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बरेलीः शासन से इजाजत मिलने तक न मंदिर खुलेंगे न मस्जिद

Mon, 11 May 2020 12:21 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 11 May 2020 12:21 AM IST
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Bareilly: Neither the temple nor the mosque will open until permission from the government
आला हजरत। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

कुछ लोगों ने छोड़ा शगूफा तो जिला प्रशासन ने किया साफ

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बरेली। लॉकडाउन में दुकानें और कारोबार ही ठंडे नहीं पड़े, धर्म और मजहब की गतिविधियों का सिलसिला भी थम गया। इस बीच लॉकडाउन के नियमों में हल्की सी ढील देते ही मंदिर-मस्जिदों को खोलने की सुगबुगाहट भी शुरू हो गई है। जिला प्रशासन ने साफ किया है कि शासन की अनुमति मिलने तक किसी भी धार्मिक गतिविधि की इजाजत नहीं दी जाएगी।
डीएम नितीश कुमार ने कहा है कि शासन ने लॉकडाउन में किसी भी धर्मस्थलों पर किसी भी गतिविधि पर रोक लगाई हुई है। सारे धर्मों के लोगों ने शासन के निर्देशों का पूरी कड़ाई से पालन भी किया है। उन्होंने कहा कि धार्मिक गतिविधियों को लेकर लॉकडाउन की शुरुआत में जारी शासनादेश के बाद अब तक किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि शासन की अनुमति मिलने तक कहीं कोई इस तरह की गतिविधि नहीं होने दी जाएगी। बता दें कि पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर मंदिरों-मस्जिदों को फिर खोलने की मांग की जा रही है।
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अलविदा और ईद पर खुलें मस्जिदें

बरेली। दरगाह आला हजरत में जमात रजा-ए-मुस्तफा के मुख्य कार्यालय पर हुई बैठक में सरकार से अलविदा और ईद की नमाज के लिए मस्जिदों को खोलने की इजाजत मांगी गई। उपाध्यक्ष सलमान हसन खां की ओर से बुलाई गई बैठक में तर्क दिया गया कि जब लॉकडाउन के बीच थोक दुकानें खोली जा सकती हैं और कोटा से छात्रों को लाया जा सकता है तो मस्जिदों को क्यों नहीं खोला जा सकता। अध्यक्ष की गैरमौजूदगी में हुई इस बैठक शमीम खां सुल्तानी, समरान खान, डॉ. मेहंदी हसन, हाफिज इकराम रजा खां, शमीम अहमद, मौलाना निजाम आदि मौजूद थे।
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ईद की नमाज पर शासन की गाइड लाइन मानें

नबीरे आला हजरत तस्लीम मियां ने कहा- लाखों मौतों के बीच ईद की खुशियां मनाना गवारा नहीं
नबीर ए आला हजरत अल्हाज मौलाना मुहम्मद तस्लीम रजा खां नूरी ने कहा कि ईद की नमाज वाजिब है तो इसका क्या जिक्र करना जब हम फर्ज नमाज भी मस्जिद में अदा नही कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में खतरनाक मर्ज से लाखों लोग खत्म हो चुके हैं। लाखोंलाख बीमार पड़े हैं। करोड़ों लोग गरीबी की वजह से परेशानहाल हैं और हम ईद की खुशियां मनाने की बात करें तो यह हमारे जमीर को गवारा नहीं। लॉकडाउन में शासन-प्रशासन के सभी नियमों का पालन करते आए हैं। ईद की नमाज के मसले पर भी जो शासन की ओर से गाइड लाइन जारी की जाए, उस पर अमल किया जा।ए
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