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सीमेंट व्यापारी हत्याकांड: भाजपा में सक्रिय है हत्यारोपी का भाई, मनीष कपूर भी वित्त मंत्री सुरेश खन्ना का करीबी
Mon, 25 Oct 2021 09:20 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 25 Oct 2021 09:20 AM IST
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पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया
- फोटो : अमर उजाला
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शाहजहांपुर शहर के एक होटल में शनिवार शाम मामूली विवाद होने पर सीमेंट व्यापारी मनीष कपूर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने मनीष की हत्या करने के आरोप में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्हें पूछताछ के बाद जेल भेज दिया गया।
व्यापारी मनीष कपूर उर्फ टीटू की हत्या के आरोपी रूबल यादव के पिता स्व. फूल सिंह यादव वित्त एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री के प्रतिनिधि के तौर पर लोगों के बीच चर्चित थे। इसी साल कोरोना संक्रमण की चपेट में आकर फूल सिंह का निधन हो गया था। हत्यारोपी रूबल का घर वित्तमंत्री सुरेश खन्ना के आवास के पास है।
वहीं, रूबल का छोटा भाई रोबिन भी भाजपा में सक्रिय था। वह खुद को महानगर ओबीसी मोर्चा में पदाधिकारी बताता है। रोबिन ने बताया कि वह छोटी-मोटी ठेकेदारी का काम करता है। रोबिन के मुताबिक उसके पिता फूल सिंह यादव वित्त मंत्री सुरेश खन्ना के प्रतिनिधि थे। कुछ माह पहले उनका निधन हो गया है।
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परिवार के लोग रूबल को काफी समझाते थे कि शराब पीना बंद कर दे, लेकिन वह नहीं मानता था। रोबिन ने बताया कि कई लोगों से उसे पता चला कि होटल पर कुछ नोकझोंक हुई थी। इसके बाद गोली चल गई। मनीष को न वह जानते हैं और न ही रूबल जानता था। बताया जाता है कि रूबल भी ठेकेदारी में सहयोग करता था। हालांकि वह अधिकतर समय आवारागर्दी करता था।
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व्यापारी मनीष कपूर उर्फ टीटू की हत्या के आरोपी रूबल यादव के पिता स्व. फूल सिंह यादव वित्त एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री के प्रतिनिधि के तौर पर लोगों के बीच चर्चित थे। इसी साल कोरोना संक्रमण की चपेट में आकर फूल सिंह का निधन हो गया था। हत्यारोपी रूबल का घर वित्तमंत्री सुरेश खन्ना के आवास के पास है।
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वहीं, रूबल का छोटा भाई रोबिन भी भाजपा में सक्रिय था। वह खुद को महानगर ओबीसी मोर्चा में पदाधिकारी बताता है। रोबिन ने बताया कि वह छोटी-मोटी ठेकेदारी का काम करता है। रोबिन के मुताबिक उसके पिता फूल सिंह यादव वित्त मंत्री सुरेश खन्ना के प्रतिनिधि थे। कुछ माह पहले उनका निधन हो गया है।
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परिवार के लोग रूबल को काफी समझाते थे कि शराब पीना बंद कर दे, लेकिन वह नहीं मानता था। रोबिन ने बताया कि कई लोगों से उसे पता चला कि होटल पर कुछ नोकझोंक हुई थी। इसके बाद गोली चल गई। मनीष को न वह जानते हैं और न ही रूबल जानता था। बताया जाता है कि रूबल भी ठेकेदारी में सहयोग करता था। हालांकि वह अधिकतर समय आवारागर्दी करता था।
नशा और गुंडागर्दी करने में उसका नाम सामने आता रहता था। उस पर मारपीट और धमकाने के दो मामले चौक कोतवाली में पहले से दर्ज हैं। वहीं, वित्त मंत्री के पीआरओ अमित माणिक मिश्रा का कहना है कि फूल सिंह यादव कभी सुरेश खन्ना के प्रतिनिधि नहीं रहे हैं।
भाजपा महानगर अध्यक्ष अरुण गुप्ता ने बताया कि हत्यारोपी रूबल यादव का भाई रोबिन पार्टी में पदाधिकारी नहीं है। वह पार्टी के कार्यक्रमों में सक्रिय जरूर रहता था, लेकिन किसी पद पर नहीं था। उसकी आपराधिक गतिविधियों की जानकारी होने पर उसे किनारे कर दिया गया था।
वहीं, मृतक व्यापारी मनीष कपूर का परिवार वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना का काफी करीबी है। शनिवार रात पौने एक बजे घटना का पता लगने पर मंत्री सुरेश कुमार खन्ना राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंचे और मनीष के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने एसपी एस आनंद को आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के लिए निर्देशित किया था।
दिव्यांग है हत्यारोपी मोहब्बत अली
रूबल यादव ने पुलिस के पूछताछ करने पर बताया कि उसने अपने साथी मोहब्बत अली के कहने पर मनीष को गोली मारी थी। आरोपी मोहब्बत अली थाना सदर बाजार क्षेत्र के तारीन बहादुरगंज का रहने वाला है। उसका एक भाई टेलीफोन एक्सचेंज के पास पान की दुकान लगाता है। जहां मोहब्बत अली कॉफी बेचता था।
भाजपा महानगर अध्यक्ष अरुण गुप्ता ने बताया कि हत्यारोपी रूबल यादव का भाई रोबिन पार्टी में पदाधिकारी नहीं है। वह पार्टी के कार्यक्रमों में सक्रिय जरूर रहता था, लेकिन किसी पद पर नहीं था। उसकी आपराधिक गतिविधियों की जानकारी होने पर उसे किनारे कर दिया गया था।
वहीं, मृतक व्यापारी मनीष कपूर का परिवार वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना का काफी करीबी है। शनिवार रात पौने एक बजे घटना का पता लगने पर मंत्री सुरेश कुमार खन्ना राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंचे और मनीष के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने एसपी एस आनंद को आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के लिए निर्देशित किया था।
दिव्यांग है हत्यारोपी मोहब्बत अली
रूबल यादव ने पुलिस के पूछताछ करने पर बताया कि उसने अपने साथी मोहब्बत अली के कहने पर मनीष को गोली मारी थी। आरोपी मोहब्बत अली थाना सदर बाजार क्षेत्र के तारीन बहादुरगंज का रहने वाला है। उसका एक भाई टेलीफोन एक्सचेंज के पास पान की दुकान लगाता है। जहां मोहब्बत अली कॉफी बेचता था।
मोहब्बत अली, उसके दो भाई और एक बहन दोनों पैरों से दिव्यांग हैं। आसपास के लोगों के मुताबिक बड़ा भाई अक्सर मोहब्बत को कोई काम करने के लिए कहता था और अपराधियों की संगत से बचने के लिए समझाता था। बावजूद इसके मोहब्बत आवारागर्दी करता रहता था। वह काम-धंधे पर ध्यान देने की बजाय शराब पीना, जुआ खेलना आदि में गतिविधियों में शामिल रहता था।
फायरिंग की बात बताकर बचने की कोशिश करता रहा रूबल
जब पुलिस ने रूबल से पूछताछ की तो वह बेहद शातिराना ढंग से अपना बचाव करता रहा। उसने कहा कि वह मनीष को नहीं जानता था। विवाद होने पर पहले मनीष की ओर से उस पर फायर किया गया। उसने बचाव में फायर किया, जिससे मनीष की मौत हो गई। उसने अपने पास तमंचा होने की बात स्वीकारी और कहा कि वह तमंचा लगाकर घूमा करता था। हालांकि मनीष के पास से कोई असलहा पुलिस को नहीं मिला था।
फायरिंग की बात बताकर बचने की कोशिश करता रहा रूबल
जब पुलिस ने रूबल से पूछताछ की तो वह बेहद शातिराना ढंग से अपना बचाव करता रहा। उसने कहा कि वह मनीष को नहीं जानता था। विवाद होने पर पहले मनीष की ओर से उस पर फायर किया गया। उसने बचाव में फायर किया, जिससे मनीष की मौत हो गई। उसने अपने पास तमंचा होने की बात स्वीकारी और कहा कि वह तमंचा लगाकर घूमा करता था। हालांकि मनीष के पास से कोई असलहा पुलिस को नहीं मिला था।