UP News: बरेली में रेलवे की जमीन पर चला बुलडोजर, 150 अवैध निर्माण ढहाए; अतिक्रमण पर लगे लाल निशान
बरेली के बारादरी क्षेत्र में ईंट पजाया चौराहे के पास मंगलवार को अवैध कब्जों पर बुलडोजर चला तो अतिक्रमणकारियों में खलबली मच गई। यहां रेलवे की जमीन पर लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा था। कई बार नोटिस दिए जाने के बाद भी लोगों ने कब्जा नहीं हटाया। इसके बाद यह कार्रवाई की गई।
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बरेली में पूर्वोत्तर रेलवे के इज्जतनगर मंडल ने मंगलवार को ईंट पजाया से माधोबाड़ी रामायण वाटिका तक अभियान चलाकर रेलवे की भूमि से अवैध कब्जों को हटाया। नोकझोंक के बीच बुलडोजर से 150 से ज्यादा अस्थायी और स्थायी निर्माण ढहा दिए गए। अवैध कब्जा करने वालों के दरवाजे के बाहर गहरे गड्ढे खोद दिए गए, ताकि वह फिर से कब्जा न कर सकें। रेलवे के अधिकारियों, आरपीएफ, जीआरपी और सिविल पुलिस की मौजूदगी में पूर्वाह्न 11 से शाम चार बजे तक दो बुलडोजर के जरिये अवैध कब्जे ढहाए गए।
रेलवे की मीटरगेज लाइन श्यामगंज स्टेशन से इज्जत नगर वर्कशॉप तक जाती है। इस लाइन पर 35 साल पहले ट्रेनों का संचालन बंद कर दिया गया। इसके बाद यहां कब्जे होने लगे। रेलवे की सैकड़ों एकड़ जमीन पर कब्जे हो गए हैं। कई स्थानों पर तो धर्मस्थल तक बना लिए गए हैं।
श्यामगंज रेलवे स्टेशन से लेकर ईंट पजाया, माधोबाड़ी, प्रेमनगर, मॉडल डाउन, राजेंद्र नगर, गांधीनगर, जनकपुरी, इज्जत नगर तक रेल लाइन कब्जों में दफन हो गई। तीन साल पहले रेलवे भूमि विकास प्राधिकरण (आरएलडी) ने अवैध कब्जों का संज्ञान लेते हुए भूमि कब्जा मुक्त कराने के निर्देश दिए।
इसके बाद कई बार बार अतिक्रमण को चिह्नित किया गया। रेलवे ने पुलिस, प्रशासन और नगर निगम का सहयोग मांगा, लेकिन पर्याप्त सुरक्षा बंदोबस्त न होने की वजह से अतिक्रमण नहीं हटाया जा सका। सीबीगंज स्लीपर रोड, इज्जतनगर रेलवे स्टेशन पर रेलवे की जमीन पर धर्म स्थलों के कारण अधिकारियों को पैर वापस खींचने पड़े। आखिरकार मंगलवार को जमीन मुक्त कराने का अभियान शुरू कर दिया गया।
कई बार दिए गए नोटिस, लाल निशान भी लगाए
रेलवे की भूमि पर निर्माण कराने वाले लोगों को कई बार नोटिस दिए गए। लाल निशान भी लगाए गए, लेकिन लोगों ने अतिक्रमण नहीं हटाया। ईंट पजाया से माधोबाड़ी तक अस्थाई अतिक्रमण था। तमाम लोगों ने यहां झोंपड़ी बना ली थी। इसके आगे रामायण वाटिका मंदिर तक संपन्न लोगों ने भी अतिक्रमण कर गैराज, गार्डन बना लिए। कई स्थानों पर मकान भी आगे बढ़ाकर बना लिए गए थे। यह अवैध निर्माण मंगलवार को ढहा दिए गए।
रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि बुधवार को अभियान नहीं चलाया जाएगा। अब रामायण वाटिका से आगे के इलाके में अस्थायी व स्थायी अतिक्रमण करने वालों को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके बाद पर्याप्त सुरक्षा बल उपलब्ध होने पर अतिक्रमण ढहाया जाएगा।
ईंट पजाया से इज्जतनगर तक प्रस्तावित है भूमि पर विकास
आरएलडी ने श्यामगंज रेलवे स्टेशन से इज्जत नगर तक रेलवे की निष्प्रयोज्य भूमि को विकसित करने के लिए बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) से 2022 में प्रस्ताव मांगा था। बीडीए ने रेलवे की भूमि का सर्वे कराया तब पता लगा कि रेल लाइन की चौड़ाई 15 मीटर है। इसके अलावा भी हॉल्ट और रेलवे स्टेशन की काफी भूमि है। यहां भी कब्जा हो चुका है। बीडीए ने ईंट पजाया से इज्जत नगर रेलवे क्रॉसिंग तक पुरानी निष्प्रयोज्य रेल लाइन पर सड़क निर्माण समेत अन्य कार्यों का प्रस्ताव आरएलडी को भेज दिया, लेकिन इसके बाद कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी।