किसानों की दिवाली न हो फीकी: केसर चीनी मिल को चेतावनी, भुगतान न करने पर होगी एफआईआर, सील होगी संपत्ति
बरेली जिले में किसानों के 162 करोड़ रुपये बकाया भुगतान न करने पर केसर चीनी मिल प्रबंधन को प्रशासन ने सख्त चेतावनी दी है। मिल प्रबंधन से स्पष्ट कहा गया है कि किसानों की दिवाली काली नहीं होनी चाहिए। मिल प्रबंधन को हर हाल में 18 से 20 करोड़ रुपये का इंतजाम कर भुगतान करने के निर्देश दिए गए।
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बरेली जिले में किसानों के 162 करोड़ रुपये का भुगतान न करने पर बहेड़ी की केसर चीनी मिल के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। सोमवार को एसडीएम बहेड़ी गोपाल शर्मा के नेतृत्व में प्रशासनिक अमला करीब तीन घंटे तक मिल परिसर में डटा रहा। टीम ने मिल के प्रशासनिक भवन से लेकर सीएमडी की कोठी, अफसरों के बंगले और कर्मचारी कॉलोनी तक का बारीकी से मुआयना कर संपत्तियों का मूल्यांकन किया।
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कार्रवाई के दौरान एसडीएम नवाबगंज सचिन यादव, जिला गन्ना अधिकारी दिलीप कुमार, सीओ अरुण कुमार सिंह, तहसीलदार वीरपाल सिंह, राजस्व टीम और भारी पुलिस बल मौजूद रहा। प्रशासनिक टीम एडमिन ब्लॉक को खाली कराकर सील करने और कुर्की की पूरी तैयारी से पहुंची थी।
वीडियो कॉल पर जुड़े सीएमडी, बोले - मिल चलाने में असमर्थ हूं
प्रशासन की टीम सीधे मिल के सीईओ शरद मिश्रा के केबिन में पहुंची। काफी देर तक चली बातचीत में मिल प्रबंधन ने कई योजनाएं गिनाईं, लेकिन प्रशासन संतुष्ट नहीं हुआ और मिल के सीएमडी हर्ष आर किलाचंद से बात कराने को कहा। वीडियो कॉल पर हुई बातचीत में सीएमडी हर्ष आर किलाचंद ने खुद स्वीकार किया कि वह मिल को चलाने में असमर्थ हैं। उन्होंने बताया कि मिल की बिक्री के लिए एक पार्टी से बातचीत अंतिम दौर में है जो 5 नवंबर तक फाइनल हो जाएगी, यदि बात नहीं बनी तो दूसरी पार्टी से 10 नवंबर तक सौदा तय होने की उम्मीद है।
जिला गन्ना अधिकारी दिलीप कुमार सैनी और एसडीएम नवाबगंज ने दो टूक कहा कि किसानों की दिवाली फीकी नहीं पड़नी चाहिए। मिल प्रबंधन को हर हाल में 18 से 20 करोड़ रुपये का इंतजाम कर भुगतान करने के निर्देश दिए गए। इस पर सीएमडी ने प्रयास करने का आश्वासन दिया, लेकिन यह भी साफ किया कि पूरा 162 करोड़ का भुगतान मिल बिकने के बाद ही हो सकेगा।
सीओ अरुण कुमार सिंह ने सीएमडी को चेतावनी दी कि यदि भुगतान नहीं हुआ तो कानून व्यवस्था बिगड़ सकती है। किसानों ने दिवाली के बाद हाईवे और रेल जाम का एलान कर रखा है। दिवाली से पहले आंशिक भुगतान होने से किसानों का आक्रोश कम होगा और स्थिति नियंत्रण में रहेगी।
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एसडीएम गोपाल शर्मा ने सीएमडी से कहा कि गन्ना विभाग ने मिल मालिक और प्रबंधन के खिलाफ पुलिस को तहरीर सौंप दी है। यदि 10 नवंबर तक भुगतान नहीं हुआ तो मुकदमा दर्ज करने के साथ ही प्रशासनिक भवन, सीएमडी की कोठी, अफसरों के बंगले, कर्मचारी आवास और मिल की समस्त जमीन को सील कर लाल झंडी लगाने के साथ नीलामी की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
मिल अफसर की बात पर भड़के एसडीएम
केसर चीनी मिल में निरीक्षण के दौरान प्रशासन और मिल प्रबंधन के बीच जमकर बहस हो गई। जब तहसीलदार वीरपाल सिंह सीलिंग की कार्रवाई, झंडी लगाने, परिसर तत्काल खाली करने की बात कह रहे थे, तो मिल के प्रशासनिक अधिकारी अंशुमान गर्ग ने कहा कि चीनी मिल यह प्रशासनिक भवन को सील करने के लिए प्रशासन लिख कर दे। इसी बात को लेकर दोनों में तीखी बहस शुरू हो गई। इस रवैये पर एसडीएम नवाबगंज सचिन यादव ने उन्हें आड़े हाथों लिया। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि तहसीलदार भी मजिस्ट्रेट होते हैं, उनसे बात करने की सभ्यता होनी चाहिए। मामला बढ़ता देख मिल के सीईओ शरद मिश्रा ने बीच-बचाव कर माफी मांग कर मामले को शांत कराया।
एसडीएम बहेड़ी गोपाल शर्मा ने बताया कि केसर चीनी मिल पर आरसी जारी है। पूरे परिसर का निरीक्षण किया। किसानों के 162 करोड़ रुपये बकाया हैं। मिल प्रबंधन को सात दिन में ठोस कदम उठाने को कहा है। दिवाली से पहले किसानों को कुछ भुगतान करना होगा। 17 नवंबर को 11 एकड़ से ज्यादा जमीन की नीलामी तय है। अगर 10 नवंबर तक भुगतान नहीं हुआ तो मिल, प्रशासनिक भवन, मिल के मालिक की कोठी सब कुछ सील होगा और एफआईआर भी दर्ज होगी।