Bareilly: परिवहन में मुर्गे-मुर्गियों का वजन नियंत्रित करेगा कैरी कंफर्ट, वैज्ञानिकों ने बनाया पाउडर
पोल्ट्री फार्म से बिक्री के बाद मुर्गे-मुर्गियों को बेहद अव्यवस्थित तरीके से स्लॉटरिंग के लिए ले जाया जाता है। बिक्री के दौरान और स्लॉटर से पहले उनका वजन होता है। वजन नियंत्रण करने के लिए वैज्ञानिकों ने कैरी कंफर्ट पाउडर बनाया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मुर्गे-मुर्गियों को स्लॉटरिंग (काटने) के लिए ले जाने के दौरान वजन 10 फीसदी तक कम हो जाता है। बरेली के केंद्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान (सीएआरआई) इज्जतनगर की ओर से विकसित कैरी कंफर्ट पाउडर इस समस्या से निजात दिलाएगा।
वैज्ञानिक डॉ. जयदीप रोकड़े के मुताबिक पोल्ट्री फार्म से बिक्री के बाद मुर्गे-मुर्गियों को बेहद अव्यवस्थित तरीके से स्लॉटरिंग के लिए ले जाया जाता है। बिक्री के दौरान और स्लॉटर से पहले उनका वजन होता है। इसमें 10 फीसदी तक का अंतर हो जाता है। इसकी वजह तलाशने के साथ ही उसके निराकरण के लिए वर्ष 2019 में शोध शुरू हुआ था।
इसमें खानपान के साथ मानसिक स्थिति, रहन-सहन आदि कारकों का बारीकी से अध्ययन करने पर पता चला कि फार्म में आराम से रहने के बाद अचानक परिस्थितियां बदलने से मुर्गे-मुर्गियों का मानसिक तनाव कई गुना बढ़ जाता है। इसका शरीर पर विपरीत प्रभाव पड़ता है और उनका वजन कम होने लगता है।
अव्यवस्थित परिवहन से होती हैं ये दिक्कतें
अव्यवस्थित परिवहन से पक्षियों में थर्मल डिस्कंफर्ट, डिहाइड्रेशन, एनर्जी डिप्लेशन व अन्य दिक्कतें होती हैं। वजन भी घटता है। साथ ही, ब्रूसेस, हैमरेज, एसिड असंतुलन, इलेक्ट्रोलाइट बदलाव भी होते हैं। वहीं, लोडिंग के लिए पकड़ने का तरीका, वाहन की स्थिति, खांचे की डिजाइन, वेंटिलेशन आदि व्यवस्थित न होने से मांस की गुणवत्ता भी प्रभावित होती है।
करीब चार माह बाद बाजार में होगा उपलब्ध
कैरी कंफर्ट उत्पाद पेटेंट के लिए भेजा है। इस प्रक्रिया में करीब तीन माह लग सकते हैं। इसके बाद इस तकनीक की कीमत निर्धारित की जाएगी। फिर प्रचार-प्रसार होगा। करार के बाद संबंधित कंपनी उत्पाद को तैयार कर बाजार में उतारेगी। उत्पाद किसानों को रियायती दर में मिलेगा।
तैयार हुआ कैरी कंफर्ट
डॉ. रोकड़े के मुताबिक वर्ष 2023 में शोध कार्य पूरा हुआ। ट्रायल सफल रहा। कुक्कुट की बिक्री के बाद परिवहन से तीन दिन पहले कैरी कंफर्ट पाउडर को पानी में मिलाकर सेवन कराना होता है। यह मुर्गे-मुर्गियों का वजन नियंत्रित करता है। इससे मांस की गुणवत्ता भी प्रभावित नहीं होती। अब सीएआरआई की ओर से इसके पेटेंट के लिए आवेदन किया गया है।
सीएआरआई के निदेशक डॉ. अशोक कुमार तिवारी ने बताया कि अव्यवस्थित परिवहन से कुक्कुट पर विपरीत प्रभाव होते हैं। वजन घटता है और मांस की गुणवत्ता भी प्रभावित होती है। संस्थान की ओर से विकसित कैरी कंफर्ट उत्पाद इससे निजात दिलाने में कारगर है। पेटेंट के लिए आवेदन किया गया है।