहने की व्यवस्था है। शेल्टर के अभाव में वहां भी क्षमता से अधिक बालिकाओं और किशोरियों को रखना पड़ रहा है। सेंटर की प्रबंधक चंचल गंगवार भी इससे परेशान हैं। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष दिनेश चंद्रा ने बताया कि अनाथालय भेजी गई अन्य किशोरियों को भी वन स्टॉप सेंटर में शिफ्ट किया गया है।
विज्ञापन