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बड़ी लापरवाही: कोरोना संक्रमित के जनाजे में शामिल होने पहुंच गई भीड़
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मनाही के बावजूद कब्रिस्तान में लोगों की उमड़ी भीड़।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
संक्रमण के खतरे को किया नजरअंदाज, पुलिस ने बमुश्किल कब्रिस्तान में जाने से रोका
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पीपीई किट पहनकर मौजूद रहे परिवार के लोग
बरेली। कोरोना संक्रमित झोलाछाप के शव को सुपुर्दे खाक करते वक्त गंभीर लापरवाही हुई। वैसे तो शव को हजियापुर के पीली मिट्टी कब्रिस्तान लाए जाने के बाद मेडिकल टीम ने ही परिवार के मुताबिक सारी रस्म अदायगी की, लेकिन इसके बाद जब जनाजा उठाया गया तो इलाके के लोगों की भीड़ भी उसमें शामिल होकर दूर तक चली गई। संक्रमण का खतरा देख पुलिस ने इन्हें कब्रिस्तान के अंदर नहीं जाने दिया।
दोपहर बाद करीब चार बजे सुपुर्दे खाक के लिए संक्रमित युवक का शव पीली मिट्टी कब्रिस्तान लाया गया। मेडिकल कॉलेज से शव लेकर आई एंबुलेंस ने शव को कब्रिस्तान के गेट के पास ही उतारा जहां युवक के परिवार के लोगों के साथ मेडिकल टीम के सदस्य भी पीपीई किट पहनकर मौजूद थे। काफी दूर पुलिस की गाड़ी खड़ी थी। इसमें एएसपी अभिषेक वर्मा, इंस्पेक्टर नरेश त्यागी के साथ स्टाफ मौजूद था। इसके अलावा मीडिया के लोगों समेत किसी को भी बाहर से अंदर जाने की इजाजत नहीं दी गई।
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युवक के घर के लोग पीपीई किट पहने हुए थे फिर भी उन्हें शव के पास नहीं जाने दिया गया। आखिरी वक्त की रस्में पूरी कराने के लिए एक मौलवी को बुलाया गया। मौलाना के साथ किट पहने परिवार के कुछ लोग आगे बढ़े। मेडिकल टीम के सदस्यों ने ही गाइड लाइन के मुताबिक शव के संपर्क में आए बगैर कुछ खास रस्में पूरी कराईं। मौलाना ने नमाज-ए-जनाजा अदा कराई। आसपास तमाम लोग यह नजारा देखते रहे और इसके बाद जैसे ही जनाजा उठा वे मातम की रस्म निभाने को उसके साथ कब्रिस्तान में चल दिए। पहले तो स्वास्थ्य विभाग के लोगों ने उन्हें ऐसा करने से मना किया। फिर भी असर नहीं दिखा तो पीपीई किट पहने पुलिसकर्मियों ने इन्हें समझाकर रोका। कब्रिस्तान के गेट से अंदर तक मेडिकल टीम के सदस्य और परिवार के लोगों ने जनाजा उठाया। मौलवी ने किट नहीं पहनी पर वहां भी दूर से ही आखिरी रस्म अदा करा दी।
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पति के दफन के बाद गायब हुई पत्नी, खोजकर कराया क्वारंटीन
पति के दफन से पहले स्वास्थ्य विभाग पर आरोप लगाने वाली महिला बाद में गायब हो गई। एएसपी के आदेश पर महिला पुलिसकर्मियों ने उसे काफी देर तलाशा। बाद में वह एक जगह छुपी मिल गई। उसे पकड़ा तो उसने अस्पताल जाने से इंकार किया। कहा कि उसके पति की तरह उसे भी मार दिया जाएगा। हालांकि पुलिस व मेडिकल टीम उसे निजी अस्पताल में ले गई और क्वारंटीन कर दिया।
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पीपीई किट पहनकर मौजूद रहे परिवार के लोग बरेली। कोरोना संक्रमित झोलाछाप के शव को सुपुर्दे खाक करते वक्त गंभीर लापरवाही हुई। वैसे तो शव को हजियापुर के पीली मिट्टी कब्रिस्तान लाए जाने के बाद मेडिकल टीम ने ही परिवार के मुताबिक सारी रस्म अदायगी की, लेकिन इसके बाद जब जनाजा उठाया गया तो इलाके के लोगों की भीड़ भी उसमें शामिल होकर दूर तक चली गई। संक्रमण का खतरा देख पुलिस ने इन्हें कब्रिस्तान के अंदर नहीं जाने दिया।
दोपहर बाद करीब चार बजे सुपुर्दे खाक के लिए संक्रमित युवक का शव पीली मिट्टी कब्रिस्तान लाया गया। मेडिकल कॉलेज से शव लेकर आई एंबुलेंस ने शव को कब्रिस्तान के गेट के पास ही उतारा जहां युवक के परिवार के लोगों के साथ मेडिकल टीम के सदस्य भी पीपीई किट पहनकर मौजूद थे। काफी दूर पुलिस की गाड़ी खड़ी थी। इसमें एएसपी अभिषेक वर्मा, इंस्पेक्टर नरेश त्यागी के साथ स्टाफ मौजूद था। इसके अलावा मीडिया के लोगों समेत किसी को भी बाहर से अंदर जाने की इजाजत नहीं दी गई।
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युवक के घर के लोग पीपीई किट पहने हुए थे फिर भी उन्हें शव के पास नहीं जाने दिया गया। आखिरी वक्त की रस्में पूरी कराने के लिए एक मौलवी को बुलाया गया। मौलाना के साथ किट पहने परिवार के कुछ लोग आगे बढ़े। मेडिकल टीम के सदस्यों ने ही गाइड लाइन के मुताबिक शव के संपर्क में आए बगैर कुछ खास रस्में पूरी कराईं। मौलाना ने नमाज-ए-जनाजा अदा कराई। आसपास तमाम लोग यह नजारा देखते रहे और इसके बाद जैसे ही जनाजा उठा वे मातम की रस्म निभाने को उसके साथ कब्रिस्तान में चल दिए। पहले तो स्वास्थ्य विभाग के लोगों ने उन्हें ऐसा करने से मना किया। फिर भी असर नहीं दिखा तो पीपीई किट पहने पुलिसकर्मियों ने इन्हें समझाकर रोका। कब्रिस्तान के गेट से अंदर तक मेडिकल टीम के सदस्य और परिवार के लोगों ने जनाजा उठाया। मौलवी ने किट नहीं पहनी पर वहां भी दूर से ही आखिरी रस्म अदा करा दी।
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