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बरेलीः सोचा था खुलेगा पूरा बाजार मगर व्यापारियों को मिली मायूसी
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जिला अस्पताल रोड पर लगी लोगों की भीड़।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
बरेली। अनलॉक -1 सोमवार से प्रस्तावित है। केंद्र सरकार ने इसकी गाइडलाइन भी जारी कर दी है। व्यापारियों को उम्मीद थी कि पूरा बाजार खोलने के निर्देश जारी किए जाएंगे मगर उन्हें मायूसी हाथ लगी है। हालांकि राज्य सरकार की गाइड लाइन आनी अभी बाकी है। व्यापारी का कहना है कि भीड़ वाले बाजारों के लिए ठोस रणनीति बने और ग्राहकों की सुविधा के लिए हर दिन दुकानें खुलनी चाहिए। लॉकडाउन में प्रभावित व्यापारियों के लिए राहत पैकेज भी जारी हो। बंद प्रतिष्ठानों का बिजली सरचार्ज और ब्याज माफ जरूरी है। इससे आर्थिक गतिविधियां बढ़ेगी और सरकार को राजस्व मिलेगा साथ ही व्यापारियों को हुआ नुकसान में कमी आएगी।
120 दिन से लॉकडाउन की मार झेल रहा बाजार और व्यापारी मुश्किल में हैं। हालांकि धीरे-धीरे बाजार खुलने कुछ मदद जरूर मिली है लेकिन नुकसान की भरपाई आसान नहीं है। लॉकडाउन-5 में भी सिनेमा और पर्यटन आदि क्षेत्र खोलने के लिए अभी कुछ नहीं कहा गया है। इस सेक्टर के कारोबारियों को अभी तक निराशा ही हाथ लगी है। शॉपिंग माल, होटल, रेस्टोरेंट चरणबद्ध तरीके से खोलने के लिए कहा गया है।इस क्षेत्र के उद्यमी कहते हैं कि अभी स्थिति सामान्य होने में कई माह लग सकते हैं।
गौरी शंकर, उपायुक्त (प्रशासन) जीएसटी
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120 दिन से लॉकडाउन की मार झेल रहा बाजार और व्यापारी मुश्किल में हैं। हालांकि धीरे-धीरे बाजार खुलने कुछ मदद जरूर मिली है लेकिन नुकसान की भरपाई आसान नहीं है। लॉकडाउन-5 में भी सिनेमा और पर्यटन आदि क्षेत्र खोलने के लिए अभी कुछ नहीं कहा गया है। इस सेक्टर के कारोबारियों को अभी तक निराशा ही हाथ लगी है। शॉपिंग माल, होटल, रेस्टोरेंट चरणबद्ध तरीके से खोलने के लिए कहा गया है।इस क्षेत्र के उद्यमी कहते हैं कि अभी स्थिति सामान्य होने में कई माह लग सकते हैं।
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लॉकडाउन- 5 से बहुत उम्मीद थीं। व्यापार और कारोबार की टूटी कमर सही करने के लिए हर दिन बाजार खोलना जरूरी है। भीड़भीड़ वाले बाजारों के लिए अलग से कोई ठोस व्यवस्था लागू हो। - नरेंद्र गुप्ता पप्पू, गारमेंट कारोबारी
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इलेक्ट्रानिक्स और इलेक्ट्रिकल बाजार को बड़ा झटका लगा है। करोड़ों रुपये का सामान डंप हो गया है। गर्मी में बिकने वाले उपकरण बेंचने और खरीदने का समय ही कम मिला है। बाजार हर दिन खुलना चाहिए। - रजत खंडेलवाल, एसी डीलर
होटल, पर्यटन, रेस्त्रां कारोबार पूरी तरह चौपट हो गया है। लॉकडाउन-5 में कुछ संकेत दिए गए हैं। इससे कुछ मदद मिल सकती है। इस क्षेत्र में कार्यरत तादाद कारोबारी बैंक लोन की देनदारियों से परेशान हैं।- रौनक सिंह बग्गा, होटल व्यवसाय
शहर में जिन इलाकों में भीड़भीड़ नहीं वहां सभी बाजार हर दिन खुलना चाहिए। दो-तीन बाजारों में भीड़ ज्यादा रहती है, वहां पर कोई प्रभावी नीति बनायी जाए।- राकेश सेठी, हौजरी व्यापारी
लॉकडाउन-5 कई सुविधाएं देने और बाजार खोलने की बात कही गई है। अन्य राज्यों के जाने ओर आने पर रोक हट रही है। इससे दवा कारोबार मजबूत होगा क्योंकि तमाम जरूरी दवाएं पहुंचने में समस्याएं आ रही हैं।- किशोर कुमार, दवा कारोबारी
केंद्र ने लॉकडाउन-5 में कई सुविधाएं दी हैं। राज्य सरकार से इस पर दिशा-निर्देश से आना है। इन दिनों बाजार में लगातार अनियंत्रित भीड़ बढ़ती जा रही है। इसलिए हर दिन बाजार खोलने के साथ ही इस पर ध्यान देगा जरूरी है।- सुदेश अग्रवाल, व्यापारी नेता
सरकार लगातार व्यापार और व्यापारियों के लिए बेहतर काम कर रही है। लॉकडाउन-5 में भी व्यापारी हित में बाजार रोस्टर बनेगा। मौजूद रोस्टर में जो खामियां हैं वह दूर कराएंगे, सुझाव भी आए हैं। - पवन अरोरा, सदस्य व्यापार कल्याण बोर्ड-----
राजस्व काफी गिरा है
बाजार नहीं खुलने भसे जीएसटी राजस्व प्रभावित हुआ है। लॉकडाउन-5 में नए सेक्टर खोलने पर दिशा-निर्देश जारी हुए हैं। उम्मीद है कि राजस्व प्राप्तियां भी ज्यादा होंगी।गौरी शंकर, उपायुक्त (प्रशासन) जीएसटी