UP News: बरेली में सद्दाम की गिरफ्तारी के बाद अब गुर्गे रडार पर, पुलिस ने शुरू की जांच
एसटीएफ ने सद्दाम के पास से जो दो मोबाइल बरामद किए हैं, उससे भी उसके बरेली के संपर्क और करीबियों का पता लगा है।
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बरेली में सद्दाम के साथ बर्थडे पार्टी मनाने और जमीनों की खरीद फरोख्त में जुटे लोगों की गर्दन अब ज्यादा दिन बची नहीं रहेगी। पुलिस ने सद्दाम की गिरफ्तारी के बाद अब उसके गुर्गों की कुंडली खंगालना शुरू कर दी है।
सद्दाम ने बरेली में रहकर लल्ला गद्दी के जरिये बड़ा नेटवर्क तैयार किया था। बिथरी व बारादरी थाना पुलिस ने सद्दाम पर मुकदमे दर्ज करने के बाद उसके कुछ गुर्गों को नामजद कर गिरफ्तार किया तो कई के नाम बाद में प्रकाश में आए थे। बाद में सीओ तृतीय आशीष प्रताप सिंह के नेतृत्व में एसआईटी बनाकर अशरफ व सद्दाम के मामलों की विवेचना उन्हें सौंप दी गई थी।
उन दिनों कुछ गुर्गों के खिलाफ सबूत नहीं मिलने पर वह बच निकले थे। सद्दाम का नाजिश उस्मानी नाम के व्यक्ति के साथ बर्थडे बनाने का वीडियो वायरल हुआ था। इसमें एक सिपाही भी था। उस समय नाजिश के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई थी, लेकिन एसटीएफ की पूछताछ में सद्दाम ने नाजिश का नाम लिया है।
विवादित जमीनों की सौदेबाजी में लगा था सद्दाम
सद्दाम ने लल्ला गद्दी से दोस्ती कर शहर में विवादित जमीनों में रुपया लगाने की पेशकश की थी। लल्ला गद्दी ने प्रॉपर्टी के काम से जुड़े गुड्डू उर्फ फरहत से सद्दाम को मिलवाया था। सद्दाम ने फरहत के खाते में प्रॉपर्टी खरीदने के लिए रुपये भेजे थे।
लेनदेन का साक्ष्य मिलने पर फरहत को जेल भेजा गया था। लल्ला गद्दी ने सद्दाम को फुरकान, नाजिश, सैय्यद साहब आदि कई लोगों से मिलवाया था। यह लोग विवादित जमीनों में सद्दाम का रुपया लगवाते थे और खुद कब्जे करते थे। अगर समझौते की बात आती थी तो मोटी रंगदारी लेते थे।
सीओ तृतीय आशीष प्रताप सिंह ने बताया कि सद्दाम के करीबियों और मददगारों के बारे में विवेचना की जा रही है। अगर आर्थिक लेनदेन या किसी और तरह की मदद के साक्ष्य मिले तो मुकदमे में नाम खोलकर जेल भेजा जाएगा।