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सीबीआई छापे से खुला वेंडर के मेडिकल बनाने का खेल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Sat, 27 Jan 2018 09:09 PM IST
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सीबीआई
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जंक्शन परिसर में काम करने वाले वेंडरों का मेडिकल बनाने में चल रहे बड़े खेल का सीबीआई ने पर्दाफाश किया है। लखनऊ से आई टीम ने स्टेशन अधीक्षक कार्यालय में तैनात बाबू अनिल चंद्रा उर्फ इंडियन को वेंडरों का मेडिकल बनाने के लिए सत्रह हजार रिश्वत लेते हुए पकड़ा। कार्यालय में काम करने वाली दो महिला टोकन पोर्टर से भी लंबी पूछताछ की गई है। करीब पांच घंटे तक सीबीआई बंद कमरे में स्टाफ से पूछताछ के बाद लखनऊ वापस लौट गई।
रेलवे सूत्रों के मुताबिक स्टेशन अधीक्षक कार्यालय के बाबू अनिल चंद्रा उर्फ इंडियन बैठते है। उनके साथ टोकन पोर्टर उर्मिला, सरोज और चपरासी राम किशन की ड्यूटी रहती है। शनिवार शाम को वेंडर एसोसिएशन के संचालक राजकुमार वेंडर का मेडिकल बनवाने के लिए बाबू अनिल के पास पहुंचे थे। उन्होंने मेडिकल बनाने के बाद सत्रह हजार रुपये बाबू अनिल को दिये। अनिल ने यह रिश्वत का रुपया महिला टोकन पोर्टर को दिया। इसी दौरान सीबीआई टीम ने छापेमारी करके रेलवे स्टाफ को रंगे हाथ पकड़ लिया। जिसके बाद स्टेशन अधीक्षक कार्यालय को बंद कर दिया गया। जीआरपी महिला स्टाफ को बुलाकर महिला टोकन पोर्टर की तलाशी ली गई। सीबीआई के टीम के आठ सदस्यों ने इस दौरान कुछ भी बताने से इंकार कर दिया।
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रेलवे सूत्रों के मुताबिक स्टेशन अधीक्षक कार्यालय के बाबू अनिल चंद्रा उर्फ इंडियन बैठते है। उनके साथ टोकन पोर्टर उर्मिला, सरोज और चपरासी राम किशन की ड्यूटी रहती है। शनिवार शाम को वेंडर एसोसिएशन के संचालक राजकुमार वेंडर का मेडिकल बनवाने के लिए बाबू अनिल के पास पहुंचे थे। उन्होंने मेडिकल बनाने के बाद सत्रह हजार रुपये बाबू अनिल को दिये। अनिल ने यह रिश्वत का रुपया महिला टोकन पोर्टर को दिया। इसी दौरान सीबीआई टीम ने छापेमारी करके रेलवे स्टाफ को रंगे हाथ पकड़ लिया। जिसके बाद स्टेशन अधीक्षक कार्यालय को बंद कर दिया गया। जीआरपी महिला स्टाफ को बुलाकर महिला टोकन पोर्टर की तलाशी ली गई। सीबीआई के टीम के आठ सदस्यों ने इस दौरान कुछ भी बताने से इंकार कर दिया।
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