लोकसभा चुनाव 2024: पीलीभीत के सियासी मैदान में सबका अपना-अपना चुनावी चक्रव्यूह, जानिए यहां के समीकरण
लोकसभा चुनाव में इस बार पीलीभीत सीट पर सबकी निगाहें हैं। यहां भाजपा ने वरुण गांधी का टिकट काटकर जितिन प्रसाद को प्रत्याशी बनाया है। सपा ने जातीय समीकरण को देखते भगवत सरन गंगवार को टिकट दिया। बसपा ने पूर्व मंत्री अनीस अहमद खां पर दांव खेला है।
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विस्तार
चुनावी महाभारत में मतदाता ‘मछली की आंख’ की भूमिका में है। सभी उम्मीदवारों और प्रमुख दलों की निगाह इन्हीं पर केंद्रित है। मतदाताओं के मत से पीलीभीत की कुर्सी हासिल करने की व्यूह रचना तैयार की गई है। सभी दलों ने अपनी-अपनी रणनीति बनाई है। जातीय समीकरण, युवा-बुजुर्ग और महिला मतदाताओं को अपने पाले में करने की पूरी रूपरेखा तैयार की गई है।
संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकताओं को अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई है। मॉनीटरिंग टीम भी है। समय-समय पर निर्देश और सुझाव भी जारी किए जा रहे हैं। पीलीभीत लोकसभा सीट फतह करने के लिए प्रमुख दलों की रणनीति पर रिपोर्ट....
जातीय समीकरण साधने की कवायद
समाजवादी पार्टी ने जातीय समीकरण को ध्यान में रखकर अपना उम्मीदवार उतारा है। बताया जा रहा है कि पूर्व मंत्री भगवत सरन गंगवार की पहली नजर अपने कैडर वोट कुर्मियों पर है। इसके अलावा पार्टी मुस्लिम मतदाताओं के 95 प्रतिशत मतदाताओं को भी अपने खाते में शामिल कर रही है। जिले में करीब पांच लाख मुस्लिम हैं।
सपा जिलाध्यक्ष जगदेव सिंह जग्गा ने बताया कि बृहस्पतिवार को बीसलपुर और पूरनपुर में कार्यकर्ता सम्मेलन किया गया। इसी तरह अन्य स्थानों पर यह आयोजन होंगे। बूथ और सेक्टर बनाए गए हैं। मुस्लिमों के अलावा कुर्मी, लोध किसानों और युवाओं को वह अपने साथ मानते हैं।
यह है सपा की तैयारी
- प्रत्येक बूथ पर 11 से 15 कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी दी गई।
- 10 बूथों को मिलाकर एक सेक्टर बनाया गया। प्रत्येक विधानसभा में 40 सेक्टर हैं।
- 10 सेक्टर मिलाकर एक जोन बनाया गया। प्रत्येक विधानसभा में पांच से छह जोन।
स्थानीय उम्मीदवार का दांव खेल रही बसपा
बहुजन समाज पार्टी ने अनीस अहमद खां उर्फ फूलबाबू को उम्मीदवार बनाया है। बसपा जिलाध्यक्ष भगवान सिंह गौतम ने बताया कि अकेले बसपा ने ही स्थानीय उम्मीदवार उतारा है। दावा है कि मुस्लिमों और पार्टी का कैडर वोट उनके साथ है। इसके अलावा सपा-भाजपा से असंतुष्ट मतदाताओं के वोट भी उन्हें मिलेंगे। मतदाताओं से मिलने का सिलसिला तेज कर दिया गया है।
यह है बसपा की तैयारी
- 1521 बूथ हैं जिले में। प्रत्येक बूथ पर पांच कार्यकताओं की कमेटी।
- 1925 बूथ हैं पूरे लोकसभा क्षेत्र में।
- 380 बूथ अध्यक्ष शहर में बनाए हैं बसपा ने।
- चार जोन बनाए गए हैं प्रत्येक विधानसभा में। जोन स्तर पर चार से पांच पदाधिकारी।
- 10 बूथों से सेक्टर और 10 सेक्टर मिलाकर एक जोन की रणनीति भी बनाई।
भाजपा ने की ये है तैयारी
पीलीभीत से भाजपा ने वरुण गांधी का टिकट काटकर जितिन प्रसाद को टिकट दिया है। यह सीट फतह करने के लिए बड़े स्तर पर तैयारी की है। बूथ कमेटी, बूथ अध्यक्ष, पन्ना प्रमुख, कार्यकर्ता समूह और कई अन्य तैयारियां की हैं। जिलाध्यक्ष संजीव प्रताप सिंह ने बताया कि मतदाताओं से घर-घर जाकर मिलने और उन्हें मतदान केंद्र तक लाने की पूरी रूपरेखा बनाई गई है। कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को जिम्मेदारियां दे दी गई हैं। संगठन स्तर से व्यापक रूप में जनसंपर्क हो रहा है।
संगठन के सहारे पार होगी भाजपी की नैया
- 16 हजार बूथ कमेटियां बनी हैं जिले में।
- 27 हजार पन्ना प्रमुख हैं भाजपा के।
- 1521 बूथ अध्यक्ष बनाए गए।
- 36,533 कार्यकर्ता समूह सक्रिय हैं।
- विधानसभा सम्मेलन में बूथ अध्यक्षों को सौंपे जाएंगी 20 प्रकार की जिम्मेदारी