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सीबीएसई के छात्रों को पंजीकरण के लिए अलग से एक सप्ताह मिलेगा
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Sat, 19 May 2018 01:43 AM IST
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MJP Rohilkhand university
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एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय के संबद्ध कॉलेजों में प्रवेश के लिए 30 मई तक आवेदन होंगे, लेकिन सीबीएसई बारहवीं का परिणाम न आने के कारण कॉलेज परेशान हैं। सीबीएसई से बारहवीं करने वाले छात्र भी स्नातक में प्रवेश लेते हैं। कॉलेजों के सुझाव के बाद विश्वविद्यालय इन छात्रों को पंजीकरण के लिए अलग से एक सप्ताह का वक्त देगा। 30 मई तक सीबीएसई बारहवीं का परिणाम घोषित होने की उम्मीद है। एडमिशन प्रक्रिया को लेकर शुक्रवार को हुई प्राचार्यों की बैठक में विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि कॉलेजों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। सीबीएसई का रिजल्ट आने के बाद एक सप्ताह तक पंजीकरण खुले रहेंगे। सीबीएसई के छात्रों को पंजीकरण का पूरा मौका मिलेगा। बात दें कि तीस मई तक पंजीकरण होने हैं, चार जून तक फार्म कॉलेजों में जमा होंगे और आठ जून तक कॉलेज विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर डाटा दर्ज करेंगे। 11 जून तक मेरिट तैयार होगी और 25 जून तक प्रवेश पूरे करने होंगे और 30 जून तक डाटा संशोधित किया जा सकेगा।
ओटीपी का समय 30 मिनट होगा
शुक्रवार सुबह शाहजहांपुर और संभल तथा दोपहर बाद रामपुर और मुरादाबाद जिले के कॉलेजों के प्राचार्यों की बैठक हुई। शुक्रवार को भी ओटीपी के समय को लेकर कॉलेजों ने विरोध जताया। कहा, आधा घंटे में एडमिशन प्रोसेस कैसे पूरा करेंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कॉलेजों का सुझाव मानते हुए ओटीपी का समय 20 मिनट से बढ़ाकर 30 मिनट करने का निर्णय लिया है।
कॉलेज विवि के पोर्टल पर कर सकते हैं चेकइन
पंजीकरण फार्म कॉलेजों में जमा होना शुरू हो गया है। कॉलेज विश्वविद्यालय के एडमिशन पोर्टल पर छात्रों का चेक इन यानी उनका सारा विवरण दर्ज कर सकता है। सीट लॉक होने का विकल्प खुलने के बाद ओटीपी के माध्यम से कॉलेज छात्रों की सीट लॉक कर सकेंगे। शुक्रवार तक स्नातक के लिए 80 हजार आवेदन हो चुके हैं।
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क्यूआर कोड नहीं हटेगा
कॉलेजों का तर्क था कि अगर ओटीपी नहीं आया तो सीट लॉक करने के लिए पंजीकरण नंबर डालने का विकल्प दिया जाए। इसे विश्वविद्यालय ने खारिज कर दिया। कहा, क्यूआर कोड छात्रों को फर्जीवाड़े से बचाने के लिए लगाया गया है, इसे हटाया नहीं जा सकता।
सेल्फ फाइनेंस एसोसिएशन ने विरोध जताया
सेल्फ फाइनेंस एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने एडमिशन की कार्यशाला में दूसरे मुद्दों को लेकर विरोध भी जताया। उनका कहना था कि विश्वविद्यालय अक्सर अपने नियम कॉलेजों पर थोप देता है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के चयन के पैनल के लिए पांच हजार रुपये की फीस गलत है। इससे कॉलेजों पर बोझ बढ़ेगा। सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों ने फीस बढ़ाने का भी मुद्दा उठाया और कहा कि कॉलेज घाटे में हैं। फीस बढ़ाने की अनुमति दी जाए।
कोर्स चुनने में न करें चूक
तमाम छात्रों ने पंजीकरण फार्म भरने में गलती कर दी है। जिन कोर्स की अर्हता बारहवीं हैं उसने स्नातक की अर्हता वाले कोर्स में पंजीकरण कर दिया। जैसे एलएलबी के लिए अर्हता स्नातक है जबकि इसमें बारहवीं के छात्रों ने भी आवेदन कर दिया जबकि उनको बीए एलएलबी में आवेदन करना था। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि छात्र यूजी और पीजी कोर्स चुनते वक्त उसकी अर्हता जरूर देख लें उसके बाद ही पंजीकरण फार्म भरें।
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ओटीपी का समय 30 मिनट होगा
शुक्रवार सुबह शाहजहांपुर और संभल तथा दोपहर बाद रामपुर और मुरादाबाद जिले के कॉलेजों के प्राचार्यों की बैठक हुई। शुक्रवार को भी ओटीपी के समय को लेकर कॉलेजों ने विरोध जताया। कहा, आधा घंटे में एडमिशन प्रोसेस कैसे पूरा करेंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कॉलेजों का सुझाव मानते हुए ओटीपी का समय 20 मिनट से बढ़ाकर 30 मिनट करने का निर्णय लिया है।
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कॉलेज विवि के पोर्टल पर कर सकते हैं चेकइन
पंजीकरण फार्म कॉलेजों में जमा होना शुरू हो गया है। कॉलेज विश्वविद्यालय के एडमिशन पोर्टल पर छात्रों का चेक इन यानी उनका सारा विवरण दर्ज कर सकता है। सीट लॉक होने का विकल्प खुलने के बाद ओटीपी के माध्यम से कॉलेज छात्रों की सीट लॉक कर सकेंगे। शुक्रवार तक स्नातक के लिए 80 हजार आवेदन हो चुके हैं।
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क्यूआर कोड नहीं हटेगा
कॉलेजों का तर्क था कि अगर ओटीपी नहीं आया तो सीट लॉक करने के लिए पंजीकरण नंबर डालने का विकल्प दिया जाए। इसे विश्वविद्यालय ने खारिज कर दिया। कहा, क्यूआर कोड छात्रों को फर्जीवाड़े से बचाने के लिए लगाया गया है, इसे हटाया नहीं जा सकता।
सेल्फ फाइनेंस एसोसिएशन ने विरोध जताया
सेल्फ फाइनेंस एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने एडमिशन की कार्यशाला में दूसरे मुद्दों को लेकर विरोध भी जताया। उनका कहना था कि विश्वविद्यालय अक्सर अपने नियम कॉलेजों पर थोप देता है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के चयन के पैनल के लिए पांच हजार रुपये की फीस गलत है। इससे कॉलेजों पर बोझ बढ़ेगा। सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों ने फीस बढ़ाने का भी मुद्दा उठाया और कहा कि कॉलेज घाटे में हैं। फीस बढ़ाने की अनुमति दी जाए।
कोर्स चुनने में न करें चूक
तमाम छात्रों ने पंजीकरण फार्म भरने में गलती कर दी है। जिन कोर्स की अर्हता बारहवीं हैं उसने स्नातक की अर्हता वाले कोर्स में पंजीकरण कर दिया। जैसे एलएलबी के लिए अर्हता स्नातक है जबकि इसमें बारहवीं के छात्रों ने भी आवेदन कर दिया जबकि उनको बीए एलएलबी में आवेदन करना था। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि छात्र यूजी और पीजी कोर्स चुनते वक्त उसकी अर्हता जरूर देख लें उसके बाद ही पंजीकरण फार्म भरें।