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एक बार ही चुना गया भाजपा का जिला पंचायत अध्यक्ष

Wed, 30 Jun 2021 01:16 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 30 Jun 2021 01:16 AM IST
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BJP's district panchayat president was elected only once
पंचायत चुनाव - फोटो : अमर उजाला

कांग्रेस का सर्वाधिक आठ बार और तीन बार बसपा के पास रहा यह पद

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बरेली। आजादी से पहले जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर चार कांग्रेसी रहे। इसके बाद भी चार कांग्रेसियों को पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठने का मौका मिला। 1995 में सपा की एंट्री जिला पंचायत चुनाव में हुई और सपा का पंचायत अध्यक्ष चुना गया। इसके बाद फिर कभी कांग्रेस पंचायत अध्यक्ष नहीं बना सकी।
बरेली में अब तक 16 जिला पंचायत अध्यक्ष चुने गए हैं। इनमें आठ जिला पंचायत अध्यक्ष कांग्रेस के थे जिनमें चार आजादी से पहले और चार बाद में बने। 1995 में पहली बार सपा ने जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर कब्जा जमाया। 1995 में ही पहली बार सरोज कुमारी के तौर पर महिला जिला पंचायत अध्यक्ष बनीं। इसके बाद 2000 से 2006 तक भाजपा की ऊषा गंगवार जिला पंचायत अध्यक्ष रहीं। इसके बाद फिर एक साल तक सपा की सरोज यादव का जिला पंचायत अध्यक्ष के पद पर कब्जा रहा। 2008 से 2010 तक बसपा के केसर सिंह गंगवार जिला पंचायत अध्यक्ष रहे, फिर एक साल बसपा की ऊषा गंगवार अध्यक्ष रहीं।
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बसपा से ही नीरू पटेल 2011 से 2015 तक अध्यक्ष रहीं। अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने की वजह से कार्यकाल खत्म होने से एक साल पहले ही उनकी कुर्सी चली गई। इसके बाद करीब छह माह तक शासन से गठित तीन सदस्यीय कमेटी ने जिला पंचायत को संभाला जिसमें सपा की सरोज यादव, सुमन देवी और तनवीर अहमद कादरी शामिल थे। 14 जनवरी 2016 को सपा के संजय सिंह को जिला पंचायत अध्यक्ष चुना गया। 2017 में भाजपा सरकार आने के बाद उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आया तो वह खुद ही भाजपा में शामिल हो गए और अपनी कुर्सी बचा ली।
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एबरन सिंह के बाद नहीं बना कांग्रेस का अध्यक्ष

अब तक 16 जिला पंचायत अध्यक्षों में आठ बार कांग्रेस के अध्यक्ष बने लेकिन 1989 से 1995 तक एबरन सिंह के जिला पंचायत अध्यक्ष रहने के बाद फिर कभी कोई कांग्रेसी अध्यक्ष नहीं बना। 1995 में सपा ने पहली बार सीट पर कब्जा जमाया और उसके बाद एक बार भाजपा और तीन बार बसपा के पास यह कुर्सी रही। सपा भी तीन बार पंचायत अध्यक्ष बना चुकी है।
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