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बरेली कॉलेज- छात्रा का मजाक उड़ाया था या नहीं एसोसिएट प्रोफेसर आज देंगे जवाब
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बरेली। बरेली कॉलेज के समाजशास्त्र विभाग में छात्रा का उपहास करने और मोबाइल फोन तोड़ने के आरोपों पर एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. उमाचरन गंगवार सोमवार को अपना जवाब प्राचार्य डॉ. अजय कुमार शर्मा को सौंपेंगे। माना जा रहा है कि उनके जवाब के साथ ही नियमविरुद्ध एडमिशन लेने के चलते छात्रा की मुश्किलें बढ़ना भी तय है।
बरेली कॉलेज के समाजशास्त्र विभाग में एमए प्रथम वर्ष की एक छात्रा 18 सितंबर को पहली बार कक्षा में पहुंची थी। छात्रा का आरोप है कि इस दौरान कक्षा में पढ़ा रहे एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. उमाचरन गंगवार ने उसका सार्वजनिक रूप से उपहास किया और छात्र-छात्राओं से तालियां बजवाईं। आरोप है कि इस दौरान एसोसिएट प्रोफेसर ने उसका मोबाइल फोन लेकर तोड़ दिया। इसकी लिखित शिकायत के बाद प्राचार्य ने डॉ. उमाचरन गंगवार से सोमवार तक स्पष्टीकरण देने को कहा है। वहीं, इस विवाद के बाद छात्रा के एडमिशन को लेकर मामले में नया मोड़ आ गया है। छात्रा ने पिछले साल एमए की पढ़ाई प्राइवेट रूप से की थी और इस बार संस्थागत छात्रा के तौर पर बरेली कॉलेज में एडमिशन ले लिया, जो नियमविरुद्ध है। आसार हैं कि अपने जवाब में डॉ. उमाचरन गंगवार छात्रा के एडमिशन से संबंधित गड़बड़ी का भी खुलासा कर सकते हैं। ऐसे में छात्रा के एडमिशन पर भी तलवार लटक सकती है लेकिन यह एडमिशन किन परिस्थितियों में दिया गया, प्रवेश समिति को भी इस पर जवाब देना पड़ेगा।
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बरेली कॉलेज के समाजशास्त्र विभाग में एमए प्रथम वर्ष की एक छात्रा 18 सितंबर को पहली बार कक्षा में पहुंची थी। छात्रा का आरोप है कि इस दौरान कक्षा में पढ़ा रहे एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. उमाचरन गंगवार ने उसका सार्वजनिक रूप से उपहास किया और छात्र-छात्राओं से तालियां बजवाईं। आरोप है कि इस दौरान एसोसिएट प्रोफेसर ने उसका मोबाइल फोन लेकर तोड़ दिया। इसकी लिखित शिकायत के बाद प्राचार्य ने डॉ. उमाचरन गंगवार से सोमवार तक स्पष्टीकरण देने को कहा है। वहीं, इस विवाद के बाद छात्रा के एडमिशन को लेकर मामले में नया मोड़ आ गया है। छात्रा ने पिछले साल एमए की पढ़ाई प्राइवेट रूप से की थी और इस बार संस्थागत छात्रा के तौर पर बरेली कॉलेज में एडमिशन ले लिया, जो नियमविरुद्ध है। आसार हैं कि अपने जवाब में डॉ. उमाचरन गंगवार छात्रा के एडमिशन से संबंधित गड़बड़ी का भी खुलासा कर सकते हैं। ऐसे में छात्रा के एडमिशन पर भी तलवार लटक सकती है लेकिन यह एडमिशन किन परिस्थितियों में दिया गया, प्रवेश समिति को भी इस पर जवाब देना पड़ेगा।
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