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बरेली: सिटी स्मार्ट बने तभी बने बातः सड़कें हैं खुदी पड़ी तो इलेक्ट्रिक बसें चलेंगी कहां

Fri, 05 Feb 2021 01:52 AM IST
बरेली ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली Published by: बरेली ब्यूरो Updated Fri, 05 Feb 2021 01:52 AM IST
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Become a city smart then the only thing: if the roads are carved, then where will the electric buses run
demo photo - फोटो : demo photo

शहर का एक भी प्रमुख मार्ग ऐसा नहीं है जहां सीवर-पानी या किसी दूसरे निर्माण कार्य के लिए खोदाई न हो रही हो। रामपुर रोड से किला-चौपुला होते हुए एडीएम कंपाउंड, प्रभा सिनेमा और जिला उद्योग केंद्र तक आवाजाही पूरी तरह अस्तव्यस्त है। चौपुला-कालीबाड़ी होते हुए श्यामगंज-सेटेलाइट मार्ग पर भी यही हाल है। लालफाटक पर ओवरब्रिज बन रहा है। दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर पूरा यातायात बुरी तरह प्रभावित है, ऐसे में अप्रैल से शहर में इलेक्ट्रिक बसें दौड़ाने की तैयारी की जा रही है।

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स्मार्ट सिटी योजना में शामिल प्रमुख शहरों में भारत और राज्य सरकार की ओर से संयुक्त रूप से इलेक्ट्रिक बसें संचालित होनी हैं। इसकी कार्ययोजना बन चुकी है। अप्रैल से बरेली समेत 14 शहरों में इन आधुनिक बसों का दौड़ना तय माना जा रहा है। बरेली शहर में सड़कों का जो हाल है, उससे सवाल उठ रहा है कि यहां ये बसें कहां चलाई जाएंगी। शहर में इन दिनों सामान्य यातायात भी नहीं हो पा रहा है। पूरे शहर में वाहन रेंगकर चल रहे हैं। श्यामगंज पुल के साथ उसके नीचे भी जाम की स्थिति बनी हुई है। सुभाषनगर पुलिया पर ओवरब्रिज बनाने की योजना सिर्फ कागजों पर है। कुतुबखाना फ्लाईओवर प्रोजेक्ट भी सियासी दांवपेंच में फंस गया है।
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जगह चिन्हित पर नहीं बने स्टॉपेज
शहर में इलेक्ट्रिक बसों के ठहराव के लिए स्थान तो तय कर दिए गए हैं लेकिन मौके पर कहीं कुछ नहीं है। बस संचालन से पहले ही आकर्षक स्टॉपेज बनाए जाने है। योजना से जुड़े अधिकारी बताते हैं कि शहर में ज्यादातर स्थानों पर पहले से ही पुराने यात्रीशेड बने हुए हैं। वे इन्हीं का इस्तेमाल करेंगे।

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चार्जिंग स्टेशन और डिपो भी तैयार नहीं
शहर में इलेक्ट्रिक बसें चलाने के लिए 9.58 करोड़ की परियोजना बनी है। इसमें चार्जिंग स्टेशन, कार्यशाला और डिपो शामिल है। नगर निगम ने रामपुर मार्ग पर 6840 वर्ग मीटर भूमि चिह्नित कर ली है। इस स्थान को अवैध कब्जे हटवाकर नगर निगम ने अपने अधिकार में लिया है। इसी भूमि पर भी चार्जिंग स्टेशन और डिपो बनाने का काम शुरू किया गया लेकिन मार्च तक यह काम पूरा होना संभव नहीं दिख रहा। चार्जिंग स्टेशन और डिपो में बिजली सप्लाई के लिए कनेक्शन तक नहीं लिया गया है।

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