{"_id":"5f5fbf2d8ebc3e57bf29958c","slug":"black-ribbon-on-arm-by-bank-employee-bareilly-news-bly4198393115","type":"story","status":"publish","title_hn":"बैंक कर्मियों ने काली बांधकर किया काम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बैंक कर्मियों ने काली बांधकर किया काम
विज्ञापन
बरेली। निजीकरण के विरोध में सोमवार को बैंक कर्मचारियों ने राष्ट्रीय संगठन आल इंडिया बैंक इम्प्लाइज एसोसिएशन यानी एआईबीईए के आह्वान पर काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। इससे पहले तमाम बैंक यूनियनों ने स्थानीय स्तर पर पोस्टर वितरण अभियान चलाकर निजीकरण का विरोध किया था।
सोमवार को केनरा बैंक, यूनियन बैंक, इंडियन बैंक, कॉरपोरेशन बैंक, पीएनबी, ओरियंटल बैंक आंध्रा, बैंक ऑफ बड़ौदा सहित बैंकों की तमाम अन्य शाखाओं में कर्मचारियों ने हाथ में काली पट्टी बांधकर बैंकों के निजीकरण की सरकार की योजना का विरोध किया था। ट्रेड यूनियन के महामंत्री संजीव मेहरोत्रा ने कहा कि सरकार जबरन बैंकों का निजीकरण करने पर आमादा है। सार्वजनिक बैंकों के माध्यम से देश में ख़ुशहाली आई है। दुग्ध क्रांति, कृषि क्रांति, उद्योग क्रांति, हरित क्रांति आदि सार्वजनिक बैंकों की ही देन है। बैंकों के राष्ट्रीयकरण के बाद शाखाओं के विस्तार से लाखों कर्मचारियों को नौकरी मिलना भी बड़ी उपलब्धि थी, किंतु अब सरकार किसी न किसी तरह बैंकों के निजीकरण कर जनविरोधी काम कर रही है। इस मौके पर कई बैंक यूनियन के पीपी सिंह, रंजन मोहले, अरविंद रस्तोगी, मलिक सिंह कालरा, पंकज शर्मा, अमित कुमार, अरुण कुमार आदि विरोध प्रदर्शन में शामिल रहे।
विज्ञापन
सोमवार को केनरा बैंक, यूनियन बैंक, इंडियन बैंक, कॉरपोरेशन बैंक, पीएनबी, ओरियंटल बैंक आंध्रा, बैंक ऑफ बड़ौदा सहित बैंकों की तमाम अन्य शाखाओं में कर्मचारियों ने हाथ में काली पट्टी बांधकर बैंकों के निजीकरण की सरकार की योजना का विरोध किया था। ट्रेड यूनियन के महामंत्री संजीव मेहरोत्रा ने कहा कि सरकार जबरन बैंकों का निजीकरण करने पर आमादा है। सार्वजनिक बैंकों के माध्यम से देश में ख़ुशहाली आई है। दुग्ध क्रांति, कृषि क्रांति, उद्योग क्रांति, हरित क्रांति आदि सार्वजनिक बैंकों की ही देन है। बैंकों के राष्ट्रीयकरण के बाद शाखाओं के विस्तार से लाखों कर्मचारियों को नौकरी मिलना भी बड़ी उपलब्धि थी, किंतु अब सरकार किसी न किसी तरह बैंकों के निजीकरण कर जनविरोधी काम कर रही है। इस मौके पर कई बैंक यूनियन के पीपी सिंह, रंजन मोहले, अरविंद रस्तोगी, मलिक सिंह कालरा, पंकज शर्मा, अमित कुमार, अरुण कुमार आदि विरोध प्रदर्शन में शामिल रहे।
विज्ञापन