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दिग्गजों की खींचतान करा रही भाजपा की किरकिरी
बरेली
Updated Sat, 03 Oct 2015 01:33 AM IST
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बरेली। जिला पंचायत के चुनाव में भाजपा की गुटबाजी ने दिग्गजों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। प्रत्याशियों की घोषणा में जिलाध्यक्ष और क्षेत्रीय अध्यक्ष के बीच की तनातनी के चलते छह वार्डों में पार्टी के दो-दो प्रत्याशी मैदान मेें आ गए हैं। चहेतों को टिकट दिलाने की रार में दोनों गुट एक कदम भी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।
जिलाध्यक्ष से सीधे मोर्चा लेकर क्षेत्रीय अध्यक्ष गुट ने उनके प्रत्याशियों के नामों को खारिज कर दिया है। न सिर्फ छह वार्डों में प्रत्याशी बदल दिए बल्कि दो वार्डों में आंवला विधायक धर्मेंद्र कश्यप के समर्थकों को प्रत्याशी बना दिया। यहां केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार खेमे के समझे जाने वाले आंवला सांसद धर्मेंद्र कश्यप अपने चहेतों को टिकट दिलाने की पैरवी कर रहे थे। इसके चलते दोनों वार्डों के टिकट फंसे हुए थे। वहीं, वार्ड नंबर 22 से जिलाध्यक्ष की ओर से प्रत्याशी बनाए गए संतोष गंगवार गुट के महिपाल का टिकट काटकर जसवंत सिंह को दे दिया। उन्हें पूर्व मेयर सुभाष पटेल का नजदीकी माना जाता है। वार्ड 27 से जिलाध्यक्ष ने मौजूद सदस्य राजीव गुप्ता को, वार्ड 43 से मौजूदा सदस्य महेश पाल यादव को प्रत्याशी बनाया था। इन दोनों के साथ ही विरोधी खेमे ने वार्ड 44, 50 और 58 से भी प्रत्याशी बदल दिए हैं।
अब क्षेत्रीय अध्यक्ष बीएल वर्मा और क्षेत्रीय संगठन महामंत्री भवानी सिंह की ओर से बदले गए प्रत्याशियों को जिलाध्यक्ष राजकुमार शर्मा पार्टी फोरम पर चुनौती देने जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि क्षेत्रीय अध्यक्ष ने दो वार्डों से ऐसे प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं, जो पैनल में भी नहीं थे इसलिए यह गलत हैं। इस बारे में वह प्रदेश अध्यक्ष को अवगत कराएंगे, क्योंकि यह पार्टी लाइन के विपरीत है। जिलाध्यक्ष का यह भी कहना है कि उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष से अनुमति लेकर प्रत्याशी घोषित किए थे इसलिए वह गलत नहीं थे।
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वहीं, क्षेत्रीय अध्यक्ष बीएल वर्मा का कहना है कि पार्टी गाइड लाइन के मुताबिक, क्षेत्रीय अध्यक्ष होने के नाते उन्होंने प्रत्याशियों के नाम घोषित किए हैं। वही वास्तविक प्रत्याशी हैं।
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जिलाध्यक्ष से सीधे मोर्चा लेकर क्षेत्रीय अध्यक्ष गुट ने उनके प्रत्याशियों के नामों को खारिज कर दिया है। न सिर्फ छह वार्डों में प्रत्याशी बदल दिए बल्कि दो वार्डों में आंवला विधायक धर्मेंद्र कश्यप के समर्थकों को प्रत्याशी बना दिया। यहां केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार खेमे के समझे जाने वाले आंवला सांसद धर्मेंद्र कश्यप अपने चहेतों को टिकट दिलाने की पैरवी कर रहे थे। इसके चलते दोनों वार्डों के टिकट फंसे हुए थे। वहीं, वार्ड नंबर 22 से जिलाध्यक्ष की ओर से प्रत्याशी बनाए गए संतोष गंगवार गुट के महिपाल का टिकट काटकर जसवंत सिंह को दे दिया। उन्हें पूर्व मेयर सुभाष पटेल का नजदीकी माना जाता है। वार्ड 27 से जिलाध्यक्ष ने मौजूद सदस्य राजीव गुप्ता को, वार्ड 43 से मौजूदा सदस्य महेश पाल यादव को प्रत्याशी बनाया था। इन दोनों के साथ ही विरोधी खेमे ने वार्ड 44, 50 और 58 से भी प्रत्याशी बदल दिए हैं।
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अब क्षेत्रीय अध्यक्ष बीएल वर्मा और क्षेत्रीय संगठन महामंत्री भवानी सिंह की ओर से बदले गए प्रत्याशियों को जिलाध्यक्ष राजकुमार शर्मा पार्टी फोरम पर चुनौती देने जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि क्षेत्रीय अध्यक्ष ने दो वार्डों से ऐसे प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं, जो पैनल में भी नहीं थे इसलिए यह गलत हैं। इस बारे में वह प्रदेश अध्यक्ष को अवगत कराएंगे, क्योंकि यह पार्टी लाइन के विपरीत है। जिलाध्यक्ष का यह भी कहना है कि उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष से अनुमति लेकर प्रत्याशी घोषित किए थे इसलिए वह गलत नहीं थे।
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वहीं, क्षेत्रीय अध्यक्ष बीएल वर्मा का कहना है कि पार्टी गाइड लाइन के मुताबिक, क्षेत्रीय अध्यक्ष होने के नाते उन्होंने प्रत्याशियों के नाम घोषित किए हैं। वही वास्तविक प्रत्याशी हैं।