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बरेली कॉलेज की दूसरी प्रोफेसर सीओ के सामने फफककर रोईं
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बरेली। स्टेशन रोड पर एक होटल के सामने रखे जेनरेटर को हटाने की जद्दोजहद के चलते जानलेवा हमले के केस में फंसी बरेली कॉलेज में सैन्य अध्ययन विषय की प्रोफेसर नीरज अस्थाना बुधवार को सीओ सिटी के दफ्तर पहुंचकर फफककर रोने लगीं। आरोप लगाया कि दूसरा पक्ष जेसीबी और कटर लेकर खुद जेनरेटर हटा रहा है। सीओ ने दूसरे पक्ष को भी बुलाकर फिलहाल जेनरेटर हटाने से रोक दिया।
प्रो. अस्थाना के भाई श्वेतांक का जंक्शन रोड पर होटल है। इसके बाहर रखे जेनरेटर को लेकर पड़ोसी सलिल खंडेलवाल से उनका मुकदमा चल रहा है। हाल ही में एक ठेकेदार राजाराम ने श्वेतांक से विवाद होने के बाद उन पर जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज कराकर प्रोफेसर को भी नामजद कर दिया। इससे प्रोफेसर परेशान थी हीं, बुधवार दोपहर सिटी मजिस्ट्रेट के पुराने आदेश का हवाला देकर दूसरे पक्ष ने जेनरेटर हटाने को जेसीबी और कटर मंगा लिया तो और असहज हो गईं। सीओ सिटी अशोक कुमार के दफ्तर पहुंचकर रोने लगीं। सूचना पर कोतवाल गीतेश कपिल और मीडियाकर्मी भी पहुंच गए। प्रोफेसर ने कहा कि उनके साथ ज्यादती हो रही है। सीओ ने दूसरे पक्ष को भी बुलाकर फिलहाल जेनरेटर हटाने पर रोक लगा दी।
दोनों पक्ष अपने दावों के पक्ष में प्रमाण दे रहे हैं। कोतवाल को विधिक राय लेने के निर्देश दिए हैं। फौजदारी मामले में पुलिस अपनी जांच और साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करेगी। - अशोक कुमार सिंह, सीओ सिटी
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ठेकेदार से कोई विवाद नहीं था। कुछ लोगों ने उसे उकसाकर रिपोर्ट लिखा दी। इसके बाद स्टे के आधार पर जेनरेटर को हटाने की साजिश की गई। परेशान थी, इसलिए आंसू छलक गए। - प्रो. नीरज अस्थाना
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प्रो. अस्थाना के भाई श्वेतांक का जंक्शन रोड पर होटल है। इसके बाहर रखे जेनरेटर को लेकर पड़ोसी सलिल खंडेलवाल से उनका मुकदमा चल रहा है। हाल ही में एक ठेकेदार राजाराम ने श्वेतांक से विवाद होने के बाद उन पर जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज कराकर प्रोफेसर को भी नामजद कर दिया। इससे प्रोफेसर परेशान थी हीं, बुधवार दोपहर सिटी मजिस्ट्रेट के पुराने आदेश का हवाला देकर दूसरे पक्ष ने जेनरेटर हटाने को जेसीबी और कटर मंगा लिया तो और असहज हो गईं। सीओ सिटी अशोक कुमार के दफ्तर पहुंचकर रोने लगीं। सूचना पर कोतवाल गीतेश कपिल और मीडियाकर्मी भी पहुंच गए। प्रोफेसर ने कहा कि उनके साथ ज्यादती हो रही है। सीओ ने दूसरे पक्ष को भी बुलाकर फिलहाल जेनरेटर हटाने पर रोक लगा दी।
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दोनों पक्ष अपने दावों के पक्ष में प्रमाण दे रहे हैं। कोतवाल को विधिक राय लेने के निर्देश दिए हैं। फौजदारी मामले में पुलिस अपनी जांच और साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करेगी। - अशोक कुमार सिंह, सीओ सिटी
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ठेकेदार से कोई विवाद नहीं था। कुछ लोगों ने उसे उकसाकर रिपोर्ट लिखा दी। इसके बाद स्टे के आधार पर जेनरेटर को हटाने की साजिश की गई। परेशान थी, इसलिए आंसू छलक गए। - प्रो. नीरज अस्थाना