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Bareilly News: एनआरसी के बेड फुल, बच्चा वार्ड में भर्ती हुई कुपोषित बच्ची
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बरेली। रविवार के अवकाश के बाद सोमवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की कतार रही। वहीं, इलाज के लिए पहुंची एक बच्ची में रक्ताल्पता और वजन सामान्य से कम मिलने पर उसे पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) रेफर किया गया। बेड फुल होने पर आखिर में उसे बच्चा वार्ड में भर्ती करना पड़ा।
वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप गुप्ता के मुताबिक आंवला के उड़ला गांव निवासी धर्मवीर की आठ माह की बेटी परी को डायरिया की पुष्टि हुई थी। साथ ही, हीमोग्लोबिन महज दो ग्राम ही था। रक्ताल्पता की पुष्टि पर उसे दो यूनिट रक्त चढ़ाया गया। वजन 4.5 किलो मिलने पर उसे कुपोषित श्रेणी में दर्ज कर एनआरसी रेफर किया। लेकिन, केंद्र के सभी बेड फुल थे, इसलिए उसे बच्चा वार्ड में रखना पड़ा।
जिला अस्पताल की ओपीडी में सोमवार को 1,647 नए पर्चे बने। जबकि करीब चार सौ मरीज पुराना पर्चा लेकर चिकित्सक से परामर्श के लिए पहुंचे थे। इसमें खांसी, बुखार, दस्त के ज्यादातर मरीज थे। जिन्हें दवा समेत मानसून में बचाव का परामर्श दिया गया। फिजिशियन डाॅ. राहुल वाजपेई के मुताबिक तापमान का उतार-चढ़ाव सेहत पर भारी पड़ रहा है। बच्चों को शीतल पेय पदार्थ न पिलाएं, बासी खाना न खिलाएं। बारिश में भीगने से बचें और धूप हो तो सिर को ढककर रखें। छोटे बच्चों के दूध की बोतल साफ रखें। दूसरी ओर सीएमओ कार्यालय में आयोजित शिविर में 54 दिव्यांग पहुंचे। डॉक्टर समय से पहुंचे और 49 दिव्यांगों के प्रमाण पत्र बनाए गए।
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वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप गुप्ता के मुताबिक आंवला के उड़ला गांव निवासी धर्मवीर की आठ माह की बेटी परी को डायरिया की पुष्टि हुई थी। साथ ही, हीमोग्लोबिन महज दो ग्राम ही था। रक्ताल्पता की पुष्टि पर उसे दो यूनिट रक्त चढ़ाया गया। वजन 4.5 किलो मिलने पर उसे कुपोषित श्रेणी में दर्ज कर एनआरसी रेफर किया। लेकिन, केंद्र के सभी बेड फुल थे, इसलिए उसे बच्चा वार्ड में रखना पड़ा।
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जिला अस्पताल की ओपीडी में सोमवार को 1,647 नए पर्चे बने। जबकि करीब चार सौ मरीज पुराना पर्चा लेकर चिकित्सक से परामर्श के लिए पहुंचे थे। इसमें खांसी, बुखार, दस्त के ज्यादातर मरीज थे। जिन्हें दवा समेत मानसून में बचाव का परामर्श दिया गया। फिजिशियन डाॅ. राहुल वाजपेई के मुताबिक तापमान का उतार-चढ़ाव सेहत पर भारी पड़ रहा है। बच्चों को शीतल पेय पदार्थ न पिलाएं, बासी खाना न खिलाएं। बारिश में भीगने से बचें और धूप हो तो सिर को ढककर रखें। छोटे बच्चों के दूध की बोतल साफ रखें। दूसरी ओर सीएमओ कार्यालय में आयोजित शिविर में 54 दिव्यांग पहुंचे। डॉक्टर समय से पहुंचे और 49 दिव्यांगों के प्रमाण पत्र बनाए गए।
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