दहशत के सात दिन: दंगाई कर रहे आगजनी और तोड़फोड़; मणिपुर से लौटे छात्र ने बताए वहां के हालात
मणिपुर से लौटे छात्र ने कहा कि दंगाई वाहनों में तोड़फोड़ और आगजनी कर रहे थे। हॉस्टल में सभी छात्र दहशत में थे। कॉलेज प्रबंधन ने सभी को हॉस्टल में ही रहने के निर्देश दिए थे।
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मणिपुर में हिंसा के दौरान दहशत के सात दिन बिताकर बदायूं लौटे छात्र अनुज ने जो बताया उसे सुनकर परिवार के लोग सिहर उठे। बिसौली कोतवाली क्षेत्र के गांव अजनावर का रहने वाला अनुज मणिपुर में बीटेक प्रथम वर्ष का छात्र है। मंगलवार रात को उसके यहां आने की सूचना परिजनों को मिली तो उन्होंने राहत महसूस की। परिजन दिल्ली एयरपोर्ट रवाना हो गए।
बिसौली कोतवाली क्षेत्र के गांव अजनावर के रहने वाले रमेश का पुत्र अनुज मणिपुर के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी सेंटर में बीटेक प्रथम वर्ष का छात्र है। दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे अनुज से फोन पर बात की गई तो उसने बताया कि तीन मई को वह कॉलेज में था। इसी दौरान दोपहर 12 बजे कॉलेज प्रबंधन ने सभी छात्रों को जानकारी दी कि हिंसा भड़क गई है। सभी छात्र हॉस्टल पहुंच जाएं। वह हॉस्टल में अपने रूम पर पहुंचा। शाम को खिड़की से झांककर देखा तो चारों ओर आगजनी हो रही थी।
दंगाई वाहनों में तोड़फोड़ और आगजनी कर रहे थे। हॉस्टल में सभी छात्र दहशत में थे। हालांकि इस दौरान कॉलेज प्रबंधन की ओर से सभी को नियमित खाना दिया जा रहा था, लेकिन हॉस्टल के बाहर का दृश्य भयाभय था। मंगलवार को सरकार की ओर से बस भेजी गई, वहां से वह एयरपोर्ट पहुंचा, जहां से रात दस बजे दिल्ली पहुंचा। बुधवार को वो अपने घर पहुंचा। इसके बाद परिजनों ने राहत की सांस ली।