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स्वच्छ सर्वेक्षण 2026: बीते साल की कमियों से लिया सबक, रैंकिंग सुधारने के लिए बरेली नगर निगम ने झोंकी ताकत
Sun, 12 Apr 2026 06:19 PM IST
Mukesh Kumar
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Published by: Mukesh Kumar
Updated Sun, 12 Apr 2026 06:19 PM IST
सार
स्वच्छ सर्वेक्षण में शहर की रैंकिंग सुधारने के लिए बरेली नगर निगम ने पूरी ताकत झोंक दी है। शहर को सजाया-संवारा जा रहा है। चौराहों और फुटपाथ से अतिक्रमण भी हटाया गया है।
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श्यामगंज पुल की दीवार पर की गई वॉल पेटिंग।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 को लेकर बरेली शहर में हलचल तेज हो गई है। नगर निगम इस बार देश के टॉप 10 शहरों में जगह बनाने के संकल्प के साथ जमीनी स्तर पर तैयारियों को अंतिम रूप दे रहा है। वर्ष 2025 के सर्वेक्षण के दौरान कुछ तकनीकी खामियों और नागरिक फीडबैक में आई कमी के कारण शहर की रैंकिंग पर असर पड़ा था, जिसे देखते हुए इस बार रणनीति में व्यापक बदलाव किया गया है। 15 अप्रैल के बाद कभी भी आ स्वच्छ सर्वेक्षण की टीम सकती है।
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एक्सईएन राजीव राठी ने बताया कि निगम का मुख्य ध्यान कचरा प्रबंधन, स्रोत पृथक्करण और सार्वजनिक शौचालयों की स्वच्छता पर है। सर्वेक्षण टीम जांच करती है कि क्या शहरवासी घरों में गीला और सूखा कूड़ा अलग कर रहे हैं। डंपिंग यार्ड के प्रबंधन और कचरे से खाद या ऊर्जा बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को परखा जाएगा। हालांकि, बीते अनुभवों के आधार पर संकरी गलियों में नियमित सफाई और नालों की स्वच्छता अभी भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। विशेष रूप से पुराने शहर के इलाकों में कचरा उठान की निरंतरता बनाए रखने और खुले में कचरा फेंकने वाले हॉटस्पॉट को पूरी तरह समाप्त करना प्राथमिकता में शामिल किया गया है।
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सिटीजन फीडबैक को पुख्ता कर रही निगम की टीम
सिटीजन फीडबैक को लेकर इस बार विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, क्योंकि बुनियादी ढांचे में सुधार के बावजूद जनता की प्रतिक्रिया रैंकिंग में पिछड़ने का कारण बनती है। नगर निगम के अनुसार संसाधनों की उपलब्धता समय रहते सुनिश्चित की जा रही है, जिसमें आधुनिक कचरा गाड़ियों की संख्या बढ़ाना और सफाई कर्मचारियों की सुविधाओं का ध्यान रखना शामिल है।
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शहर की दीवारों पर आकर्षक पेंटिंग के जरिए स्वच्छता का संदेश दिया जा रहा है और टीमें हर वार्ड में जाकर लोगों को खुले में कूड़ा न फेंकने के लिए प्रेरित कर रही हैं। साथ ही, सड़कों और फुटपाथों से अतिक्रमण हटाकर वहां गमले रखे जा रहे हैं ताकि शहर की सुंदरता बनी रहे। यदि निगम और जनता के बीच यह तालमेल बना रहा, तो शहर स्वच्छ रैंकिंग में टॉप 10 में आ जाएगा।
स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 में ये मिली थीं कमियां
- डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन ठीक से न होना।
- गीले-सूखे कचरे का अलगाव।
- सार्वजनिक शौचालयों का रख-रखाव की स्थिति ठीक न होना।
- बरेली 311 एप के माध्यम से जनशिकायतों के त्वरित निस्तारण में कमियां पाईं।
- ये हो रहा समाधान
- डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए लोगों को जागरूक करने के साथ वाहनों की संख्या में वृद्धि।
- घरों से निकले वाले गीले व सूखे को गाड़ियों में अलग-अलग किया जा रहा।
- सार्वजनिक शौचालयों को और बेहतर किया जा रहा।
- निगम के एप पर आने वाली शिकायतों को निस्तारण तेजी से किया जा रहा है।
स्वच्छ सर्वेक्षण में शहर का प्रदर्शन
वर्ष रैंकिंग
2019 117
2020 149
2021 153
2022 137
2023 80
2024 20
वर्ष रैंकिंग
2019 117
2020 149
2021 153
2022 137
2023 80
2024 20