फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Borrow over compensation of 55 crores, BDA sent full amount to administration

55 करोड़ के मुआवजे को लेकर रार खत्म, बीडीए ने प्रशासन को भेजी पूरी रकम

Sat, 29 Feb 2020 02:17 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 29 Feb 2020 02:17 AM IST
विज्ञापन
Borrow over compensation of 55 crores, BDA sent full amount to administration
रामगंगा आवासीय परियोजना - फोटो : अमर उजाला, बरेली
रामगंगानगर आवासीय परियोजना
विज्ञापन

एसएलएओ ने दिक्कत जताई थी, आधे बजट से किसे मुआवजा बांटे और किसे नहीं
बीडीए अफसरों ने ब्याज अर्जित करने के लिए रोकी थी दूसरी किस्त

बरेली। रामगंगानगर आवासीय परियोजना के 55 करोड़ के मुआवजे को लेकर बीडीए और प्रशासन के बीच चल रही रार खत्म हो गई है। बीडीए ने शुक्रवार को 28 करोड़ की दूसरी किस्त भी विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी (एसएलएओ) को जारी कर दी है। एसएलएओ ने पहले आधी रकम मिलने पर मुआवजा बांटने से यह कहकर हाथ खड़े कर दिए थे कि आधी रकम से किस भूस्वामी को मुआवजा दें और किसे नहीं, जबकि बीडीए अफसर चाहते थे कि प्रथम किस्त की रकम बंट जाए। तब तक दूसरी किस्त बैंक में जमा रहने पर प्राधिकरण को ब्याज के कई लाख रुपये मिल जाएंगे।
बीडीए ने इस आवासीय परियोजना के लिए अहिरोला, चंदपुर बिचपुरी, डोहरिया और मोहनपुर उर्फ रामनगर में 173.67 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया था। इसके लिए भूस्वामियों को 298 करोड़ का मुआवजा देना था। लगभग 55 करोड़ का अवशेष मुआवजा कई साल से लंबित था। हाल में बीडीए उपाध्यक्ष दिव्या मित्तल ने इस मुआवजे की पहली किस्त 27 करोड़ प्रशासन को जारी कर दी थी लेकिन एसएलएओ मदन कुमार ने इसे बांटने से यह कहकर मना कर दिया कि आधी रकम मिलने से यह दिक्कत आ रही है कि पहले किस काश्तकार को मुआवजा दें और किसे नहीं। एसएलएओ ने इसके लिए बीडीए से ही भू स्वामियों की लिस्ट भी मांगी थी।
विज्ञापन

उधर, मुआवजा न मिलने से किसान कलक्ट्रेट के चक्कर काटने लगे थे। इस समस्या को देखते हुए बीडीए ने शुक्रवार को मुआवजा की बाकी रकम करीब 28 करोड़ की धनराशि भी जारी कर दी है। बीडीए के अधिकारियों का कहना है कि 27 करोड़ की दूसरी किस्त इसलिए रोकी गई थी, क्योंकि पहली किस्त की धनराशि जब तक बंटती, तब तक बैंक में जमा दूसरी किस्त की रकम से अर्जित होने वाले ब्याज से बीडीए को कई लाख का फायदा हो जाता है। बीडीए अफसरों का कहना है कि इस परियोजना के लिए अब किसी काश्तकार का मुआवजा बकाया नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रामगंगानगर आवासीय परियोजना के लिए मुआवजे का पूरा बजट एसएलएओ को दे दिया गया हैै। भूस्वामियों को कैसे मुआवजा आवंटित होगा, यह प्लानिंग प्रशासन को अपने स्तर से करनी है। - दिव्या मित्तल, उपाध्यक्ष, बीडीए
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed