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ब्लैक फंगस : बैंक मैनेजर बना शिकार, इंजेक्शनों के नाम पर ठगे 1.60 लाख रुपये
Tue, 07 Sep 2021 01:45 PM IST
बरेली ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
Published by: बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 07 Sep 2021 01:45 PM IST
सार
कोरोना में ब्लैक फंगस का इंजेक्शन दिलाने की आड़ में की गई ठगी का मामला सामने आया है। लॉकडाउन के दौरान ब्लैक फंगस से पीड़ित हुए केनरा बैंक के मैनेजर सिद्धार्थनगर निवासी नितीश सक्सेना से इंजेक्शनों के नाम पर 1.60 लाख रुपये ठग लिए गए। इस दौरान उन्हें सिर्फ 27 हजार रुपये के इंजेक्शन उपलब्ध कराए गए। बाकी रुपये वापस मांगने पर धमकाया। नितीश ने एसएसपी से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।
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विस्तार
लॉकडाउन के दौरान ब्लैक फंगस से पीड़ित हुए केनरा बैंक के मैनेजर सिद्धार्थनगर निवासी नितीश सक्सेना से इंजेक्शनों के नाम पर 1.60 लाख रुपये ठग लिए गए। इस दौरान उन्हें सिर्फ 27 हजार रुपये के इंजेक्शन उपलब्ध कराए गए। बाकी रुपये वापस मांगने पर धमकाया। नितीश ने एसएसपी से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।
नितीश केनरा बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय में मैनेजर हैं। उन्होंने बताया कि अप्रैल में कोरोना संक्रमित होने पर वह होम आइसोलेट हो गए। उसी दौरान ब्लैक फंगस का शिकार होने पर उन्हें दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। वहां दो सर्जरी हुईं और उनका आधा जबड़ा और एक ओर के दांत निकाल दिए गए। ब्लैक फंगस का इंफेक्शन बढ़ने पर डॉक्टर ने ‘एम्फोटेरिसिन’ इंजेक्शन की जरूरत बताई।
इंजेक्शन उस समय दिल्ली में नहीं मिल रहा था। उनकी पत्नी गायत्री ने ट्विटर पर लोगों से मदद मांगी। इस पर पारिवारिक मित्र के जरिये एक व्यक्ति का उन्हें मोबाइल नंबर मिला। उसने इंजेक्शन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया तो विश्वास में आकर उसके खाते में 1.60 रुपये ट्रांसफर कर दिए। मगर उस व्यक्ति ने उन्हें सिर्फ पांच इंजेक्शन ही उपलब्ध कराए, जो 27 हजार रुपये के थे। कई बार संपर्क करने पर भी उसने बाकी रुपये नहीं लौटाए।
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पुलिस में शिकायत करने पर आरोपी ने अपने भाई के जरिये बामुश्किल 20 हजार रुपये वापस किए। उनके 1.13 लाख रुपये अब भी उस पर बकाया हैं। अब वह रुपये वापस करने के बजाय उन्हें धमका रहा है। उन्होंने एसएसपी से आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
इंटरनेट के नाम पर भी ठगी कर चुका है आरोपी
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नितीश केनरा बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय में मैनेजर हैं। उन्होंने बताया कि अप्रैल में कोरोना संक्रमित होने पर वह होम आइसोलेट हो गए। उसी दौरान ब्लैक फंगस का शिकार होने पर उन्हें दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। वहां दो सर्जरी हुईं और उनका आधा जबड़ा और एक ओर के दांत निकाल दिए गए। ब्लैक फंगस का इंफेक्शन बढ़ने पर डॉक्टर ने ‘एम्फोटेरिसिन’ इंजेक्शन की जरूरत बताई।
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इंजेक्शन उस समय दिल्ली में नहीं मिल रहा था। उनकी पत्नी गायत्री ने ट्विटर पर लोगों से मदद मांगी। इस पर पारिवारिक मित्र के जरिये एक व्यक्ति का उन्हें मोबाइल नंबर मिला। उसने इंजेक्शन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया तो विश्वास में आकर उसके खाते में 1.60 रुपये ट्रांसफर कर दिए। मगर उस व्यक्ति ने उन्हें सिर्फ पांच इंजेक्शन ही उपलब्ध कराए, जो 27 हजार रुपये के थे। कई बार संपर्क करने पर भी उसने बाकी रुपये नहीं लौटाए।
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पुलिस में शिकायत करने पर आरोपी ने अपने भाई के जरिये बामुश्किल 20 हजार रुपये वापस किए। उनके 1.13 लाख रुपये अब भी उस पर बकाया हैं। अब वह रुपये वापस करने के बजाय उन्हें धमका रहा है। उन्होंने एसएसपी से आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
इंटरनेट के नाम पर भी ठगी कर चुका है आरोपी
नितीश ने बताया कि यह ठग इंटरनेट कनेक्शन बांटने के नाम पर भी दिल्ली में कई लोगों से ठगी कर चुका है। इस मामले में वहां के फतेहपुर बेरी थाने की पुलिस ने उसे गिरफ्तार करके जेल भेजा था।