{"_id":"5a7b46cf4f1c1ba32a8b6413","slug":"bsnl-cuts-connection-of-up-finance-minister-over-dues","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिल न जमा होने पर काटा वित्तमंत्री का कनेक्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिल न जमा होने पर काटा वित्तमंत्री का कनेक्शन
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Thu, 08 Feb 2018 12:04 AM IST
विज्ञापन
BSNL
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बीएसएनएल की सेवाओं से परेशान होकर बरसों पहले ही उपभोक्ताओं ने उसका नाम ‘भूल से न लें’ रख दिया था। धीरे-धीरे बीएसएनएल का लैंडलाइन और मोबाइल फोन भी विलुप्त होता गया। मोबाइल कनेक्शन लेने वाले भी न के बराबर बचे हैं। सरकारी विभागों में बचे लैंडलाइन फोन भी बीएसएनएल के अफसरों और स्टाफ से नहीं निभाए जा रहे हैं। पहले जज, डीएम, केंद्रीय मंत्री समेत बड़ी हस्तियों के बेसिक फोन बकाएदारी में काटकर मुसीबत में पड़ चुके बीएसएनएल स्टाफ ने अब वित्तमंत्री राजेश अग्रवाल का कनेक्शन काटकर अफसरों की आफत कर डाली। फजीहत में पड़े राजेश अग्रवाल ने अफसरों को तलब किया तो भगदड़ मच गई। मंत्री को मनाकर उनका कनेक्शन जोड़ा गया। अब बिलों की पड़ताल और गलती की वजह तलाशी जा रही है।
मनमानी और भ्रष्टाचार के चलते बीएसएनएल का कारोबार धीरे-धीरे चौपट होने की स्थिति में आ गया है। गिने-चुने बचे मोबाइल और बेसिक फोन (लैंड लाइन) कनेक्शन भी विभागीय स्टाफ संभाल नहीं पा रहा है। बेसिक फोन खराब होने पर कई दिन तक लोग चक्कर लगाते रहते हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती है, अफसर दफ्तरों से नदारद रहते हैं। लापरवाही और मनमानी में मस्त स्टाफ को प्रोटोकाल का भी ध्यान नहीं है। अब विभाग ने वित्तमंत्री राजेश अग्रवाल का लैंडलाइन नंबर 2457878 बकाएदारी में काट दिया। यूपी सचिवालय इसका भुगतान करता है। कस्टमर टाइप भी राज्य सरकार है। कनेक्शन कटते ही वित्तमंत्री कैंप कार्यालय पर सरकारी कामकाज प्रभावित हो गया। छानबीन करने पर पता चला कनेक्शन बकाएदारी में काटा गया है।
वित्तमंत्री नाराज हुए तो जांच शुरू
वित्तमंत्री ने इस मामले में महाप्रबंधक चरण सिंह से जानकारी ली तो वे कुछ बता नहीं पाए। वीआईपी श्रेणी में दर्ज कनेक्शन किन परिस्थितियों काटा गया, इसे लेकर विभाग में अफरातफरी मच गई। मंत्री ने जीएम से लिखित जवाब मांगा है। मंत्री की नाराजगी से बचने के किए आननफानन में कनेक्शन जोड़ दिया और एक अफसर मंत्री का गुस्सा शांत करने को रवाना किया, लेकिन इससे बात नहीं बनी। कनेक्शन कटने की फजीहत से परेशान जीएम चरण सिंह ने इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं। जीएम ने उपमहाप्रबंधक एकेएस पुंडीर से तीन दिन में रिपोर्ट देने को कहा है।
विज्ञापन
‘मेरे कार्यालय पर लगा फोन सरकारी है, भुगतान सचिवालय से होता है। यह घोर लापरवाही और मनमानी है कि कैबिनेट मंत्री का भी कनेक्शन बकाएदारी दिखाकर काट दिया। जीएम से जवाब मांगा है, इसके बाद उच्च स्तर पर मामला सौंपेंगे।’ - राजेश अग्रवाल, वित्तमंत्री
विज्ञापन
मनमानी और भ्रष्टाचार के चलते बीएसएनएल का कारोबार धीरे-धीरे चौपट होने की स्थिति में आ गया है। गिने-चुने बचे मोबाइल और बेसिक फोन (लैंड लाइन) कनेक्शन भी विभागीय स्टाफ संभाल नहीं पा रहा है। बेसिक फोन खराब होने पर कई दिन तक लोग चक्कर लगाते रहते हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती है, अफसर दफ्तरों से नदारद रहते हैं। लापरवाही और मनमानी में मस्त स्टाफ को प्रोटोकाल का भी ध्यान नहीं है। अब विभाग ने वित्तमंत्री राजेश अग्रवाल का लैंडलाइन नंबर 2457878 बकाएदारी में काट दिया। यूपी सचिवालय इसका भुगतान करता है। कस्टमर टाइप भी राज्य सरकार है। कनेक्शन कटते ही वित्तमंत्री कैंप कार्यालय पर सरकारी कामकाज प्रभावित हो गया। छानबीन करने पर पता चला कनेक्शन बकाएदारी में काटा गया है।
विज्ञापन
वित्तमंत्री नाराज हुए तो जांच शुरू
वित्तमंत्री ने इस मामले में महाप्रबंधक चरण सिंह से जानकारी ली तो वे कुछ बता नहीं पाए। वीआईपी श्रेणी में दर्ज कनेक्शन किन परिस्थितियों काटा गया, इसे लेकर विभाग में अफरातफरी मच गई। मंत्री ने जीएम से लिखित जवाब मांगा है। मंत्री की नाराजगी से बचने के किए आननफानन में कनेक्शन जोड़ दिया और एक अफसर मंत्री का गुस्सा शांत करने को रवाना किया, लेकिन इससे बात नहीं बनी। कनेक्शन कटने की फजीहत से परेशान जीएम चरण सिंह ने इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं। जीएम ने उपमहाप्रबंधक एकेएस पुंडीर से तीन दिन में रिपोर्ट देने को कहा है।
विज्ञापन
‘मेरे कार्यालय पर लगा फोन सरकारी है, भुगतान सचिवालय से होता है। यह घोर लापरवाही और मनमानी है कि कैबिनेट मंत्री का भी कनेक्शन बकाएदारी दिखाकर काट दिया। जीएम से जवाब मांगा है, इसके बाद उच्च स्तर पर मामला सौंपेंगे।’ - राजेश अग्रवाल, वित्तमंत्री