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अब रियल इस्टेट में काले धन का निवेश मुश्किल

Wed, 08 Apr 2015 01:59 AM IST
बरेली
बरेली Updated Wed, 08 Apr 2015 01:59 AM IST
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काले धन जमीन-मकान जैसी संपत्ति खरीदने वालोें पर अब आयकर विभाग की पैनी निगरानी रहेगी। इसके लिए जून से नई व्यवस्था लागू होने जा रही है जिसके तहत 20 हजार रुपये से ज्यादा कीमत की खरीददारी पर नकद लेनदेन नहीं हो पाएगा। रजिस्ट्री में संपत्ति कम दर्शाने पर विक्रेता से टैक्स की वसूली होगी। बता दें कि अभी तक 50 लाख रुपये से ज्यादा की खरीद पर एक प्रतिशत टैक्स लग रहा था। इससे कोई खास राजस्व प्राप्ति नहीं हो पा रही थी। इसीलिए रजिस्ट्री कार्यालय आयकर विभाग की निगाह में चढ़ गया है और उसने 20 हजार से ज्यादा मूल्य की नकद खरीददारी पर रोक लगाने का फैसला लिया है।

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अब रियल इस्टेट में काला धन नहीं
सहायक महानिरीक्षक स्टांप ओपी सिंह का कहना है कि अब काले धन से रियल इस्टेट चलाना मुश्किल होगा। रातोंरात रईस बनने वालों पर आयकर विभाग नकेल कस रहा है। हालांकि इससे छोटे निवेशक और जरूरतमंद भी प्रभावित होंगे। उन्होंने बताया कि जून से 20 हजार रुपये तक ही नकद लेनदेन हो पाएगा। इससे ज्यादा मूल्य की संपत्ति की खरीद-फरोख्त के भुगतान चेक या दूसरे बैंक माध्यम से होंगे।
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संपत्ति मूल्य कम दिखाना भी भारी पड़ेगा
रजिस्ट्री विलेखों में बिक्रय राशि कम दिखाना आम बात है। यह दोनों पक्षों की सहमति से होता है। इसके पीछे भी काला धन ही कारण है। इसलिए सर्किल दर और विक्रय राशि में ज्यादा मार्जिन होने पर विक्रेता से 30 प्रतिशत तक टैक्स की वसूली होगी जिसे कैपिटल गेन श्रेणी में माना जाएगा।
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पहली जून से कई बदलाव होने वाले हैं। सर्किल दर और विक्रय मूल्य में ज्यादा अंतर विक्रेता पर भारी पड़ेगा। साथ ही नकद लेनदेन प्रतिबंधित किया जाएगा, क्योंकि रियल इस्टेट में काले धन का इस्तेमाल ज्यादा होने लगा है। - ओपी सिंह, एआईजी स्टांप
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