फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Bareilly Maulana Shahabuddin Razvi issues fatwa against love jihad

UP News: लव जिहाद पर बरेलवी उलमा ने जारी किया फतवा, ऐसी शादियों को बताया हराम

Sun, 05 Mar 2023 03:45 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Published by: मुकेश कुमार Updated Sun, 05 Mar 2023 03:45 PM IST
सार

लव जिहाद पर डॉक्टर मुहम्मद नईम ने दरगाह आला हजरत से जुड़े उलमा से सवाल किया था। इसका जवाब फतवे के रूप में दिया है। इसमें कहा है कि शरई रोशनी में पहचान छिपाकर की जा रही शादियों को नाजायज़ व हराम माना गया है। 

विज्ञापन
Bareilly Maulana Shahabuddin Razvi issues fatwa against love jihad
मुफ्ती मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने जारी किया फतवा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

लव जिहाद के खिलाफ बरेलवी उलमा ने फतवा जारी किया है। फतवे के मुताबिक शरई रोशनी में पहचान छिपाकर की गई शादियों को नाजायज व हराम माना गया है। बरेली की दरगाह आला हजरत से जुड़े मुफ्ती मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने रविवार को प्रेसवार्ता के फतवे को आम किया। 

विज्ञापन


मुफ्ती मौलाना शहाबुद्दीन ने बताया कि डॉक्टर मुहम्मद नईम ने दरगाह आला हजरत से जुड़े उलमा से इस मसले पर सवाल किया। पूछा कि आजकल ये देखा जा रहा है कि मुस्लिम कौम के कुछ लड़के गैर मुस्लिम लड़कियों से मोहब्बत के इजहार और फिर शादी करने के लालच में गैर इस्लामी रस्मों को अंजाम दे रहे हैं। सोशल मीडिया पर अपनी इस्लामिक पहचान छुपाकर गैर मुस्लिमों के नाम रखते हैं। कुरान व हदीस की रौशनी में ये बताएं कि मुस्लिम नौजवानों का ये सब करना जायज है या नाजायज ? 
विज्ञापन


बरेलवी उलमा ने इस सवाल का जवाब फतवे के रूप में दिया है। इसमें कहा है कि इस्लाम के मानने वालों को हमेशा ये ख्याल रखना चाहिए कि इस्लाम ने उन्हें जीने का एक तरीका दिया है, जो काफी शानदार है। उनके मजहब ने मुसलमान जाहिर होने के लिए कुछ निशानियां व पहचान भी दी हुई हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

'इस्लाम में यह सब जायज नहीं'

उन्होंने कहा कि माथे पर टीका लगाने, हाथ में कड़ा पहनने, और लाल धागा बंधने, औरतों की मांग में सिन्दूर लगाना आदि की इजाजत नहीं है। ये सब मुसलमानों पर जायज नहीं है। अगर फिर भी कोई मुस्लिम इनका इस्तेमाल करता है तो वो इस्लाम और अपने मुसलमान होने की पहचान को छिपा रहा है, जोकि पूरी तरह से नाजायज व हराम है।

उन्होंने कहा कि इस्लाम में टीका लगाने, जुन्नार बांधने और चोटी रखने वाले को शरीयत ने सख्ती के साथ गुनाहे कबीरा माना है। जो मुस्लिम लड़के अपनी इस्लामिक पहचान छिपाने की नियत से और दूसरे मजहब की लड़कियों के साथ शादी करने की नीयत से ये सब प्रपंच रचते हैं, वो इस्लाम से निकल जाने के करीब हो जाते हैं।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed