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बरेली-सितारगंज मार्ग का निर्माण जनवरी तक शुरू होने की उम्मीद
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बरेली। बरेली-सितारगंज हाईवे के निर्माण की प्रक्रिया अब तेजी से आगे बढ़ रही है। बरेली और पीलीभीत के 51 गांवों की लगभग 250 हेक्टेयर जमीन के अधिग्रहण की कवायद तेज हो गई है। उम्मीद की जा रही है कि जनवरी 2023 में मार्ग का निर्माण शुरू हो जाएगा। इस मार्ग के बनने से घंटे भर में बरेली से सितारगंज पहुंचा जा सकेगा।
बरेली-सितारगंज मार्ग 70 किमी लंबा है। अभी यह टूलेन है। इस मार्ग पर वाहनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है, इससे आवागमन में दिक्कतें होने लगी हैं। समय अधिक लगने लगा है। वर्ष 2021 में नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने इसका प्रोजेक्ट बनाया। इस मार्ग को फोरलेन बनाया जाएगा। इस पर करीब 2500 करोड़ रुपये खर्च होंगे। प्रोजेक्ट वर्ष 2025 में पूरा किया जाना है।
बरेली के 22 गांवों की जमीन ली जाएगी
मार्ग निर्माण के लिए जमीन की तलाश शुरू हुई। टूलेन के पास ही सर्वे हुआ। इस दौरान पाया गया कि बरेली के 22 और पीलीभीत के 29 गांवों की जमीन इस मार्ग में आएगी। इसका रकबा करीब 250 हेक्टेयर है। जमीन के अधिग्रहण के लिए जिला प्रशासन की ओर से कार्रवाई चल रही है। इस प्रक्रिया के एक माह में पूरे होने की उम्मीद है। इसके बाद एनएचएआई इसके निर्माण के लिए टेंडर आमंत्रित करेगा।
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पहले मार्ग की चौड़ाई को लेकर भी फंसा था पेंच
एनएच-74 के चौड़ीकरण को लेकर पहले पेंच फंसा था। तय नहीं हो पा रहा था कि हाईवे को 60 फुट चौड़ा किया जाए या 50 फुट। कुछ किसानों ने भी इस पर आपत्तियां दायर की थीं। काफी प्रयास के बाद किसानों को मनाया गया ताकि उनकी जमीन निर्माण में अधिक न जाए। आखिर में मार्ग चौड़ीकरण 45 फुट का किया गया। इसके लिए एनएचएआई ने मुख्यालय से अनुमति ली थी। इस मार्ग को भारतमाला कॉरिडोर से भी जोड़ने की योजना है।
बरेली-सितारगंज हाईवे के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। इसके बाद निविदाएं आमंत्रित की जाएंगी। इसी वित्तीय वर्ष में इसका निर्माण शुरू होगा। वर्ष 2025 तक निर्माण पूरा हो जाएगा। - अमित चित्रांशी, पीडी, एनएचएआई
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बरेली-सितारगंज मार्ग 70 किमी लंबा है। अभी यह टूलेन है। इस मार्ग पर वाहनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है, इससे आवागमन में दिक्कतें होने लगी हैं। समय अधिक लगने लगा है। वर्ष 2021 में नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने इसका प्रोजेक्ट बनाया। इस मार्ग को फोरलेन बनाया जाएगा। इस पर करीब 2500 करोड़ रुपये खर्च होंगे। प्रोजेक्ट वर्ष 2025 में पूरा किया जाना है।
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बरेली के 22 गांवों की जमीन ली जाएगी
मार्ग निर्माण के लिए जमीन की तलाश शुरू हुई। टूलेन के पास ही सर्वे हुआ। इस दौरान पाया गया कि बरेली के 22 और पीलीभीत के 29 गांवों की जमीन इस मार्ग में आएगी। इसका रकबा करीब 250 हेक्टेयर है। जमीन के अधिग्रहण के लिए जिला प्रशासन की ओर से कार्रवाई चल रही है। इस प्रक्रिया के एक माह में पूरे होने की उम्मीद है। इसके बाद एनएचएआई इसके निर्माण के लिए टेंडर आमंत्रित करेगा।
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पहले मार्ग की चौड़ाई को लेकर भी फंसा था पेंच
एनएच-74 के चौड़ीकरण को लेकर पहले पेंच फंसा था। तय नहीं हो पा रहा था कि हाईवे को 60 फुट चौड़ा किया जाए या 50 फुट। कुछ किसानों ने भी इस पर आपत्तियां दायर की थीं। काफी प्रयास के बाद किसानों को मनाया गया ताकि उनकी जमीन निर्माण में अधिक न जाए। आखिर में मार्ग चौड़ीकरण 45 फुट का किया गया। इसके लिए एनएचएआई ने मुख्यालय से अनुमति ली थी। इस मार्ग को भारतमाला कॉरिडोर से भी जोड़ने की योजना है।
बरेली-सितारगंज हाईवे के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। इसके बाद निविदाएं आमंत्रित की जाएंगी। इसी वित्तीय वर्ष में इसका निर्माण शुरू होगा। वर्ष 2025 तक निर्माण पूरा हो जाएगा। - अमित चित्रांशी, पीडी, एनएचएआई