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होम आइसोलेट हैं, तो हर घंटे मापते रहे बुखार और ऑक्सीजन स्तर
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बरेली। कोविड रोगी हैं। होम आइसोलेट हैं, तो जरूरी है कि हर एक घंटे में ऑक्सीजन का स्तर मापें और बुखार का तापमान जांचते रहें। ऑक्सीजन स्तर 94 से कम होता है तो तत्काल डॉक्टर से संपर्क करें। संक्रमित मरीज व आमतौर पर सभी रोजाना कम से कम दस गिलास पानी जरूर पीएं।
डॉ. सुदीप सरन ने बताया कि आइसोलेट मरीज के लिए स्वास्थ्य की नियमित जांच जरूरी है। इसके लिए वह हर एक से डेढ़ घंटे में अपने स्वास्थ्य की जांच करें। बुखार महसूस हो तो थर्मामीटर से तापमान माप लें। यह जरूरी है कि तापमान 100 डिग्री फॉरनहाइट से अधिक न हो। ऑक्सीमीटर से ऑक्सीजन का स्तर भी देखें। यह रेट 94 प्रतिशत से कम नहीं होनी चाहिए। जांच के बाद ये सभी और अन्य कोई लक्षण एक कागज या नोटबुक पर दिनांक और समय के साथ नोट करें। होम आइसोलेशन के शुरू होने के 14 दिनों बाद अगर मरीज को आखिरी दस दिनों में बुखार या अन्य कोई लक्षण नहीं है तो डॉक्टर से पूछकर होम आइसोलेशन को समाप्त कर सकते हैं। हर दिन आठ से दस गिलास पानी जरूर पीएं।
फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. शशांक शुक्ला ने कहा कि पल्स की जांच भी बेहद जरूरी है। इसे सामान्य तरीके से भी माप सकते हैं। इसके लिए पल्स को एक मिनट के लिए जांचें। पल्स की जांच के लिए अपनी तर्जनी और मध्यम उंगलियों को कलाई पर रखें। ध्यान से गिनें कि आप एक मिनट में कितने धड़कनें महसूस कर रहे हैं। ध्यान रखें कि पल्स 100 बीट्स प्रति मिनट से अधिक नहीं हो। अपने श्वसन दर पर ध्यान दें। श्वसन दर 15 प्रति मिनट से अधिक नहीं हो।
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डॉ. संतोष सिंह ने बताया कि होम आइसोलेशन के दौरान अपने खानपान का भी ध्यान रखें। रोगी घर में बना खाना ही खाएं। गेहूं का आटा, दलिया, बाजरा, ब्राउन राइस खाएं। प्रोटीनयुक्त चीजें जैसे बींस व दाल, ताजे फ ल और सब्जियां, खास तौर पर खट्टे फ ल जैसे मौसमी, नारंगी संतरा जरूर लें। खाने में अदरक, लहसुन और हल्दी जैसे मसालों का इस्तेमाल करें। लो फैट दूध व दही का इस्तेमाल करें। फ लों व सब्जियों को अच्छे से धोकर ही खाएं।
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डॉ. सुदीप सरन ने बताया कि आइसोलेट मरीज के लिए स्वास्थ्य की नियमित जांच जरूरी है। इसके लिए वह हर एक से डेढ़ घंटे में अपने स्वास्थ्य की जांच करें। बुखार महसूस हो तो थर्मामीटर से तापमान माप लें। यह जरूरी है कि तापमान 100 डिग्री फॉरनहाइट से अधिक न हो। ऑक्सीमीटर से ऑक्सीजन का स्तर भी देखें। यह रेट 94 प्रतिशत से कम नहीं होनी चाहिए। जांच के बाद ये सभी और अन्य कोई लक्षण एक कागज या नोटबुक पर दिनांक और समय के साथ नोट करें। होम आइसोलेशन के शुरू होने के 14 दिनों बाद अगर मरीज को आखिरी दस दिनों में बुखार या अन्य कोई लक्षण नहीं है तो डॉक्टर से पूछकर होम आइसोलेशन को समाप्त कर सकते हैं। हर दिन आठ से दस गिलास पानी जरूर पीएं।
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फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. शशांक शुक्ला ने कहा कि पल्स की जांच भी बेहद जरूरी है। इसे सामान्य तरीके से भी माप सकते हैं। इसके लिए पल्स को एक मिनट के लिए जांचें। पल्स की जांच के लिए अपनी तर्जनी और मध्यम उंगलियों को कलाई पर रखें। ध्यान से गिनें कि आप एक मिनट में कितने धड़कनें महसूस कर रहे हैं। ध्यान रखें कि पल्स 100 बीट्स प्रति मिनट से अधिक नहीं हो। अपने श्वसन दर पर ध्यान दें। श्वसन दर 15 प्रति मिनट से अधिक नहीं हो।
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डॉ. संतोष सिंह ने बताया कि होम आइसोलेशन के दौरान अपने खानपान का भी ध्यान रखें। रोगी घर में बना खाना ही खाएं। गेहूं का आटा, दलिया, बाजरा, ब्राउन राइस खाएं। प्रोटीनयुक्त चीजें जैसे बींस व दाल, ताजे फ ल और सब्जियां, खास तौर पर खट्टे फ ल जैसे मौसमी, नारंगी संतरा जरूर लें। खाने में अदरक, लहसुन और हल्दी जैसे मसालों का इस्तेमाल करें। लो फैट दूध व दही का इस्तेमाल करें। फ लों व सब्जियों को अच्छे से धोकर ही खाएं।