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UP News: धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर उभरेगा बरेली, दिसंबर 2026 तक विकसित होंगे मंदिर परिसर

Fri, 15 Aug 2025 06:29 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली Published by: मुकेश कुमार Updated Fri, 15 Aug 2025 06:29 PM IST
सार

मुख्यमंत्री ने बरेली को धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर उभारने पर जोर दिया। बीडीए ने इसे आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री के गुरु महंत अवैद्यनाथ के नाम पर स्वागत द्वार का निर्माण कराया। शिव के प्रतीकों के साथ और द्वार भी बन रहे हैं।

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Bareilly will emerge on the map of religious tourism
रुद्रावनम का प्रस्तावित मॉडल - फोटो : बीडीए

विस्तार

बरेली शहर को पर्यटन के मानचित्र पर उभारने के लिए नाथ मंदिरों के सुंदरीकरण सहित कई अन्य परियोजनाओं पर भी काम चल रहा है। दिसंबर 2026 तक इनमें से ज्यादातर प्रोजेक्ट पूरे करने के साथ ही मंदिरों के परिसर को भी विकसित करने की तैयारी है। दावा है कि इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

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क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी रवींद्र कुमार ने बताया कि नाथ संप्रदाय और भगवान शिव के अनुयायी अधिकतर देशों में हैं। उनका 12 ज्योर्तिलिंग के साथ प्रमुख धार्मिक स्थलों पर आना-जाना लगा रहता है। हालांकि, शहर के सात शिव मंदिरों तक आने वाले दर्शनार्थी स्थानीय ही हैं।
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महंत अवैद्यनाथ के नाम पर बना स्वागत द्वार 
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शहर को धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर उभारने पर जोर दिया। बीडीए ने इसे आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री के गुरु महंत अवैद्यनाथ के नाम पर स्वागत द्वार का निर्माण कराया। शिव के प्रतीकों के साथ और द्वार भी बन रहे हैं। लोक निर्माण विभाग ने करीब 50 करोड़ की लागत से कॉरिडोर की सड़कें बनाकर सातों नाथ मंदिरों तक आवागमन आसान किया है।

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मंदिरों को सजाने-संवारने और धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहन देने के लिए कार्ययोजना बनाने वाले वास्तुविद सुमित अग्रवाल ने कहा कि मंडल के तमाम लोग दूसरे राज्यों और विदेश में बस गए। इनके साथ सनातन को मानने वाले लोगों का आकर्षण नाथ नगरी के मंदिर विकसित होते ही बढ़ेगा। ग्रेटर बरेली में विकसित हो रहा रुद्रावनम और नाथ म्यूजियम परियोजना इसे विस्तार देगी। आने वाले दिनों में शिव और उनसे जुड़े प्रतीकों की वजह से शहर को नई पहचान मिलेगी।

महाभारतकालीन हैं तीन नाथ मंदिर
शहर के सात नाथ मंदिरों में तीन, अलखनाथ, मढ़ीनाथ और तपेश्वरनाथ मंदिर महाभारत काल के हैं। आवागमन की सुविधाएं न होने की वजह से अभी तक देश-विदेश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालुओं न के बराबर आते हैं। अब यह संख्या बढ़ाने के लिए नाथ कॉरिडोर की की परिकल्पना को साकार किया जा रहा है। इसमें शिव मंदिर भी विकसित होंगे। एक साल में काम पूरा कराने की तैयारी है।
 

तुलसी मठ में बहुउद्देशीय भवन का निर्माण शुरू 
तुलसी मठ में बहुउद्देशीय भवन का निर्माण शुरू हो गया। सात नाथ मंदिर भी विकसित होंगे। धोपेश्वरनाथ, त्रिवटीनाथ, मढ़ीनाथ, तपेश्वरनाथ, पशुपतिनाथ, वनखंडीनाथ, अलखनाथ मंदिर के साथ तुलसी मठ का सुंदरीकरण होना है। इसमें अलखनाथ, पशुपतिनाथ, वनखंडीनाथ, त्रिवटीनाथ, तपेश्वरनाथ में सात दिनों के भीतर काम शुरू होगा। पर्यटन अधिकारी मनीष सिंह ने बताया कि 61.83 करोड़ की कार्ययोजना में मंदिर परिसर के साथ तुलसी मठ भी विकसित होगा। कांवड़ स्थल और फोकस वॉल के निर्माण पर पर्यटन विभाग ने अमल शुरू कराया है। 

 

फोकस वॉल पर पहली डिजाइन में शिव परिवार की कांस्य कलाकृति के साथ ही दोनों ओर कलश, त्रिशूल, डमरू आदि उकेरे जाएंगे। फोकस वॉल की दूसरी डिजाइन में शिव का तांडव करता अक्स दिखेगा। मनोहर भूषण इंटर कॉलेज, रुहेलखंड विश्वविद्यालय, सुरेश शर्मानगर, डीडीपुरम, सौ फुटा तिराहा, एयरपोर्ट, स्टेडियम सहित शहर में 19 स्थानों पर फोकस वॉल को भित्ति चित्रों और नक्काशीदार शिल्प से सजाया जाएगा।

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