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जिंदा जले दंपती और बच्चे: हादसे की लकीर पीटती पुलिस हत्या के आरोप पर उलझी, परिवार ने 'खाकी' की थ्योरी को नकारा
Mon, 29 Jan 2024 11:47 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 29 Jan 2024 11:47 AM IST
सार
बरेली से दिल दहलाने वाली खबर सामने आई है। यहां सदिग्ध हालत में हलवाई और उसके परिवार की जलकर मौत हो गई। हादसे में पति-पत्नी और तीन बच्चों की मौत हुई है। जिस कमरे में परिवार था, उस कमरे में बाहर ताला लगा था।
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Bareilly fire news
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सुबह से हादसे की लकीर पीट रही पुलिस हत्या के आरोप पर उलझ गई। दिनभर खामोश रहे परिजनों पर शाम को अजय के ससुरालवालों ने निशाना साधा तो उन्होंने भी हत्या का आरोप लगाते हुए सीबीआई जांच की मांग की। इस वजह से चार घंटे हंगामा हुआ।
शवों का अंतिम संस्कार रुका रहा। पुलिस ने तहरीर मांगी तो परिजन मान गए और अंत्येष्टि कर दी। अजय समेत पांचों मृतकों के शव शाम पांच बजे घर लाए गए। इससे पहले अजय के पिता व परिजन अंतिम संस्कार की तैयारी कर चुके थे। इसी बीच भमोरा के राजूपुर गांव से आए अजय के ससुरालवालों ने विरोध किया कि यह हत्या का मामला है। इसमें उन्हें सीबीआई जांच करानी है।
इन लोगों ने पुलिस की थ्योरी को नकारते हुए अजय के पिता व भाई को ही कठघरे में खड़ा कर दिया। कहा कि दो साल पहले ही अजय का अपने भाई से विवाद हुआ था। आशंका जताई कि उन लोगों की भी घटना में साजिश हो सकती है।
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आरोपों पर अजय के पिता सुरेश बाबू ने भी पुलिस से कहा कि उन्हें हत्या का शक है। वह चाहते हैं कि सीबीआई या किसी भी एजेंसी से जांच करा ली जाए। तब इंस्पेक्टर ने इन लोगों को समझाया कि वह पहले रिपोर्ट दर्ज कराएं, इसके बाद शासन स्तर से सीबीआई या किसी अन्य जांच की मांग कर सकते हैं।
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शवों का अंतिम संस्कार रुका रहा। पुलिस ने तहरीर मांगी तो परिजन मान गए और अंत्येष्टि कर दी। अजय समेत पांचों मृतकों के शव शाम पांच बजे घर लाए गए। इससे पहले अजय के पिता व परिजन अंतिम संस्कार की तैयारी कर चुके थे। इसी बीच भमोरा के राजूपुर गांव से आए अजय के ससुरालवालों ने विरोध किया कि यह हत्या का मामला है। इसमें उन्हें सीबीआई जांच करानी है।
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इन लोगों ने पुलिस की थ्योरी को नकारते हुए अजय के पिता व भाई को ही कठघरे में खड़ा कर दिया। कहा कि दो साल पहले ही अजय का अपने भाई से विवाद हुआ था। आशंका जताई कि उन लोगों की भी घटना में साजिश हो सकती है।
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आरोपों पर अजय के पिता सुरेश बाबू ने भी पुलिस से कहा कि उन्हें हत्या का शक है। वह चाहते हैं कि सीबीआई या किसी भी एजेंसी से जांच करा ली जाए। तब इंस्पेक्टर ने इन लोगों को समझाया कि वह पहले रिपोर्ट दर्ज कराएं, इसके बाद शासन स्तर से सीबीआई या किसी अन्य जांच की मांग कर सकते हैं।
करीब चार घंटे तक तकरार और मान मनौव्वल के बाद दोनों पक्ष अंतिम संस्कार को मान गए। रात नौ बजे अंत्येष्टि शुरू हो सकी। साढ़े दस बजे तक एसपी देहात और सीओ फरीदपुर मौके पर रहे।
दंपती की एक ही चिता पर हुई अंत्येष्टि
फर्रखपुर नई बस्ती के श्मशान में रात नौ बजे अजय व उनकी पत्नी का एक ही चिता पर लिटाकर अंतिम संस्कार किया गया। वहीं, तीनों बच्चों को इसी श्मशान में एक ही जगह दफना दिया गया।
फर्रखपुर नई बस्ती के श्मशान में रात नौ बजे अजय व उनकी पत्नी का एक ही चिता पर लिटाकर अंतिम संस्कार किया गया। वहीं, तीनों बच्चों को इसी श्मशान में एक ही जगह दफना दिया गया।
जांच पूरी होने तक पुलिस ने बंद किया मकान
घटनास्थल पर जांच पड़ताल पूरी करने तक पुलिस ने मकान बंद कर दिया है। रविवार शाम चार बजे दोबारा से घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम जांच करने पहुंची। बाइकों के कटे पाइप भी चेक किए। पाया कि दो बाइक लंबे समय से खड़ी हैं और धूल जमी है। घटनास्थल पर साक्ष्य में छेड़छाड़ न हो और सबूत न मिट जाएं, इसलिए पुलिस ने मकान को ताला बंद कर दिया।
घटनास्थल पर जांच पड़ताल पूरी करने तक पुलिस ने मकान बंद कर दिया है। रविवार शाम चार बजे दोबारा से घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम जांच करने पहुंची। बाइकों के कटे पाइप भी चेक किए। पाया कि दो बाइक लंबे समय से खड़ी हैं और धूल जमी है। घटनास्थल पर साक्ष्य में छेड़छाड़ न हो और सबूत न मिट जाएं, इसलिए पुलिस ने मकान को ताला बंद कर दिया।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से लेकर स्थलीय जांच तक अग्निकांड से मौत के साक्ष्य मिले हैं। परिजनों ने कोई दुश्मनी नहीं बताई है न किसी पर संदेह जताया है। बाइकों के पेट्रोल पाइप काटने का शिगूफा भी शाम को छोड़ा गया है। परिवार से कहा गया है कि वह जो भी रिपोर्ट कराना चाहें, तहरीर दे दें, उसी के मुताबिक रिपोर्ट लिख ली जाएगी। - मुकेश चंद्र मिश्रा, एसपी देहात
पुलिस ने खारिज किया तर्क
बाइकों की पेट्रोल टंकी खाली होने व पाइप कटे होने के तर्क को पुलिस ने खारिज कर दिया। कहा कि दिन में जब अग्निशमन व फॉरेंसिक टीम समेत अधिकारियों ने जांच की तो इस तरह की स्थिति नहीं थी। शाम को अचानक यह बात जोरशोर से प्रचारित की जा रही है।
बाइकों की पेट्रोल टंकी खाली होने व पाइप कटे होने के तर्क को पुलिस ने खारिज कर दिया। कहा कि दिन में जब अग्निशमन व फॉरेंसिक टीम समेत अधिकारियों ने जांच की तो इस तरह की स्थिति नहीं थी। शाम को अचानक यह बात जोरशोर से प्रचारित की जा रही है।
बताया कि न तो कमरे में और न ही शवों पर पेट्रोल की गंध के निशान मिले। पोस्टमॉर्टम में भी पेट्रोल से जलकर मौत का संकेत नहीं मिला। यह शरारती तत्वों की हरकत है। एसएसपी ने यह भी तर्क दिया कि पेट्रोल डालते या आग लगाते समय लोग बचने को भाग सकते थे और इस स्थिति में उनके शव गेट के पास मिलते, जबकि सभी शव वहीं मिले जहां वह सो रहे थे।