फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Bareilly elections: No inflation, no unemployment... Somewhere free ration and somewhere Modi-Yogi heavy

बरेली चुनावः महंगाई न बेरोजगारी... कहीं मुफ्त राशन तो कहीं मोदी-योगी भारी

Tue, 15 Feb 2022 02:12 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 15 Feb 2022 02:12 AM IST
विज्ञापन
Bareilly elections: No inflation, no unemployment... Somewhere free ration and somewhere Modi-Yogi heavy
बरेली। चुनाव की घोषणा होते ही महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दे जो सियासी फिजां में गूंजने शुरू हो गए थे, उनका सोमवार को मतदान के दौरान कोई असर नहीं दिखा। इसके उलट हिंदुत्व, प्रत्याशी की जाति और मुफ्त राशन जैसी सरकारी योजनाओं का जादू मतदाताओं के सिर चढ़कर बोलता दिखा। मोदी और योगी के नाम पर भी जमकर मतदान हुआ। कुछ जगह प्रत्याशियों से नाराजगी की वजह से जरूर मतदाता भाजपा से बिदकते दिखाई दिए।
विज्ञापन

भाजपा को वोट देने के लिए पोलिंग बूथों पर लंबी कतारों में खड़े मतदाताओं ने अपने फैसले के पीछे किसान सम्मान निधि, मुफ्त राशन, ई श्रम कार्ड जैसी कई योजनाओं के नाम गिनाए। महंगाई और बेरोजगारी पर सवाल पूछे गए तो ज्यादातर मतदाताओं ने गोलमोल जवाब दिए या फिर सीधे-सीधे यह कहकर भाजपा का बचाव कर लिया कि इसमें सरकार भला क्या करे। कई जगह मतदाताओं ने योगी सरकार में अपराधों में आई कमी को भी भाजपा को वोट देने का कारण बताया।
विज्ञापन

फरीदपुर के गांव नवादा में रामवीर सिंह ने बताया कि वह अपना वोट मोदी-योगी के नाम पर दे रहे हैं। हालांकि स्थानीय विधायक से वह नाराज भी दिखे, बोले- पिछली बार भी वोट दिया था लेकिन चुनाव जीतने के बाद पूरे पांच साल गांव नहीं आए लेकिन सरकार ने गरीबों के लिए बहुत सारी योजनाएं चलाई हैं। जाटव और मुस्लिम आबादी के गांव में ज्यादातर लोग जाति के नाम पर वोट करते दिखे।
विज्ञापन
विज्ञापन

बल्लिया गांव में आबिद अली बोले- सरकार का नमक खाया है। तीन महीने से मुफ्त राशन मिल रहा है तो उसे हलाल भी करना पड़ेगा। इसी बीच उनके परिवार की एक महिला सदस्य पहुंचीं तो बताने लगे कि वह भी उनके कहे बिना ही भाजपा को वोट देने जा रही हैं। आंवला के गांव रमनगला में रामनिवास ने बताया कि वह मजदूर हैं। हाल ही में उनके खाते में मजदूर योजना के पांच सौ रुपये आए हैं। उनकी तरह ही गांव के तमाम लोगों को ये पैसा मिला है। सरकार लोगों के लिए इतना कर रही है तो वे बदलाव क्यों करेंगे।
प्रत्याशी बदलने का नहीं दिखा असर : बिथरी चैनपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक राजेश मिश्रा उर्फ पप्पू भरतौल का टिकट काटकर भाजपा ने डॉ. राघवेंद्र शर्मा को प्रत्याशी बनाया तो इसका काफी विरोध भी हुआ लेकिन मतदान के दौरान इसका कोई असर नजर नहीं आया। लोग मोदी-योगी और योजनाओं के नाम पर लोग भाजपा के पक्ष में मतदान करने की बात कहते सुनाई दिए। कैंट विधानसभा में मौजूदा विधायक एवं भाजपा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष राजेश अग्रवाल का टिकट काटकर संजीव अग्रवाल को प्रत्याशी बनाया गया। मगर यहां भी संजीव का कहीं विरोध नजर नहीं आया।
घोषणा पत्र में किए वादों का वोटरों को ख्याल तक नहीं : सपा ने अपने घोषणा पत्र 300 यूनिट मुफ्त बिजली, गरीबों को एक लीटर पेट्रोल मुफ्त, किसानों को सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली, किसानों के लिए ब्याज मुक्त ऋण, सांड़ के हमले से मरने वालों को मुआवजा जैसी आम जनमानस से जुड़े वादे किए। कांग्रेस ने किसानों की कर्जा माफी, बिजली बिल आधा, लड़कियों को स्कूटी व स्मार्टफोन, कोरोना काल का बिजली बिल माफ, हर तीन साल में दो गैस सिलिंडर मुफ्त जैसे कई वादे किए थे।

महिलाओं को आरक्षण देने की भी बात कही थी लेकिन गांव-देहात में इन योजनाओं पर लोग बात करते नजर नहीं आए। बसपा अपना घोषणापत्र जारी करने के बजाय अन्य दलों को निशाने पर लिए रही। मगर कैडर वोट को छोड़कर इसका कोई खास नजर नहीं आया। स्थानीय चेहरे जरूर बसपा का वोट बैंक बढ़ाते नजर आए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed