12 घंटे बाद हुआ चमत्कार: बेड पर सो रहे युवक को कोबरा ने डसा, पिता की बहादुरी से बची बेटे की जान
युवक की चीख सुनकर पिता नरेंद्र सिंह कमरे में पहुंचे तो देखा कि एक सांप बेड पर फन फैलाए बैठा हुआ था। उन्होंने किसी तरह हिम्मत जुटाकर सांप को पकड़ लिया और एक कट्टे में बंद कर दिया।
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बरेली के थाना शीशगढ़ क्षेत्र के गांव सियाठेरी में रविवार रात घर में बेड पर सो रहे एक युवक को सांप ने डस लिया। सांप के काटते ही युवक की चीख निकल गई। आवाज सुनकर परिजन कमरे में पहुंचे तो बेड पर सांप देखकर उनके होश उड़ गए। आनन-फानन परिजन युवक को उपचार के लिए बिलासपुर क्षेत्र के गांव जोसफनगर ले गए। वहां समय पर उपचार मिलने से युवक की जान बच गई। करीब 12 घंटे बाद युवक को होश आया तो परिजनों ने राहत की सांस ली।
हाथ में दो जगह सांप ने डसा था
गांव सियाठेरी निवासी नरेंद्र सिंह शोलंकी ने बताया कि रविवार रात करीब साढ़े दस बजे उनका 26 वर्षीय बेटा प्रशांत सिंह शोलंकी घर के कमरे में बेड पर सो रहा था। इसी दौरान अचानक कहीं से एक सांप बेड पर चढ़ आया और उसके सीने के पास पहुंच गया। सांप की फुंकार सुनकर प्रशांत की आंख खुल गई। उसने सांप से बचने का प्रयास किया तो सांप ने उसके हाथ में दो जगह काट लिया। इसके बाद वह जोर-जोर से चीखने लगा।
12 घंटे बाद आया प्रशांत को होश
युवक की चीख सुनकर पिता नरेंद्र सिंह कमरे में पहुंचे तो देखा कि एक सांप बेड पर फन फैलाए बैठा हुआ था। उन्होंने किसी तरह हिम्मत जुटाकर सांप को पकड़ लिया और एक कट्टे में बंद कर दिया। इसके बाद बिना देर किए घायल बेटे को लेकर बिलासपुर क्षेत्र के गांव जोसफनगर पहुंचे, जहां डॉक्टर ने उसका उपचार शुरू किया। परिजनों के अनुसार डॉक्टर ने युवक को कई इंजेक्शन और दवाइयां दीं। उपचार के दौरान करीब 12 घंटे बाद प्रशांत को होश आया।
डॉक्टर बोले- ये तो कोबरा है
पिता ने बताया कि डॉक्टर ने सांप को देखकर उसे कोबरा प्रजाति का बताया। बाद में सांप को जंगल में छोड़ दिया गया। बेटे को होश आने और उसकी हालत में सुधार होने पर परिवार के लोगों ने राहत की सांस ली। परिजनों का कहना है कि यदि समय रहते युवक को उपचार नहीं मिलता तो बड़ा हादसा हो सकता था। समय पर अस्पताल पहुंचने और इलाज मिलने से युवक को मौत के मुंह से बाहर निकाल लिया गया।