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पैगंबर-ए-इस्लाम पर टिप्पणी के खिलाफ जमात का प्रदर्शन आज, जुलूस को लेकर कशमकश

अमर उजाला नेटवर्क, बरेली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 09 Apr 2021 03:27 AM IST
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demo pic.. - फोटो : हिमांशु सोनी

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पैगंबरे इस्लाम और मजहबे इस्लाम के खिलाफ एक धर्मगुरु की टिप्पणी से मुस्लिमों में बेहद गुस्सा है। इस मामले में दरगाह आला हजरत एवं खानकाह ताजुश्शरिया से जुड़े संगठन जमात रजा मुस्तफा ने शुक्रवार को प्रदर्शन का एलान किया है। साथ ही लोगों से कारोबार बंद रखने की अपील की गई है। 
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जमात के प्रवक्ता समरान खान ने बताया कि पिछले दिनों एक धर्मगुरु की ओर से पैगंबरे इस्लाम और मजहबे इस्लाम पर अमर्यादित टिप्पणी की गई। इसके विरोध में यह प्रदर्शन होगा। इसके लिए दोपहर में जुमे की नमाज के बाद इस्लामिया इंटर कॉलेज मैदान पर लोग एकत्र होंगे।


जहां से कलक्ट्रेट तक जुलूस के रूप में पहुंच कर ज्ञापन सौंपेंगे। उन्होंने बताया कि प्रदर्शन में शामिल होने और दुकानें बंद रखने के लिए बृहस्पतिवार को शहर के तमाम इलाकों में घूम कर जमात के लोगों ने व्यापारियों से अपील की। वहीं मस्जिदों से जुमे की नमाज के लिए दोपहर एक बजे के वक्त का एलान किया है। 

प्रशासन जुलूस न निकालने के लिए मना रहा
जिलाधिकारी नितीश कुमार ने बताया कि कोरोना संक्रमण के चलते जुलूस न निकाल कर पांच लोगों के माध्यम से ज्ञापन देने के लिए कहा गया है। इसके लिए देर रात तक जिला प्रशासन और दरगाह के लोगों के बीच बातचीत का सिलसिला चलता रहा, लेकिन कोई हल नहीं निकल सका। जमात के लोग दुकानें बंद कराके जुलूस निकालने पर अडिग हैं।
 
मजहब पर टिप्पणी करने वालों के खिलाफ सख्त कानून बने: मन्नानी मियां
आला हजरत परिवार के वरिष्ठ सदस्य शाहजादे आला हजरत मौलाना मन्नान रजा खां (मन्नानी मियां) ने कहा कि देश में कुछ लोग अपनी शैतानियत दिखा रहे हैं। मुल्के हिंदुस्तान को बर्बाद करने की जो शरारत हो रही है, वह यहीं खत्म होनी चाहिए। हमारा मुल्क हर मजहबो मिल्लत की इज्जत करने वाला खूबसूरत मुल्क है। जो लोग मुल्क में एक दूसरे के मजहब को बुरा कहकर फितना फसाद फैलाना चाहते हैं, वे किसी भी मजहब के हों उन पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।   

मौलाना मन्नानी मियां ने कहा कि आला हजरत फाजिले बरेलवी का ये पैगाम है कि जहां शैतानियत हो वहां पर लाहौल पढ़ना चाहिए। ताकि मुल्क से शैतानियत दूर हो सके और अमनो अमान का माहौल बना रहे। उन्होंने जुमे की नमाज में भी इस पर अमल करने के लिए कहा है। एक पुरानी घटना का जिक्र करते हुए कहा कि आला हजरत मरकज से पहले भी ऐसा हो चुका है। उन्होंने कहा हिंदू मुस्लिम सब जानते हैं कि एक दिन सबको मरना है। फिर भी लोग इस तरह का फितना फैलाने में लगे हैं। ऐसे लोगों के लिए सख्त कानून बनाने की जरूरत है।

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