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सीएआरआई के स्थापना दिवस पर सम्मानित किए किसान
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बरेली। केंद्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान (सीएआरआई) में 41वें स्थापना दिवस समारोह पर कुक्कुट पालक किसानों को सम्मानित किया गया। इस दौरान मुख्य अतिथि मत्स्य, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय के संयुक्त सचिव डॉ. ओपी चौधरी ने कहा कि शोध से निकले ज्ञान को सरल भाषा में प्रस्तुत किया जाए ताकि किसान उसे आसानी से समझ सकें। पूर्व निदेशक डॉ. राजवीर सिंह और डिप्टी कमिश्नर पोल्ट्री डॉ. सुजीत कुमार दत्ता विशिष्ट अतिथि रहे।
मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों एवं संस्थान के निदेशक (कार्यकारी) डॉ. वीके ने दीप प्रज्वलित कर स्थापना दिवस समारोह का शुभारंभ किया। प्रधान वैज्ञानिक डॉ. एमपी सागर ने संस्थान में वर्ष भर किए गए प्रसार कार्यों का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। विशिष्ट अतिथि डॉ. राजवीर सिंह ने कुक्कुट पालन में आहार लागत को कम करने के प्रयास करने पर जो दिया। डॉ. सुजीत कुमार दत्ता ने बैकयार्ड पोल्ट्री को बढ़ावा देने की बात कही। इस अवसर पर एग्री बिजनेस इंक्यूबेटर परियोजना के तहत तीन उद्यमियों, आकाशवाणी पर प्रसारित बत्तख पालन पर कृषि पाठशाला के आठ विजेताओं एवं संस्थान से प्रशिक्षण प्राप्त किसानों को पुरस्कार प्रदान किया गया। मुख्य अतिथि ने मेरा गांव मेरा गौरव योजना के तहत अंगीकृत ग्राम पंचायत डंडिया तथा स्वच्छता अभियान के तहत अंगीकृत ग्राम नवदिया हरकिशन के 10 किसानों को पारिवारिक कुक्कुट पालन के लिए चूजे प्रदान किए। इस अवसर पर एक किसान गोष्ठी का आयोजन भी किया गया, जिसमें संस्थान के वैज्ञानिकों ने व्यवसायिक ब्रायलर पालन, सस्ता कुक्कुट आहार तैयार करने, टीकाकरण जैसी जानकारियां दीं। गोष्ठी में आसपास के जिलों के किसान एवं रुहेलखंड विश्वविद्यालय के छात्र भी पहुंचे थे। कार्यक्रम का संचालन पीएन यादव ने किया। पूर्व निदेशक डॉ. बीपी सिंह, डॉ. आरपी सिंह, डॉ. एबी मंडल, पूर्व प्रधान वैज्ञानिक डॉ. एमसी कटारिया, डॉ. जगमोहन, डॉ. प्रवीन कुमार त्यागी आदि भी मौजूद रहे।
साउंड सिस्टम बंद होने से राष्ट्रगान में रहा व्यवधान
कार्यक्रम शुरू होने से पूर्व राष्ट्रगान हुआ। इस दौरान म्यूजिक सिस्टम पर भी राष्ट्रगान बजाया जा रहा था लेकिन अचानक म्यूजिक सिस्टम बंद हो गया। इससे कार्यक्रम में मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। हालांकि निदेशक डॉ. वीके सक्सेना का कहना है कि म्यूजिक सिस्टम बंद होने से राष्ट्रगान में कोई व्यवधान नहीं पड़ा।
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मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों एवं संस्थान के निदेशक (कार्यकारी) डॉ. वीके ने दीप प्रज्वलित कर स्थापना दिवस समारोह का शुभारंभ किया। प्रधान वैज्ञानिक डॉ. एमपी सागर ने संस्थान में वर्ष भर किए गए प्रसार कार्यों का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। विशिष्ट अतिथि डॉ. राजवीर सिंह ने कुक्कुट पालन में आहार लागत को कम करने के प्रयास करने पर जो दिया। डॉ. सुजीत कुमार दत्ता ने बैकयार्ड पोल्ट्री को बढ़ावा देने की बात कही। इस अवसर पर एग्री बिजनेस इंक्यूबेटर परियोजना के तहत तीन उद्यमियों, आकाशवाणी पर प्रसारित बत्तख पालन पर कृषि पाठशाला के आठ विजेताओं एवं संस्थान से प्रशिक्षण प्राप्त किसानों को पुरस्कार प्रदान किया गया। मुख्य अतिथि ने मेरा गांव मेरा गौरव योजना के तहत अंगीकृत ग्राम पंचायत डंडिया तथा स्वच्छता अभियान के तहत अंगीकृत ग्राम नवदिया हरकिशन के 10 किसानों को पारिवारिक कुक्कुट पालन के लिए चूजे प्रदान किए। इस अवसर पर एक किसान गोष्ठी का आयोजन भी किया गया, जिसमें संस्थान के वैज्ञानिकों ने व्यवसायिक ब्रायलर पालन, सस्ता कुक्कुट आहार तैयार करने, टीकाकरण जैसी जानकारियां दीं। गोष्ठी में आसपास के जिलों के किसान एवं रुहेलखंड विश्वविद्यालय के छात्र भी पहुंचे थे। कार्यक्रम का संचालन पीएन यादव ने किया। पूर्व निदेशक डॉ. बीपी सिंह, डॉ. आरपी सिंह, डॉ. एबी मंडल, पूर्व प्रधान वैज्ञानिक डॉ. एमसी कटारिया, डॉ. जगमोहन, डॉ. प्रवीन कुमार त्यागी आदि भी मौजूद रहे।
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साउंड सिस्टम बंद होने से राष्ट्रगान में रहा व्यवधान
कार्यक्रम शुरू होने से पूर्व राष्ट्रगान हुआ। इस दौरान म्यूजिक सिस्टम पर भी राष्ट्रगान बजाया जा रहा था लेकिन अचानक म्यूजिक सिस्टम बंद हो गया। इससे कार्यक्रम में मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। हालांकि निदेशक डॉ. वीके सक्सेना का कहना है कि म्यूजिक सिस्टम बंद होने से राष्ट्रगान में कोई व्यवधान नहीं पड़ा।
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