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किशोर साधु की मौत का मामलाः अंदर से ताले पर जोर दे रही पुलिस, जीने पर ध्यान नहीं

Fri, 04 Jun 2021 01:34 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 04 Jun 2021 01:34 AM IST
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Case of death of Kishore Sadhu: Police insisting on locks from inside, not paying attention to living
अंदेशा जताया जा रहा है कि जीने पर रखी टिन की चादर हटाकर भी आ सकते हैं हत्यारे। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

अंदर से ताले पर जोर दे रही पुलिस, जीने पर ध्यान नहीं
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किशोर साधु के गुरु बोले- पुलिस गहराई से करे छानबीन
जीने पर रखी टिन की चादर हटाकर संभव है मंदिर में प्रवेश

बरेली। दुर्गा मंदिर में फंदे पर लटके मिले किशोर साधु की मौत का पुलिस आत्महत्या मान चुकी है मगर उनके गुरु गब्बर गिरि लगातार सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने मंदिर में प्रवेश का दूसरा रास्ता न होने के पुलिस के दावे को नकार दिया है। उनका कहना है कि जीने पर सिर्फ टिन की चादर रखी है, जिसे हटाकर कोई भी आसानी से अंदर पहुंच सकता है। पुलिस को गंभीरता से जांच करनी चाहिए।
दुर्गा मंदिर के मुख्य पुजारी गब्बर गिरि ने कहा कि जब पड़ोसी ने उन्हें बताया कि किशोर साधु मंदिर से कोई जवाब नहीं दे रहे हैं तो वह मौके पर पहुंचे। खुद भी आवाज दी लेकिन कोई जवाब न देने पर एक पड़ोसी से कहा कि मंदिर में कैसे जा सकते हैं तो उसने बताया कि जीने पर रखी टिन की चादर हटाकर अंदर पहुंच सकते हैं। इसके बाद पड़ोसी उसी रास्ते से अंदर पहुंच गया और ताले तोड़कर दरवाजा खोल दिया। उन्होंने कहा कि वह किसी पर आरोप नहीं लगा रहे हैं लेकिन पुलिस को गहराई से जांच करनी चाहिए। उन्हें यह अब भी यकीन नहीं है कि हंसमुख स्वभाव का किशोर साधु खुदकुशी कर सकता है।
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दो पोस्टमार्टम रिपोर्ट असमंजस का कारण

सोमवार को मुख्य डाकघर के पास स्थित दुर्गा मंदिर में 15 वर्षीय किशोर साधु का शव फंदे पर लटका मिला था। पुलिस इसे सीधे तौर पर आत्महत्या का केस मान रही है। पहली बार हुए पोस्टमार्टम में दुष्कर्म और गला दबाकर हत्या की आशंका जताई गई। इसके बाद मंगलवार को दोबारा पैनल से पोस्टमार्टम कराकर दुष्कर्म और गला दबाने की आशंका को नकार दिया गया। हालांकि ट्रेकिया और दुष्कर्म की आशंका में बनाई गई स्लाइड की फोरेंसिक जांच रिपोर्ट के इंतजार में इस मामले में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
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