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रहें सावधानः आंखें लाल या गले में खराश तो भी कोरोना का डर

Thu, 25 Feb 2021 12:55 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 25 Feb 2021 12:55 AM IST
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Be careful: fear of corona even if eyes are red or sore throat
demo photo - फोटो : demo photo

विशेषज्ञों के मुताबिक आंखों में कई दिन जिंदा रह सकता है कोरोना वायरस
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आंख में जलन, खुजली, पानी निकलना, दर्द, लालिमा संक्रमण के नए लक्षण

बरेली। कोरोना वायरस की सटीक पहचान के लिए दुनिया भर में चल रहे शोध के बावजूद अब तक वायरस की सटीकता से पहचान नहीं हो सकी है। अब जो स्ट्रेन मुंबई, पुणे और नागपुर में पहुंचा है उसकी पहचान सिर्फ सर्दी, बुखार या स्वाद पता न चलने से ही नहीं बल्कि चार और नए लक्षण दिखाई देने पर भी संक्रमण होने की आशंका है। अगर आंखें लाल हैं या गले में खराश है तो ये कोरोना संक्रमण के लक्षण हो सकते हैं। चिकित्सकों ने सात लक्षण दिखने पर जांच की अपील की है।
कोरोना महामारी की शुरुआत से ही वायरस पर निगाह रख रहे चिकित्सकों के मुताबिक वायरस अब तक कई बार अपना स्वरूप बदल चुका है। इसमें से नौ स्ट्रेन बेहद घातक हैं। हालांकि, भारत में जो स्ट्रेन मिला, वह जानलेवा नहीं हो सका। जिसकी वजह भारतीयों की इम्युनिटी बेहतर होना माना जा रहा है। उन्होंने बताया कि हाल ही में भारतीय मूल की वैज्ञानिक के शोध में पता चला है कि अभी तक भारत में आंखों के संक्रमण का मामला सामने नहीं आया है मगर विदेशों में यह दिखाई देने लगा है। जिनके वापस लौटने पर देश में भी इस वायरस की चपेट में लोगों के आने की आशंका जताई है। शोध के अनुसार पिछले साल देश में हावी रहा कोरोना वायरस आंखों में जरूर पहुंचा होगा मगर वह दुष्प्रभाव नहीं दिखा सका। अब जो वायरस विदेश से आ रहा है, उसकी पहचान तीन नहीं बल्कि सात लक्षणों पर भी हो सकेगी। बताया कि आंख में वायरस लंबे समय तक जीवित रह सकता है। अगर आंखों में दर्द, जलन और पानी आने के साथ कई दिन आंख लाल हो रही है और बुखार आए तो भी यह वायरस संक्रमण का प्रमुख लक्षण हो सकता है।
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चार नए लक्षण हैं तो हो जाएं सतर्क

सीनियर फिजिशियन डॉ. रवीश अग्रवाल के मुताबिक शरीर में दर्द, गले में खराश, आंख आना, सिरदर्द, डायरिया, त्वचा पर चकत्ते पड़ना, पैर, हाथ की उंगलियों का फीका पड़ना कोरोना के नए स्ट्रेन के मुख्य लक्षण हैं। शोध के मुताबिक कोरोना की प्रकृति में पहला बदलाव सितंबर में ब्रिटेन में और दूसरा बदलाव दक्षिण अफ्रीका में दिखाई दिया था। इसके बाद अब दुनिया के कई देशों में कोरोना का यह नया स्ट्रेन मिल चुका है। जिससे संक्रमित होने पर सात लक्षण दिखाई देने की आशंका है।
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आंखें लाल हो तो घबराएं नहीं

संक्रामक रोग चैप्टर के अध्यक्ष रहे डॉ. अतुल अग्रवाल के मुताबिक वायरल बीमारियों में आंखें लाल हो जाती हैं। इसमें कंजेक्टिवायटिस, पॉलीकुलर कंजेक्टिवायटिस, एलर्जी, स्प्रिंगकटर आदि शामिल हैं। इसलिए ऐसी समस्या होने पर घबराएं नहीं, चिकित्सक की सलाह लें। लक्षण होने का मतलब यह नहीं है कि कोरोना संक्रमण है। मगर, आंखों में वायरस लंबे समय तक जीवित रहकर किसी तरह मुंह या नाक में पहुंचा तो संक्रमित कर सकता है। कोरोना के लक्षण दिखने शुरू हों तो जांच जरूर कराएं।

विदेश से लौटे 12 लोगों की तलाश में जुटा स्वास्थ्य विभाग

बरेली। कई राज्यों में कोरोना संक्रमण के मामलों के फिर से बढ़ने लगे हैं। बुधवार को जिलाधिकारी ने इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम प्रभारी को फरवरी में विदेश से लौटे लोगों से संपर्क करने, लक्षण दिखने पर सैंपलिंग कराने, नियमानुसार होम क्वारंटीन करने के निर्देश दिए हैं। निर्देश के तहत विदेश से वापस आए लोगों की तलाश शुरू कर दी गई है।
कोविड महामारी की शुरूआत से ही विदेश से वापस आने वालों पर नजर रखने के निर्देश लगातार दिए जाते रहे हैं। मगर, जिले में विदेश से वापस आने वालों से प्रशासन या स्वास्थ्य विभाग तब तक कोई संपर्क नहीं करता जब तक उनसे संक्रमण फैलने का खतरा न हो या कोई शिकायत न मिले। हालात ये हैं कि कई बार विदेश से वापस आने वाले दो चार दिन तक सिस्टम की ओर से संपर्क का इंतजार करते हैं, निराश होने पर वह खुद ही जांच कराने या जानकारी देेने पहुंच जाते हैं। कोरोना की दूसरी लहर शुरू होने के बाद ढुलमुल और लापरवाही भरा यह रवैया चिंताजनक है।
 स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से प्रशासन को विदेश से वापस आने वालों की जानकारी लगातार भेजी जा रही है। इसमें पता और मोबाइल नंबर भी होता है। सोमवार को प्रदेश सरकार की ओर से सख्त निर्देश मिलने पर बुधवार को सर्विलांस टीम को विदेश से आने वालों की सूची भेजी गई है। करीब 15 दिन पहले विदेश से आने वालों को ट्रेस करने के अब निर्देश देने से सिस्टम की मंशा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इसमें करीब 12 लोगों के 15 दिन पहले लौटने की बात कही गई है। सर्विलांस टीम सभी से संपर्क कर उनके स्वास्थ्य समेत गाइडलाइन के मुताबिक सभी जानकारियां लेगी। जरूरत होने पर सैंपल भी लिया जाएगा।

इन इलाकों में विदेश से लौटे हैं लोग

मंत्रालय की ओर से जारी सूची में पदारथपुर, आंवला, सिरौली, जगतपुर, बारादरी श्यामगंज, मलूकपुर, उदयपुर, शाहाबाद, ठिरिया निजावत खां, हजियापुर इलाके शामिल हैं। यहां दुबई, बहरीन, कुवैत से सर्वाधिक लोगों के वापस आने का रिकॉर्ड दर्ज है। निर्देश के तहत इन सभी लोगों की 14 दिन तक सघन निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। आईडीएसपी प्रभारी डॉ. मीसम अब्बास के मुताबिक विदेश से आने वालों से उनके मोइल पर संपर्क किया जा रहा है। कुछ के नंबर बंद हैं इसलिए उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। अब उनके पते पर टीम भेजकर जानकारी कराई जाएगी।
 
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